Success Story: नई दिल्ली के राजेंद्र नगर में 32 वर्षीय डॉ. बिभु आनंद बिस्वास ने साबित कर दिया है कि जिद और जूनून हो तो गांव की तंग गलियों से निकलकर अपना अस्पताल खड़ा करना भी मुमकिन है. बिहार के एक छोटे से गांव से पढ़ाई शुरू करने वाले डॉ. आनंद ने काठमांडू यूनिवर्सिटी के नोबेल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और गंगाराम इंस्टीट्यूट से डीएनबी मेडिसिन किया. दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट रहते हुए उन्होंने कोविड-19 के दौरान वैक्सीनेशन इंचार्ज की जिम्मेदारी संभाली. इसी सेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मान भी पाया. आज वह राजेंद्र नगर में 4 फ्लोर वाला ‘हीलिंग हैंड्स मल्टीस्पेशलिटी क्लिनिक’ चला रहे हैं. जहां ओपीडी, फार्मेसी और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा है. जल्द ही एंबुलेंस सेवा भी शुरू होगी. 88 स्क्वायर यार्ड में बने इस हॉस्पिटल में गरीब और कमजोर तबके को सस्ती इलाज सुविधा दी जाती है. डॉ. आनंद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मेडिकल विंग के प्रेसिडेंट और कई मेडिकल संगठनों से भी जुड़े हैं.


