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क्रिकेट के मैदान पर कई बार कुछ ऐसी चीजें हो जाती हैं, जो अरसे तक याद रह जाती है और जेहन से उतरती नहीं. ऐसा ही 25 साल पहले भारत और इंग्लैंड के बीच हुए एक टेस्ट मैच में हुआ था. 2001 के दौरान घटा एक ऐसा ही वाकया आज भी फैंस को हैरान कर देता है. मैदान पर नियमों का ऐसा खेल हुआ कि माइकल वॉन देखते रह गए और उनका विकेट गिर गया.
शरणदीप सिंह की बॉल पर हैंडल द बॉल आउट हुए वॉन
नई दिल्ली: साल 2001 का दौर था. इंग्लैंड की टीम टेस्ट सीरीज खेलने भारत आई थी. बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में तीसरा टेस्ट जारी था. माइकल वॉन 64 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, जब उन्होंने स्पिनर सरनदीप सिंह (Sarandeep Singh) की गेंद पर स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन चूक गए. बॉल हवा में उछली और उनके दस्ताने और बाएं पैर के बीच फंसकर पिच की ओर लुढ़कने लगी. भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता गेंद को पकड़ने के लिए दौड़े, लेकिन गेंद पिच पर गिर गई. वॉन ने तुरंत गेंद उठाई और पिच के किनारे लुढ़का दी. बस इसी घटना ने क्रिकेट में आउट होने के सबसे विवादित नियम की आखिरी स्क्रिप्ट लिखी.
एक छोटी सी गलती, बड़ा अंजाम
माइकल वॉन ने सहज प्रतिक्रिया में गेंद को अपने हाथ से उठाकर जमीन पर रख दिया. शायद उन्हें लगा कि गेंद अब पूरी तरह से गेम से बाहर हो चुकी है और उन्हें कोई खतरा नहीं है, लेकिन क्रिकेट के नियम कुछ और कहते हैं. माइकल वॉन टेस्ट क्रिकेट में ‘हैंडल्ड द बॉल’ नियम के तहत आउट होने वाले आखिरी खिलाड़ी थे. वॉन के बॉल पकड़ते ही सरनदीप ने मुड़कर अंपायर से अपील की, नतीजतन वॉन ‘हैंडल्ड द बॉल’ नियम के तहत आउट दे दिए गए. 2017 में इस नियम को फील्डिंग में बाधा डालने के नियम में शामिल कर लिया गया.


