दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है. रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू के थपेड़े के बीच राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत दी है. पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के असर से राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम में यह बदलाव देखा गया. मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ घंटों के दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और कई जगह हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अलर्ट जारी किया है.
आईएमडी ने कहा है कि अगले दो घंटों के दौरान दिल्ली के कई हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा हरियाणा के झज्जर, चरखी दादरी, फरुखनगर, पलवल और सोहना जैसे इलाकों में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है.
पूसा में 81KM की रफ्तार से आंधी
मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में तेज रफ्तार हवाएं चलीं. सबसे ज्यादा असर पूसा इलाके में देखने को मिला, जहां हवा की अधिकतम रफ्तार 81 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई. वहीं पालम में हवाएं 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं, जबकि प्रगति मैदान इलाके में 35 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड रिकॉर्ड की गई.
तेज हवाओं के साथ उड़ती धूल का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा. पालम एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी में भारी गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, महज एक घंटे के भीतर दृश्यता 3500 मीटर से घटकर 1500 मीटर रह गई. धूल भरी आंधी के कारण कई इलाकों में आसमान धुंधला दिखाई दिया और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा.
गर्मी से थोड़ी राहत
हालांकि मौसम में इस बदलाव के बावजूद गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले छह दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है. शुक्रवार को तापमान में करीब 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन इसके बाद फिर तापमान बढ़ने का अनुमान है.
बीते 24 घंटे की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा है. वहीं न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री तक ऊपर रिकॉर्ड किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को दिनभर दक्षिण-पश्चिमी दिशा से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं, जबकि कुछ जगहों पर झोंकों की रफ्तार 33 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई. अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से इन हवाओं की रफ्तार और बढ़ सकती है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के पश्चिमी विक्षोभ गर्मी के मौसम में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश लेकर आते हैं. इससे कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट जरूर आती है, लेकिन लंबे समय तक राहत नहीं मिलती. आईएमडी ने लोगों को सलाह दी है कि तेज आंधी और गर्म हवाओं के दौरान सावधानी बरतें. खासतौर पर दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें.


