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रसपुरी आम अपनी मिठास, भरपूर रस और मलाईदार गूदे के लिए जाना जाता है. महाराष्ट्र के पुणे और रत्नागिरी समेत कई इलाकों में इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गोल आकार और रस से भरे स्वाद के कारण इस आम को ‘रसपुरी’ नाम दिया गया है.
आम का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में बाजार में अलग-अलग वैरायटी और नामों के आम देखने को मिल रहे हैं. इन्हीं में एक खास किस्म है रसपुरी आम, जो स्वाद में बेहद लाजवाब होता है. रसपुरी दक्षिण भारत में पाई जाने वाली आम की एक बेहद लोकप्रिय और रसीली किस्म है. यह अपने बेहतरीन स्वाद, भरपूर रस और मीठी सुगंध के लिए जानी जाती है. इसका नाम रसपुरी इसलिए पड़ा है, क्योंकि यह बहुत अधिक रसीली होती है और इसका गूदा मलाईदार व मीठा होता है.
यह है खासियत।*
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता ने बताया कि रसपुरी आम का नाम उसके स्वाद, आकार और गुणों के कारण पड़ा है. यह आम बहुत मीठा और बेहद रसीला होता है. ‘पुरी’ का मतलब इसकी गोल आकृति से है. इसका आकार छोटा से मध्यम होता है और पूरी तरह गोल दिखाई देने के कारण इसे रसपुरी कहा जाता है. इसका अर्थ रस से भरा गोला भी माना जाता है. उन्होंने बताया कि यह आम स्वाद में बेहद मीठा होता है और देखने में भी काफी आकर्षक लगता है. इसका फल छोटे से मध्यम आकार का होता है, जो लोगों को काफी पसंद आता है.
महाराष्ट्र में होता है सबसे ज्यादा उत्पादन
रसपुरी आम का सबसे ज्यादा उत्पादन महाराष्ट्र में होता है. पुणे, रत्नागिरी सहित कई क्षेत्रों में इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. हल्की बारिश और उपजाऊ मिट्टी में इसका उत्पादन अच्छा होता है. जिन क्षेत्रों में तापमान बहुत अधिक नहीं होता, वहां इसकी खेती आसानी से की जा सकती है.
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसान इसकी खेती कर अच्छी पैदावार और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. स्वाद में लाजवाब होने के कारण आम पसंद करने वाले लोग रसपुरी आम को भी काफी पसंद करते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


