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इंडिया ‘ए’ स्क्वाड में किस आईपीएल फ्रेंचाइजी का दबदबा? उभरती प्रतिभाओं की नई कहानी, बड़ी टीमों को करारा झटका

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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट का भविष्य हमेशा से ही उसकी मजबूत बेंच स्ट्रेंथ पर टिका रहा है, और यही वजह है कि जब भी इंडिया ‘ए’ टीम का ऐलान होता है, क्रिकेट प्रेमियों की नजरें सिर्फ खिलाड़ियों पर ही नहीं बल्कि उनके आईपीएल कनेक्शन पर भी टिक जाती हैं. श्रीलंका में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज़ के लिए घोषित इस युवा टीम में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जो आईपीएल में अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं.

दिलचस्प सवाल यह है कि आखिर किस आईपीएल टीम के सबसे ज्यादा खिलाड़ी इस स्क्वाड में जगह बनाने में सफल रहे हैं. अगर इस स्क्वाड को ध्यान से देखें तो साफ नजर आता है कि पंजाब, राजस्थान रॉयल्स (RR) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) का इस टीम में खासा प्रभाव दिखाई देता है.

पंजाब किंग्स के 4 खिलाड़ी 

आईपीएल 2026 लगातार 7 मैच जीतने वाली पंजाब के एक नही दो नहीं चार खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है. पंजाब के दोनों ओपनर प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह, सूर्यांश शेडगे और यश ठाकुर को टीम में जगह मिली है. इनमें से तीन बल्लेबाज तो लगभग हर मैच में खेलते नजर आए और प्रदर्शन भी शानदार रहा पर यश ठाकुर को इस सीजन में ज्यादा चांस नहीं मिला.

राजस्थान रॉयल्स के 3और दिल्ली के 2 खिलाड़ी

रियान पराग, जो इस टीम के उपकप्तान भी हैं, राजस्थान रॉयल्स के अहम खिलाड़ी हैं और पिछले कुछ सीज़न में उन्होंने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है. उनके अलावा वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी भी इसी फ्रेंचाइजी से जुड़े हुए हैं. तेज गेंदबाजी में युद्धवीर सिंह का नाम भी है.  वहीं दिल्ली कैपिटल्स की बात करें तो कुमार कुशाग्रा और विप्रज निगम इस टीम से आते हैं, जो बताता है कि फ्रेंचाइजी लगातार युवा टैलेंट को निखारने पर काम कर रही हैं.

मुंबई-चेन्नई के वर्चस्व को चुनौती

इस स्क्वाड में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) जैसी बड़ी फ्रेंचाइजियों की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम जरूर दिखती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनका योगदान कम है.  बल्कि इन टीमों का फोकस अक्सर अनुभव और बड़े मैच विनर्स पर रहता है, जबकि युवा खिलाड़ियों को उभरने के लिए ज्यादा मौके उन टीमों में मिलते हैं जो टैलेंट डेवलपमेंट पर जोर देती हैं. तिलक वर्मा जो टीम के कप्तान है वो मुंबई से है वहीं अंशुल कंबोज चेन्नई से है.

गुजरात के दो खिलाड़ी

यह ट्रेंड एक बड़ी बात की ओर इशारा करता है आईपीएल अब सिर्फ एक लीग नहीं रह गया है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन बन चुका है। यहां खेलने वाले युवा खिलाड़ी न सिर्फ बड़े मंच का अनुभव हासिल करते हैं, बल्कि दबाव में प्रदर्शन करना भी सीखते हैं, जो उन्हें इंडिया ‘ए’ और आगे चलकर टीम इंडिया के लिए तैयार करता है तभी गुजरात के निशांत संधू और अरशद खान टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे है.

लखनऊ और हैदराबाद के 1-1 खिलाड़ी

सुपर जायंट्स के धाकड़ बल्लेबाज आयुष बदोनी और सनराइजर्स के बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी टीम में जगह मिली है जो पिछले कुछ सालों से घरेलू क्रिकेट में अच्छा कर रहे है. अंत में कहा जा सकता है कि इंडिया ‘ए’ टीम में खिलाड़ियों का चयन सिर्फ उनके घरेलू प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि आईपीएल में उनकी भूमिका और प्रभाव पर भी निर्भर करता है और इस बार पंजाब और राजस्तान की टीम ने साबित कर दिया है कि युवा खिलाड़ियों को मौका देने की उनकी रणनीति उन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य का अहम हिस्सा बना रही है.



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