9.4 C
Munich

दो घोड़ा व्यापारी के चलते अलाउद्दीन खिलजी ने कराई थी राजा नंद कुंवर की हत्या, सुल्तानपुर के थे शासक, जाने इतिहास

Must read


Last Updated:

Sultanpur history: सुल्तानपुर में मध्यकाल में भरो का राजवंश हुआ करता था, क्योंकि सुल्तानपुर पहले कुशपुर था और कुशभवनपुर का भर राजा नंद कुंवर था. कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी ने ही सुल्तानपुर के भर राजा नंद कुंवर की हत्या कराई थी. इसके पीछे की वजह घोड़े के दो व्यापारी थे, जिनका नाम सैय्यद महमूद और सैय्यद अलाउद्दीन था. राजा नंद कुंवर ने इन घोड़े के दो व्यापारियों की हत्या करवा दी थी और घोड़े भी छीन लिए थे.

ख़बरें फटाफट

सुल्तानपुरः ऐतिहासिक दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का सुल्तानपुर जिला काफी महत्वपूर्ण जिला माना जाता है. यहां पर भरों का शासन हुआ करता था. उन्हीं भरों में एक राजा नंदकुंवर थे जिनकी हत्या अलाउद्दीन खिलजी ने कर दी थी, लेकिन इस राजा की हत्या के पीछे की वजह दो घोड़े के व्यापारी बने थे. ऐसे में क्या कारण था कि दो घोड़े की व्यापारियों की वजह से सुल्तानपुर के राजा नंदकुंवर की हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद सुल्तानपुर में किस तरह के परिवर्तन देखने को मिले.

घोड़े के व्यापारी की वजह से हुई हत्या

सुल्तानपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि सुल्तानपुर में मध्यकाल में भरो का राजवंश हुआ करता था, क्योंकि सुल्तानपुर पहले कुशपुर था और कुशभवनपुर का भर राजा नंद कुंवर था. कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी ने ही सुल्तानपुर के भर राजा नंद कुंवर की हत्या कराई थी. इसके पीछे की वजह घोड़े के दो व्यापारी थे, जिनका नाम सैय्यद महमूद और सैय्यद अलाउद्दीन था. राजा नंद कुंवर ने इन घोड़े के दो व्यापारियों की हत्या करवा दी थी और घोड़े भी छीन लिए थे. यह किरमान के रहने वाले थे व्यापारियों की हत्या की सूचना जब दिल्ली सुल्तान को मिली तो उसने सेना की बड़ी टुकड़ी बदला लेने के लिए कुश भवनपुर भेजी जिसने करौंदिया के जंगल में गोमती नदी के दूसरे तट पर पड़ाव डाला और वहीं पर महीनो पड़ी रही. अंत में राजा नंद कुंवर को धोखे से मार दिया गया और तभी से कुशपुर या कुशभवनपुर का नाम भी बदलकर सुल्तानपुर रख दिया गया.

राजपूत के आने के बाद कमजोर हुई सत्ता

स्थानीय लोग बताते हैं कि सुल्तानपुर में मध्यकाल में भरों का शासन हुआ करता था लेकिन भरों की सत्ता राजपूत के आने के बाद कमजोर होती गई. पश्चिम की तरफ से जब राजपूत जाति के लोग यहां पर आए उन्होंने भर शासकों के यहां नौकरी की और सत्ता पर कब्जा कर लिया. सिर्फ राजपूत ही नहीं बल्कि मुगल बादशाहों ने भी भरों पर आक्रमण किया. सुल्तानपुर के इसौली के भर राजा को पराजित करने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने वैस राजपूत को यहां पर भेजा था. अलाउद्दीन खिलजी द्वारा सुल्तानपुर के राजा नंद कुंवर की हत्या करना सुल्तानपुर के इतिहास में एक परिवर्तनकारी घटना थी जिसने कुशभवनपुर से इस जिले को सुल्तानपुर कर दिया.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article