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भारत के वो 5 दिग्गज, जिनके बेटों ने भी टीम इंडिया की जर्सी पहनकर पूरा किया पिता का सपना

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भारतीय क्रिकेट टीम में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं, जिनके बच्चे भी उनके नक्शे-कदम पर चले. इस में कई खिलाड़ियों को सफलता मिली और कुछ ऐसे अभागे रहे, जो मौका मिलने के बाद उसे नहीं भुना पाए. ऐसे में आइए जानते हैं भारतीय क्रिकेट टीम के ऐसे पांच बाप और बेटे की जोड़ियों के बारे में जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है.

भारतीय क्रिकेट टीम में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिनकी विरासत को उनके बच्चों ने भी आगे बढ़ाया. हालांकि, बहुत कम बाप-बेटों की ऐसी जोड़ी रही हैं, जिसने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया. भारतीय क्रिकेट में बाप-बेटों की ऐसी कुछ जोड़ियां हुई है जिसमें कुछ ने सफलता की बुलंदियों को छुआ तो कुछ ने मौके को गंवाया. आइए जानते हैं भारतीय क्रिकेट में ऐसे ही पांच बाप-बेटों की जोड़ियों के बारे में.

Mohindere amarnath

लाला अमरनाथ भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और आजाद भारत के पहले कप्तान थे. उन्होंने भारत के लिए पहला टेस्ट शतक जड़ा था. वे एक शानदार ऑलराउंडर थे जिन्होंने 24 टेस्ट में 878 रन बनाए और 45 विकेट लिए. उनके पुत्र मोहिंदर अमरनाथ (जिम्मी) को 1983 विश्व कप के हीरो के रूप में याद किया जाता है. मोहिंदर ने 69 टेस्ट में 4378 रन और 160 वनडे खेले. 1983 के फाइनल और सेमीफाइनल में वे मैन ऑफ द मैच रहे थे. उनकी बल्लेबाजी तकनीक और शॉर्ट-पिच गेंदों के खिलाफ साहस की दुनिया कायल थी.

Rohan Gavskar

सुनील गावस्कर दुनिया के महानतम सलामी बल्लेबाजों में से एक रहे हैं. वे टेस्ट क्रिकेट में 10000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी थे और लंबे समय तक 34 शतकों का उनका रिकॉर्ड अटूट रहा. उन्हें लिटिल मास्टर कहा जाता है. उनके बेटे रोहन गावस्कर ने भारत के लिए 11 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने एक अर्धशतक लगाया. हालांकि रोहन अपने पिता जैसी अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल नहीं कर सके, लेकिन वे घरेलू क्रिकेट के एक बड़े खिलाड़ी रहे और वर्तमान में एक सफल कमेंटेटर हैं.

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Sanjay manjrekar

विजय मांजरेकर अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी तकनीक और स्पिन के खिलाफ शानदार खेल के लिए जाने जाते थे. उन्होंने 55 टेस्ट में 3208 रन बनाए, जिसमें 7 शतक शामिल थे. उनके पुत्र संजय मांजरेकर ने भी अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया. संजय ने 37 टेस्ट और 74 वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने टेस्ट में 2043 रन बनाए, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी शानदार बल्लेबाजी आज भी याद की जाती है. संन्यास के बाद संजय अब दुनिया के जाने-माने क्रिकेट विश्लेषक और कमेंटेटर हैं.

Stuart

रॉजर बिन्नी 1983 विश्व कप विजेता टीम के प्रमुख गेंदबाज थे, जिन्होंने उस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा (18) विकेट लिए थे. वे एक शानदार मध्यम गति के गेंदबाज और उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज थे. उनके बेटे स्टुअर्ट बिन्नी भी एक ऑलराउंडर के रूप में टीम इंडिया में शामिल हुए. स्टुअर्ट के नाम वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़े 6 विकेट मात्र 4 रन देने का रिकॉर्ड है, जो उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था. रॉजर बिन्नी वर्तमान में बीसीसीआई के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

Yuvraj Singh

योगराज सिंह ने भारत के लिए 1 टेस्ट और 6 वनडे खेले, लेकिन चोट के कारण उनका करियर छोटा रहा. वे तेज गेंदबाज थे, लेकिन उनके बेटे युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर बने. युवराज 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप की जीत के सूत्रधार थे. 2011 विश्व कप में वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे. एक ओवर में 6 छक्के लगाने का कारनामा हो या कैंसर जैसी बीमारी को हराकर मैदान पर वापसी, युवराज का करियर प्रेरणादायक और उपलब्धियों से भरा रहा है.



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