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किस खतरनाक बीमारी से जूझ रहे थे विराट कोहली, अंदर से हो चुके थे खोखला, फिर फरिश्ता बनकर आए द्रविड़-राठौड़

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किस खतरनाक बीमारी से जूझ रहे थे विराट कोहली, अंदर से हो चुके थे खोखला, फिर…

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Virat Kohli imposter syndrome: विराट कोहली ने खुलासा किया है कि कप्तानी छोड़ने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गए थे. मुश्किल दौर से निकालने में उन्हें राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौड़ ने मदद की. कोहली ने इन दोनों का शुक्रिया अदा किया.

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विराट कोहली ने खुलासा किया कि वह इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे.

नई दिल्ली. विराट कोहली ने माना है कि भारत की कप्तानी छोड़ने के बाद वह मानसिक रूप से काफी मुश्किल और परेशान करने वाले दौर से गुजरे. लेकिन उन्होंने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर का शुक्रिया अदा किया, जिनकी मदद से उन्हें फिर से क्रिकेट का आनंद लेने में मदद मिली.

विराट कोहली (Virat Kohli) ने 2022 में कप्तानी छोड़ी थी और उसी साल टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा था. उन्होंने छह टेस्ट मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक के साथ 265 रन बनाए थे. इस दौरान उनका औसत 26.5 रहा था. द्रविड़ ने नवंबर 2021 में मुख्य कोच और विक्रम राठौर ने बल्लेबाजी कोच के रूप में भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाली थी. उन्होंने कोहली में फिर से जोश जगाया और उन्हें खराब दौर से बाहर निकलने में मदद की. कोहली ने कहा, ‘कप्तानी छोड़ने के बाद ही मैंने राहुल भाई और विक्रम राठौर जैसे लोगों से खुलकर बात की और बहुत कुछ शेयर किया.

विराट कोहली ने खुलासा किया कि वह इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे.

2023 में टेस्ट क्रिकेट में मेरा प्रदर्शन शानदार रहा और जब भी मैं उनसे मिलता हूं, मैं दिल से उनका शुक्रिया करता हूं.’ उन्होंने ‘आरसीबी इनोवेशन लैब’ के ‘इंडियन स्पोर्ट्स समिट’ के तीसरे सत्र में कहा, ‘उन्होंने (द्रविड़ और राठौर) मेरा इस तरह ख्याल रखा कि मुझे लगा कि मैं उनके लिए खेलना चाहता हूं. मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं. मैं मैदान पर उतरकर पूरी मेहनत करना चाहता हूं. वे बहुत मददगार थे. उन्होंने मुझे एहसास दिलाया कि मैंने अब तक क्या हासिल किया है.’ भारत के इस पूर्व कप्तान ने कहा कि द्रविड़ और राठौर उनके मन की परेशानियों को समझते थे और उन्हें उनसे बाहर निकलने का रास्ता दिखाया.

उन्होंने कहा, ‘राहुल भाई ने टेस्ट क्रिकेट में कई लोगों से बेहतर तरीके से यह काम किया है. विक्रम कई सालों से मेरे साथ हैं, इसलिए वे मेरी भावनाओं को समझते थे और मेरी स्थिति का एहसास था. उन्होंने मानसिक रूप से मेरा बहुत ख्याल रखा.’ उन्होंने कहा, ‘इससे मुझे ऐसी स्थिति मिली जहां मैं फिर से क्रिकेट का आनंद ले सका. लेकिन जब मैं पूरी तरह व्यस्त था, तब मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं चाहता हूं कि कोई मुझसे पूछे. मैं सब कुछ संभालने में सक्षम था.’

द्रविड़ की कोचिंग में कोहली ने 2023 में शानदार प्रदर्शन किया, आठ टेस्ट मैचों में 671 रन बनाए, जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल थे. उनका औसत 56 रहा, जो उनकी वापसी का साफ संकेत था. कोहली ने यह भी माना कि कप्तानी के दौरान वे धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा खोते चले गए, जिसका उन्हें तब एहसास नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसी स्थिति में पहुंच गया जहां मैं हमारी बल्लेबाजी इकाई और कप्तानी का केंद्र बन गया. मुझे इस बात का एहसास नहीं था कि ये दोनों चीजें मेरे रोजमर्रा के जीवन में कितना भार डालेंगी, क्योंकि मैं भारतीय क्रिकेट को शीर्ष पर बनाए रखने के लिए बहुत दृढ़ और प्रेरित था.’

कोहली ने स्वीकार किया, ‘जब मैंने कप्तानी छोड़ी, तब तक मैं पूरी तरह थक चुका था. यह जिम्मेदारी मुझे भीतर तक खा गई थी. यह बहुत कठिन और थकाने वाला अनुभव था, और उम्मीदों का बोझ संभालना लगातार मुश्किल होता गया.’

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें



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