21.9 C
Munich

जिसने बंगाल में SIR से ममता बनर्जी की उड़ाई थी नींद, सुवेंदु अधिकारी ने उसे सौंप दी बड़ी जिम्मेदारी

Must read


होमताजा खबरदेश

जिसने बंगाल में SIR से ममता की उड़ाई थी नींद, सुवेंदु ने उसे सौंपा खास काम

Last Updated:

सेवानिवृत्त IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता, जिन्होंने ECI के विशेष पर्यवेक्षक के तौर पर पश्चिम बंगाल में SIR को सफलतापूर्वक संचालित किया और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित किए, उन्हें मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है. नई सरकार द्वारा की गई यह पहली नियुक्ति बेहद रणनीतिक है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

रिटायर आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को सीएम का सलाहकार नियुक्त किया गया है. (फाइल फोटो)

कोलकाता. रिटायर आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया है. सत्ता परिवर्तन के बाद सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली सरकार की यह पहली बड़ी प्रशासनिक नियुक्ति मानी जा रही है, जिसे राजनीतिक और रणनीतिक नजरिए से बेहद अहम समझा जा रहा है. सुब्रत गुप्ता ने हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के विशेष पर्यवेक्षक (स्पेशल ऑब्जर्वर) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने राज्य में SIR प्रक्रिया के संचालन और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. ममता बनर्जी ने शुरू से ही एसआईआर प्रक्रिया का विरोध किया था.

चुनाव के दौरान संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर उनके काम की काफी चर्चा हुई. नई सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती और सिस्टम आधारित शासन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के दौरान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल बनाने वाले अधिकारी को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जोड़ना यह दर्शाता है कि नई सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहती है.

सूत्रों के मुताबिक, सुब्रत गुप्ता सरकार को प्रशासनिक सुधार, चुनावी वादों के क्रियान्वयन, नौकरशाही में समन्वय और संवेदनशील क्षेत्रों में नीति निर्माण को लेकर सलाह देंगे. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य के प्रशासनिक ढांचे में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. राजनीतिक हलकों में यह नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा और प्रशासनिक पक्षपात के आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहा है. ऐसे में नई सरकार का पहला संदेश साफ माना जा रहा है – सिस्टम पर मजबूत पकड़, प्रशासनिक अनुशासन और सख्त निगरानी.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article