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Varanasi News: ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के सचिव शैलेष त्रिपाठी ने बताया कि निर्माण कार्य 3 फेज में पूरा किया जाएगा. फिलहाल मंदिर का शिखर 36 फीट ऊंचा है. लेकिन जीर्णोद्धार के बाद इसकी ऊंचाई 108 फीट कर दी जाएगी, ताकि भक्त गंगा तट से ही जगन्नाथ मंदिर के शिखर के दर्शन कर सकें. कॉरिडोर में गुरुकुल, धर्मशाला, कौशल विकास केंद्र, औषधि केंद्र और पार्किंग सहित कई अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी. यहां एक सुंदर गार्डेन और कुंड भी बनाया जाएगा.
धर्म नगरी काशी में नाथों के नाथ बाबा विश्वनाथ के बाद अब जगन्नाथ कॉरिडोर का निर्माण भी होने जा रहा है. 220 साल से अधिक पुराने इस मंदिर का रूपांतरण जल्द ही नए स्वरूप में दिखेगा. मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियां पूरी कर ली है और 1 मई को शिलान्यास किया जाएगा. अगले 3 साल में कॉरिडोर के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. जगन्नाथ धाम में भी भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएंगे. गौरतलब है कि काशी स्थित जगन्नाथ मंदिर प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है.
ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के सचिव शैलेष त्रिपाठी ने बताया कि निर्माण कार्य 3 फेज में पूरा किया जाएगा. फिलहाल मंदिर का शिखर 36 फीट ऊंचा है. लेकिन जीर्णोद्धार के बाद इसकी ऊंचाई 108 फीट कर दी जाएगी, ताकि भक्त गंगा तट से ही जगन्नाथ मंदिर के शिखर के दर्शन कर सकें. कॉरिडोर में गुरुकुल, धर्मशाला, कौशल विकास केंद्र, औषधि केंद्र और पार्किंग सहित कई अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी. यहां एक सुंदर गार्डेन और कुंड भी बनाया जाएगा.
निर्माण पर खर्च होंगे 30 करोड़
धाम में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए धर्मशाला का निर्माण किया जाएगा. जहां दूर-दराज से आने वाले भक्त ठहर सकेंगे. इसके लिए उन्हें नाममात्र की कॉस्ट देनी होगी. काशी की परम्परा के अनुरूप यहां एक अन्नक्षेत्र भी बनाया जाएगा. जहां जरूरतमंदों को निशुल्क प्रसाद वितरित किया जाएगा. शुरुआती चरण में इसके निर्माण पर 30 करोड़ रुपये ट्रस्ट की ओर से खर्च किए जाएंगे. ट्रस्ट के सचिव के अनुसार, अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर यह निर्माण कार्य सरकारी नहीं, बल्कि आम जनता के सहयोग से पूरा किया जाएगा.
वर्ष 2029 तक तैयार हो जाएगा धाम
वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मंदिर का भव्य शिलान्यास होगा. कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती आधारशिला रखेंगे. इस अवसर पर काशी के विद्वान भी उपस्थित रहेंगे. शिलान्यास कार्यक्रम से पहले कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी और नगर भ्रमण करेंगी. शिलान्यास के बाद 3 साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है, यानी वर्ष 2029 तक यह धाम पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें


