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Cancer Early Detection News: डॉक्टरों के ताजा बयान के अनुसार अब कैंसर को शुरुआती स्टेज में ही डिटेक्ट करना संभव हो रहा है. डॉ नितेश रोहतगी ने कहा कि डीएनए की समझ और प्रिसिजन मेडिसिन के कारण इलाज ज्यादा सटीक हो गया है. इससे मरीजों के ठीक होने की संभावना बढ़ेगी और बीमारी के दोबारा लौटने का खतरा कम होगा. भारत में हर साल लाखों कैंसर केस सामने आते हैं, ऐसे में यह तकनीक बेहद अहम साबित हो सकती है. डॉक्टरों ने सस्ती और सुलभ इलाज पर भी जोर दिया है.
डॉक्टरों का दावा- DNA तकनीक से अब कैंसर की जल्दी पहचान संभव. (फाइल फोटो)
Cancer Early Detection: कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है, क्योंकि अक्सर यह बीमारी देर से पकड़ में आती है और तब तक इलाज मुश्किल हो जाता है. लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है. मेडिकल साइंस में तेजी से हो रहे बदलाव उम्मीद की एक नई किरण लेकर आए हैं. डॉक्टरों का कहना है कि अब कैंसर को शुरुआती स्टेज में ही पहचानना संभव हो रहा है, जिससे इलाज आसान होगा और मरीजों के ठीक होने की संभावना भी बढ़ेगी. डॉ नितेश रोहतगी ने साफ कहा है कि अब नई तकनीक की मदद से कैंसर को शुरुआती स्टेज में ही डिटेक्ट करना संभव हो रहा है. अगर बीमारी समय रहते पकड़ में आ जाए तो इलाज आसान हो जाता है और मरीज के ठीक होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है. डॉक्टरों का कहना है कि अब इलाज सिर्फ लक्षणों पर आधारित नहीं रहेगा, बल्कि कैंसर के डीएनए और उसकी जड़ों को समझकर किया जाएगा. यही बदलाव आने वाले समय में लाखों मरीजों की जिंदगी बचाने में मदद कर सकता है. इस बयान ने हेल्थ सेक्टर में एक नई उम्मीद जगा दी है.
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार कैंसर के इलाज में हो रहे इस बदलाव को लेकर डॉक्टरों ने साफ तौर पर कहा है कि ‘प्रिसिजन मेडिसिन’ यानी व्यक्तिगत इलाज अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. डॉ नितेश रोहतगी के अनुसार, ‘हम अब कैंसर के डीएनए को समझ रहे हैं, जिससे शुरुआती स्टेज में ही बीमारी का पता लगाया जा सकता है और इलाज बेहतर हो सकता है.’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में हर साल लाखों नए कैंसर केस सामने आते हैं. ऐसे में यह तकनीक न सिर्फ इलाज को प्रभावी बनाएगी, बल्कि बीमारी के दोबारा लौटने के खतरे को भी कम करेगी. डॉक्टरों का मानना है कि यह बदलाव कैंसर के इलाज की दिशा ही बदल देगा.
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