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IPL का इकलौता खिलाड़ी, जिसे खरीदने के लिए हर टीम ने लगाई बोली, किसी का नहीं देखा होगा ऐसा क्रेज

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IPL का इकलौता खिलाड़ी, जिसे खरीदने के लिए हर फ्रेंचाइजी ने लगाई बोली

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MS Dhoni IPL 2026 Auction: आईपीएल के पहले ही सीजन महेंद्र सिंह धोनी वो खिलाड़ी थे, जिसे खरीदने के लिए ऑक्शन की टेबल पर बैठीं सभी आठ फ्रेंचाइजियों ने बोली लगाई. अंत में उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा. शुरुआती बिडिंग के बाद मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच लंबी बिडिंग वार हुई, जिसके अंत में सीएसके ने जीता. धोनी को 1.5 मिलियन डॉलर (यानी करीब 12 करोड़ रुपये) देकर चेन्नई ने अपनी टीम में शामिल किया था.

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महेंद्र सिंह धोनी को खरीदने के लिए आईपीएल 2008 ऑक्शन में हर टीम ने बोली लगाई थी.

नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का रोमांच सिर्फ मैदान के चौके-छक्कों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑक्शन टेबल पर चलने वाली ‘माइंड गेम्स’ और पैसों की बारिश भी फैंस को रोमांचित करती है. लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ऑक्शन में खरीदे जाने वाले सबसे महंगे खिलाड़ी हैं. उन्हें संजीव गोयनका की मालिकाना हक वाली टीम ने 27 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक बोली लगाकर खरीदा. वहीं, पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर इतिहास के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी हैं. उन्हें 26.75 करोड़ रुपये देकर प्रीति जिंटा की टीम ने खरीदा. यह दोनों बड़ी बोलियां 2025 सीजन के लिए हुए मेगा ऑक्शन में लगीं. भले ही ये इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आईपीएल में एक ऐसा खिलाड़ी भी रहा है, जिसके लिए ऑक्शन में बैठी किसी एक या दो नहीं, बल्कि सभी टीमों ने बोली लगा दी थी? इस खिलाड़ी का ऐसा क्रेज था कि ऑक्शन टेबल पर बैठी हर टीम उसे खरीदना चाहती थी.

दरअसल, यह ऐसा हुआ था पहले ही आईपीएल सीजन यानी 2008 में और वो खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि भारत को तीन आईसीसी ट्रॉफी जिताने वाले दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे. आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच आइए जानते हैं उस ऑक्शन में धोनी पर बिडिंग की पूरी कहानी के बारे में…

‘आइकन प्लेयर’ का वो नियम, जिसने धोनी की किस्मत बदल दी
साल 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हो रही थी, तब लीग को लोकल फैंस से जोड़ने के लिए बीसीसीआई ने ‘आइकन प्लेयर’ का एक अनोखा नियम बनाया था. इसके तहत चार बड़ी टीमों ने अपने-अपने राज्यों के दिग्गज खिलाड़ियों को पहले ही चुन लिया था. मुंबई इंडियंस ने सचिन तेंदुलकर, कोलकाता नाइट राइडर्स ने सौरव गांगुली, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) ने राहुल द्रविड़ और किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) युवराज सिंह को चुना. नियम के मुताबिक, इन टीमों को अपने सबसे महंगे खरीदे गए खिलाड़ी से 15% ज्यादा रकम इन आइकन खिलाड़ियों को देनी थी. उदाहरण के लिए, मुंबई ने सनथ जयसूर्या को 8 करोड़ में खरीदा, तो सचिन को खुद-ब-खुद 9.2 करोड़ रुपये मिले. इस नियम की वजह से इन बड़ी टीमों के पर्स का एक बड़ा हिस्सा पहले ही खत्म हो चुका था, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के पास कोई आइकन खिलाड़ी नहीं था और यही उनका सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित होने वाला था.

जब धोनी के नाम पर गूंज उठा ऑक्शन हॉल
आइकन प्लेयर्स के हटने के बाद जब ऑक्शनर रिचर्ड मैडली ने एमएस धोनी के नाम बोला. आईपीएल के गलियारों में यह किस्सा बेहद मशहूर है कि उस दिन ऑक्शन टेबल पर बैठी हर एक फ्रेंचाइजी ने धोनी को अपनी टीम में शामिल करने के लिए पैडल उठाया था. हालांकि, मैडली ने बाद में दिए एक बयान में कहा, ‘उन्हें हर एक टीम का तो याद नहीं, लेकिन हां, धोनी को लेकर जैसा क्रेज था वैसा उन्होंने कभी नहीं देखा.’ उन्होंने यह भी कहा, ‘धोनी को हर हाल में पाने की चेन्नई सुपर किंग्स की जिद साफ दिख रही थी. फ्रेंचाइजी के मालिक एन. श्रीनिवासन खुद वहां मौजूद थे और उनका इरादा बिल्कुल साफ था.’

महेंद्र सिंह धोनी ने सीएसके को जिताईं 5 आईपीएल ट्रॉफियां.

मुंबई और चेन्नई के बीच ‘बिडिंग वार’
उस समय आईपीएल की सभी 8 टीमों ने धोनी को अपनी टीम में शामिल करने की कोशिश करते हुए बोली लगाई, लेकिन जैसे ही बोली 9 लाख डॉलर (लगभग 7 करोड़ रुपये) के पार पहुंची, बजट की कमी के कारण बाकी टीमें एक-एक करके पीछे हटने लगीं. अब मैदान में सिर्फ दो ही योद्धा बचे थे- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स. दोनों टीमों के बीच पैसों की ऐसी जंग छिड़ी कि बोली सीधे 1.5 मिलियन डॉलर (यानी करीब 12 करोड़ रुपये) पर जाकर रुकी. आखिरी पलों की बातचीत के बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने बाजी मार ली और धोनी को आईपीएल इतिहास का पहला सबसे महंगा खिलाड़ी बना दिया.

और फिर शुरू हुआ ‘थाला’ का करिश्मा
चेन्नई का धोनी पर लगाया गया वह दांव क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल फैसला साबित हुआ. धोनी की कप्तानी में सीएसके ने सफलता की वो इबारत लिखी जिसे दोहरा पाना किसी के लिए भी आसान नहीं है. 2020 के सीजन को छोड़ दिया जाए, तो धोनी की अगुवाई में टीम हर बार प्लेऑफ में पहुंची और रिकॉर्ड 5 बार आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की. आज भले ही ऑक्शन में 25 या 27 करोड़ की बोलियां लग रही हों, लेकिन साल 2008 में ‘एमएस धोनी’ नाम के जिस तूफान ने सभी 8 टीमों में खलबली मचा दी थी, वैसा क्रेज आईपीएल में दोबारा शायद ही किसी खिलाड़ी के लिए देखने को मिले.

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें



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