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किसान का बेटा बना क्रिकेटर… फौजी बनने का था सपना, तकदीर ने बना दिया तेज गेंदबाज, मां ने जेवर गिरवी रख दिलाए जूते

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किसान का बेटा बना क्रिकेटर, मां ने जेवर गिरवी रख दिलाए थे जूते

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who is Sakib Hussain: बिहार के गोपालगंज से निकला एक ऐसा सितारा, जिसने गरीबी की बेड़ियों को अपनी रफ़्तार से तोड़ दिया. कभी पिता की चोट और तंगहाली के कारण सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले साकिब हुसैन के पास जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे. तब मां ने अपने गहने बेचकर बेटे के सपनों को उड़ान दी. आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए अपने डेब्यू मैच में ही 4 विकेट झटककर साकिब ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती.

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साकिब हुसैन के पिता किसान हैं.

नई दिल्ली. बिहार के गोपालगंज के एक छोटे से गांव से निकलकर आईपीएल की चकाचौंध भरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ना कोई आसान काम नहीं है. लेकिन साकिब हुसैन ने वह कर दिखाया जिसका सपना हर युवा क्रिकेटर देखता है. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए डेब्यू करते हुए साकिब ने 4 विकेट चटकाकर न केवल राजस्थान रॉयल्स की कमर तोड़ दी, बल्कि अपनी मेहनत और संघर्ष की एक ऐसी दास्तां लिखी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल है.साकिब की मां ने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए अपने गहने गिरवी रखे थे जो आज तक सुनार से नहीं छुड़ा पाईं. बेटे की कामयाबी पर घर में जश्न का माहौल है.

साकिब हुसैन (Sakib Hussain) का जन्म 2004 में एक बेहद साधारण परिवार में हुआ. पिता अली अहमद हुसैन ( Ali Ahmed Hussain) किसान थे, लेकिन घुटने की चोट ने उनसे उनका काम छीन लिया. घर की माली हालत बिगड़ी तो साकिब ने बचपन में ही जिम्मेदारी का अहसास कर लिया. वह कभी भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते थे. इसी तैयारी के लिए वह रोज मैदान पर दौड़ने जाते थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. दौड़ते-दौड़ते उनके हाथ में क्रिकेट की गेंद आ गई और उनकी कुदरती एथलेटिक क्षमता ने उन्हें एक तेज गेंदबाज बना दिया.

साकिब हुसैन के पिता किसान हैं.

मां के गहनों से सजा करियर का आधार
शुरुआती दिनों में साकिब के पास जूते तक खरीदने के पैसे नहीं थे. वह पास के इलाकों में टेनिस बॉल टूर्नामेंट खेलने जाते थे, जहां एक मैच के 500 से 1000 रुपये मिलते थे. इन पैसों से घर का चूल्हा जलता था. लेकिन लेदर बॉल क्रिकेट के लिए ‘स्पाइक्स’ (प्रोफेशनल जूते) जरूरी थे. जब घर में तंगी बढ़ी, तो मां सुबुक्तारा खातून ने एक बड़ा फैसला लिया. उन्होंने अपने गहने को गिरवी रखकर साकिब के लिए जूतों का इंतजाम किया. मां का यह बलिदान साकिब के दिल में आग की तरह दहक रहा था.उन्हें अब किसी भी हाल में सफल होना था.

ठुकराए गए, पर टूटे नहीं
साकिब की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि धैर्य की भी है. साल 2024 में कोलकाता नाइटराइडर्स ने ऑक्शन में उन्हें बेस प्राइस पर खरीदा. लेकिन पूरे सीजन उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा. उस दौरान साकिब ने महसूस किया कि 140 किमी/घंटा की रफ्तार काफी नहीं है. उन्होंने ठान लिया कि उन्हें 150 किमी/घंटा की दीवार तोड़नी है.साल 2025 में केकेआर ने उन्हें रिलीज कर दिया और 2025 की नीलामी में वह अनसोल्ड रहे. किसी भी खिलाड़ी के लिए यह मनोबल तोड़ने वाला पल होता है, लेकिन साकिब ने हार नहीं मानी.

वरुण आरोन की पारखी नजर और एसआरएच का साथ
जब दुनिया साकिब को भूल चुकी थी, तब पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वरुण आरोन एमआरएफ एकेडमी में उन पर नजर रखे हुए थे. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ साकिब की घातक गेंदबाजी ने सनराइजर्स हैदराबाद के मैनेजमेंट को प्रभावित किया. नतीजतन, आईपीएल 2026 की नीलामी में हैदराबाद ने उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया.

डेब्यू की रात जब चमक उठा गोपालगंज का लाल
साकिब के लिए आईपीएल का डेब्यू मैच ‘करो या मरो’ जैसी था. उन्होंने साथी डेब्यूडेंट प्रफुल्ल हिंगे के साथ मिलकर ऐसी आग उगली कि विपक्षी बल्लेबाज पस्त हो गए. साकिब ने अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 24 रन देकर 4 विकेट झटके. उनकी गेंदों में वही 150 किमी/घंटा वाली रफ्तार और वही मां के गहनों की कीमत चुकाने का जज्बा नजर आ रहा था. यह सिर्फ चार विकेट नहीं हैं, यह उन रातों का फल है जब साकिब खाली पेट सोए थे और उन आंसुओं का जवाब है जो उनकी मां ने गहने बेचते समय छुपाए थे.

साकिब हुसैन का नाम पूरे देश की जुबान पर है
आज जब साकिब हुसैन का नाम पूरे देश की जुबान पर है, तो यह याद रखना जरूरी है कि उनकी यह कामयाबी रातों-रात नहीं मिली. यह सालों की तपस्या, पिता की बेबसी को ताकत में बदलने का हुनर और एक मां के अटूट विश्वास की जीत है. साकिब ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो बिहार की मिट्टी से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े मंच पर तिरंगा लहराया जा सकता है.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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