नई दिल्ली. आईपीएल का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है. टूर्नामेंट के लीग स्टेज का अंत बेहद सनसनीखेज मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है. इस सीजन की टॉप-3 टीमों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद ने प्लेऑफ का टिकट पक्का कर लिया है. दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों ही टीमों के खाते में 18-18 पॉइंट्स रहे। लेकिन किस्मत और नेट रन रेट के खेल में बाजी मारी विराट कोहली की आरसीबी ने, जिसने बेहतर रन रेट के दम पर पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल किया. गुजरात टाइटंस दूसरे और सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे पायदान पर रही.
एक तरफ जहां टॉप-3 का फैसला हो चुका है, वहीं चौथे स्पॉट के लिए अभी भी कांटे की टक्कर जारी है. फिलहाल राजस्थान रॉयल्स चौथे स्थान पर कब्जा जमाए हुए है, लेकिन पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स की नजरें भी इस आखिरी मौके पर टिकी हैं.
प्लेऑफ में नंबर दो पर रहने वाली टीम 9 बार चैंपियन बन चुकी है.
क्यों गुजरात टाइटंस को माना जा रहा है खिताब का सबसे बड़ा दावेदार?
क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन जब बात आईपीएल के प्लेऑफ की आती है, तो आंकड़े कुछ ऐसी गवाही देते हैं जिसे नजरअंदाज करना नामुमकिन है. पॉइंट्स टेबल में भले ही आरसीबी टॉप पर हो, लेकिन क्रिकेट पंडित इस समय दूसरे स्थान पर रहने वाली गुजरात टाइटंस को ट्रॉफी का सबसे बड़ा दावेदार मान रहे हैं. इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला इतिहास है.
साल 2011 में जब से आईपीएल में मौजूदा प्लेऑफ फॉर्मेट (क्वालीफायर और एलिमिनेटर) लागू हुआ है, तब से लेकर अब तक 15 सीजन खेले जा चुके हैं. इन 15 सीजनों के इतिहास पर नजर डालें, तो पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर फिनिश करने वाली टीमों का दबदबा एकतरफा रहा है. कुल 15 बार में से रिकॉर्ड 9 बार ऐसा हुआ है जब दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम ने फाइनल जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की है. इसके विपरीत, लीग स्टेज में टॉप पर रहने वाली टीम केवल 5 बार ही चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर सकी है. यही वजह है कि इतिहास और आंकड़ों का साथ इस बार गुजरात टाइटंस के पक्ष में झुकता दिख रहा है.
आरसीबी के सामने ‘चैंपियन’ का ताज बचाने की अग्निपरीक्षा
आरसीबी के फैंस इस समय अपनी टीम के पहले स्थान पर आने से बेहद खुश हैं, लेकिन इतिहास का एक दूसरा पन्ना उनके लिए चिंता की लकीरें भी खींच सकता है. लीग स्टेज में टॉप करने का मतलब यह कतई नहीं है कि ट्रॉफी आपकी हो गई. आरसीबी का खुद का अतीत इस बात का गवाह रहा है. साल 2011 के आईपीएल को याद करें, तो आरसीबी पॉइंट्स टेबल में शान से पहले स्थान पर रही थी. हर किसी को लग रहा था कि टीम पहली बार खिताब जीतेगी, लेकिन फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स ने उनका यह सपना तोड़ दिया था. इसके बाद साल 2016 में भी कहानी कुछ ऐसी ही रही. तब टीम पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर थी, लेकिन फाइनल के महामुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने आरसीबी के हाथों से ट्रॉफी छीन ली थी.
हालांकि, बेंगलुरु के फैंस के लिए सबसे बड़ी राहत और उम्मीद की किरण बीता हुआ सीजन है. पिछले सीजन में आरसीबी ने दूसरे स्थान पर रहते हुए प्लेऑफ का सफर तय किया था और अपनी पहली ऐतिहासिक आईपीएल ट्रॉफी जीती थी. इस बार टीम डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर खेल रही है, लेकिन चुनौती पहले स्थान पर रहकर इतिहास बदलने की है.
टॉप-2 से बाहर की टीमों के लिए राह है बेहद कठिन
इस बार सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे स्थान पर है, जबकि चौथी टीम के लिए अभी जंग जारी है. इन दोनों ही पायदानों पर रहने वाली टीमों के लिए आईपीएल जीतने का रास्ता किसी एवरेस्ट की चढ़ाई से कम नहीं है. आईपीएल इतिहास में सिर्फ एक बार ऐसा हुआ है जब टॉप-2 से बाहर की किसी टीम ने चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा किया हो. साल 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद ने तीसरे स्थान पर रहते हुए करिश्मा किया था और चैंपियन बनी थी. इसके अलावा आज तक तीसरे नंबर की टीम कभी विजेता नहीं बन सकी.
आरसीबी वर्सेस जीटी के बीच खेला जाएगा आईपीएल का पहला क्वालीफायर.
वहीं, चौथे स्थान पर रहने वाली टीम के लिए तो रिकॉर्ड और भी डरावने हैं. आईपीएल के इतिहास में आज तक कोई भी ऐसी टीम नहीं रही, जिसने चौथे स्थान पर फिनिश किया हो और बाद में चैंपियन बनने का गौरव पाया हो. यानी जो भी टीम चौथे नंबर पर रहकर प्लेऑफ में पहुंचेगी, उसे एक ऐसा इतिहास रचना होगा जो पिछले 15 सालों में कोई नहीं कर सका.
क्या बदलेगा इतिहास या बरसेगी गुजरात पर किस्मत?
आईपीएल 2026 का यह पड़ाव बेहद रोमांचक है. एक तरफ आरसीबी के सामने अपने खिताब को बचाने और पहले स्थान पर रहकर चैंपियन बनने के मिथक को तोड़ने की चुनौती है. दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस ‘नंबर 2’ के उस ऐतिहासिक ट्रैक रिकॉर्ड के साथ मैदान पर उतरेगी, जिसने 9 बार टीमों को राजा बनाया है. क्या विराट कोहली की कप्तानी और आरसीबी का मौजूदा फॉर्म इन डरावने आंकड़ों को झुठला देगा? या फिर इतिहास खुद को दोहराएगा और गुजरात टाइटंस इस बार बाजी मार ले जाएगी? जवाब प्लेऑफ के मैदान पर जल्द ही मिलने वाला है, लेकिन एक बात तय है यह जंग बेहद ऐतिहासिक होने वाली है.


