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आम के बागों का दुश्मन! पेड़ पर दिखे शहद जैसी बूंदे तो संभल जाएं वरना बर्बाद हो जाएगी फसल, ऐसे करें बचाव

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How to Protect Mango Crop: आम के बागों में इस समय एक ऐसा छोटा सा कीड़ा लगा है, जो आपकी साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिला सकता है. ‘मैंगो हॉपर’ नाम का यह कीट आम के फूलों और टहनियों का रस चूसकर उन्हें सुखा देता है, जिससे फसल में 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है. अगर आपके पेड़ों की पत्तियों पर शहद जैसा चिपचिपा पदार्थ जमा दिख रहा है, तो समझ लीजिए कि खतरा आपके बाग में घुस चुका है. आखिर कैसे एक मामूली सा दिखने वाला कीट फलों के राजा को बर्बाद कर रहा है और वो कौन सी दवा है जो आपके बाग को उजड़ने से बचा सकती है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट की सलाह जो इस सीजन में आपकी फसल को बचा सकती है.

शाहजहांपुर: गर्मियां आते ही फलों के राजा ‘आम’ का इंतज़ार हर किसी को रहता है, लेकिन इस बार आम की बागवानी करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है. आम की फसल पर ‘मैंगो हॉपर’ नामक कीट का हमला तेज़ी से देखा जा रहा है. यह छोटा सा कीट न केवल पेड़ों की रंगत बिगाड़ देता है, बल्कि आम के उत्पादन में 60 से 70 प्रतिशत तक गिरावट भी आ सकती है. समय रहते अगर इसका प्रबंधन नहीं किया गया, तो बागवानों को इस साल बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. यह कीट नरम टहनियों और फलों का रस चूसकर उन्हें सुखा देता है, जिससे फल समय से पहले ही झड़ जाते हैं.

कृषि एक्सपर्ट डॉ. महेश कुमार ने बताया कि मैंगो हॉपर आम की खेती के लिए सबसे बड़ा दुश्मन साबित होता है. उन्होंने बताया कि यह कीट टहनियों और छोटे फलों पर बैठकर उनका रस चूसता है, जिससे पेड़ अपनी ताकत खो देते हैं. इसकी पहचान बहुत आसान है, जिस पेड़ पर इसका हमला होता है, वहां पत्तियों और फलों पर एक चिपचिपा, लसदार पदार्थ जमा हो जाता है, जो बिल्कुल शहद की बूंदों जैसा दिखता है. एक्सपर्ट का कहना है कि किसान सतर्क रहें और कीट के लक्षण दिखते ही रोकथाम के उपाय शुरू करें, ताकि आम की उपज को बचाया जा सके.

मैंगो हॉपर कीट की पहचान और नुकसान
मैंगो हॉपर भूरे रंग का एक छोटा कीट होता है जो आम के बौर और फलों के आने के समय सबसे ज़्यादा सक्रिय होता है. यह कीट मुख्य रूप से नरम टहनियों और फूलों के गुच्छों का रस चूसता है. रस चूसने के कारण फल कुपोषण का शिकार हो जाते हैं और पेड़ से गिरना शुरू कर देते हैं. डॉ. महेश कुमार बताते हैं कि इसके द्वारा छोड़े गए चिपचिपे पदार्थ के कारण पत्तियों पर काली फफूंद जमने लगती है, जिससे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया बाधित होती है.

नियंत्रण के लिए प्रभावी दवाएं
इस घातक कीट से निपटने के लिए एक्सपर्ट ने विशेष कीटनाशक का छिड़काव की सलाह दी है. इमिडाक्लोप्रिड (Imidacloprid) का 0.3 ml प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना बेहद असरदार साबित होता है. इसके अलावा, थायोमेथोक्सम (Thiamethoxam) और लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन (Lambda-cyhalothrin) का घोल भी इस कीट को नियंत्रित करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है. इन कीटनाशकों के सही मात्रा में प्रयोग से मैंगो हॉपर के आतंक को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है.

छिड़काव का सही समय और सावधानी
कीटनाशक का असर पूरी तरह तब होता है जब उन्हें सही समय पर इस्तेमाल किया जाए. बागवानों को दोपहर की तेज़ धूप में कीटनाशकों के छिड़काव से बचना चाहिए. छिड़काव के लिए सुबह या शाम का समय सबसे उपयुक्त होता है. दोपहर में छिड़काव करने से दवा का असर कम हो जाता है और कीटों पर प्रभावी प्रहार नहीं हो पाता है. सही समय पर किया गया उपचार न केवल कीटों का खात्मा करता है, बल्कि पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचाता है.

उत्पादन बढ़ाने के अन्य सुझाव
डॉ. महेश कुमार का कहना है कि सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय बागों की साफ़-सफ़ाई पर भी ध्यान देना ज़रूरी है. पेड़ों के बीच पर्याप्त दूरी और धूप का पहुंचना कीटों के पनपने की संभावना को कम करता है. अगर किसान सही समय, सही दवा और उचित तकनीक का पालन करें, तो वे 60-70% तक होने वाले फसल नुकसान को रोक सकते हैं.

About the Author

Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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