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‘ओवैसी भी भगवती के सामने हो जाएंगे नतमस्तक’, कुमार विश्वास ने AIMIM चीफ को क्यों दी इतिहास पढ़ने की सलाह

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Kumar Vishwas News : कुमार विश्वास ने भोजशाला के फैसले का स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, साहित्य और सनातन परंपराओं के लिए गौरव का क्षण बताया. पिछले दिनों मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर को मंदिर घोषित कर दिया. इस पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कवि कुमार विश्वास ने कहा, ‘ओवैसी से मेरा एक अनुरोध है. वे भारतीय सांस्कृतिक इतिहास भी पढ़ें और अपने कुलवंश का इतिहास भी पढ़ें. वे भी भगवती के सामने उसी प्रकार नतमस्तक होंगे, जैसे उनके परदादा के पिता नतमस्तक होते थे.’

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मथुरा. चर्चित राम कथावाचक कुमार विश्वास अपने परिवार के साथ शनिवार को वृंदावन पहुंचे. यहां उन्होंने साध्वी ऋतंभरा के आश्रम वात्सल्य ग्राम में स्थित संविद गुरुकुलम गर्ल्स सैनिकल में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कुमार विश्वास ने भोजशाला के फैसले का स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, साहित्य और सनातन परंपराओं के लिए गौरव का क्षण बताया. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर को मंदिर घोषित किए जाने पर कवि कुमार विश्वास ने कहा, ‘राम जन्मभूमि संघर्ष एक ऐसी परंपरा रही है, जिससे मैं अपने पारिवारिक विरासत के कारण बचपन से जुड़ा रहा हूं. देवी मां के दर्शन तब भी किए और यह दुर्भाग्य का विषय है, दुख का विषय है कि कितने वर्ष लगे, लेकिन कालांतर में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माध्यम से यह सुख प्राप्त हुआ और आज भगवान वहां अपने विग्रह में विराजमान हैं. उस लोकार्पण पर्व पर जब प्राकट्य पर्व हुआ, तब भी उपस्थिति हुई और लगातार जाने की होती है. आज भोजशाला का निर्णय आया है तो मन में दूना हर्ष है.’

इतना विद्वेष ठीक नहीं
भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कवि कुमार विश्वास ने कहा, ‘ओवैसी से मेरा एक अनुरोध है. वे सुशिक्षित व्यक्ति हैं. वे एक बैरिस्टर हैं, लोग ऐसा कहते हैं. हालांकि भाषा से कई बार नहीं लगता. मैं आशा करता हूं उनसे कि वे भारतीय सांस्कृतिक इतिहास भी पढ़ें और अपने कुलवंश का इतिहास भी पढ़ें, जिसमें चार पीढ़ी बाद ही उन्हें स्वयं के इसी परंपरा में खड़े होने का बोध प्राप्त हो जाएगा, तो वे भी भगवती के सामने उसी प्रकार नतमस्तक होंगे, जैसे उनके परदादा के पिता नतमस्तक होते थे. दो-तीन पीढ़ी पहले मतांतरण कर लेने के कारण इतना विद्वेष और इतनी प्रकार की घृणा फैलाना उचित नहीं है.’

‘प्रधानमंत्री खतरों से वाकिफ’
प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर कुमार विश्वास ने कहा, ‘प्रधानमंत्री विश्व के खतरों से भली-भांति परिचित हैं. यदि उन्होंने जनता से अपील की है, तो भारत के समग्र विकास के लिए उनकी अपील पर विचार किया जाना चाहिए. सत्ताधारी दल की कमियों को उजागर करना और उनके खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष का अधिकार है और उन्हें अपना कर्तव्य निभाते रहना चाहिए.’ साध्वी ऋतंभरा ने कहा, ‘भोजशाला के पक्ष में निर्णय आने से सनातनियों में हर्ष है. गुलामी के कालखंड के दौरान आक्रांताओं ने हमारे धार्मिक स्थानों पर कब्जा कर लिया था. अदालत ने बहुत ही सुखद फैसला सुनाया है. मां सरस्वती के आने का हमें पूरा विश्वास है. कोर्ट के आदेश का सरकार जरूर पालन करेगी. भगवती सरस्वती जल्द ही इंग्लैंड से आएं और गर्भ गृह में उनकी प्रतिष्ठा हों.’

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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