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लंगड़ा आम अपने स्वाद के साथ-साथ अपने अनोखे नाम के कारण भी चर्चा में रहता है. इसके नाम को लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग कहानियां प्रचलित हैं. मुरादाबाद की एक मान्यता के अनुसार, इसका वजन और आकार इतना खास होता है कि इसे कंधे पर उठाकर ले जाने के दौरान चलने का अंदाज बदल जाता था, जिससे इसे ‘लंगड़ा आम’ कहा जाने लगा.
आम का सीजन शुरू हो गया है और बाजार में तरह-तरह की वैरायटी के आम देखने को मिल मिल जाएंगे. इन्हीं में एक लंगड़ा आम भी है जिसे लोग खूब पसंद करते हैं. इसका नाम बहुत दिलचस्प है, तो वहीं इस आम की अलग-अलग जगह की अलग-अलग खासियत है. वैसे इसका नाम लंगड़ा क्यों पड़ा, इसे लेकर अलग-अलग जगह की अलग-अलग कहानी सुनने को मिल जाएगी.
कैसे पड़ा लंगड़ा नाम
मुरादाबाद के इतिहासकार डॉ अजय अनुपम ने बताया कि पहले देसी आम आते थे जो छोटे होते थे और वजनदार भी होते थे. जितना वजन लेते थे उतना वजन आता था. उसे हम थैला लटकाकर हाथ मे लाते थे, लेकिन जब लंगड़े आम आते थे तो वो थैला हमे कंधे पर टांगना पड़ता था. तो हमारी समझ से वो वजनदार हो जाते थे और जब उसे कंधे पर लेकर चलते थे तो वह इतने वजनदार हो जाते थे कि उन्हें लेकर चलते समय लंगड़ापन आ जाता था. जिसकी वजह से इसे लंगड़ा आम कहा जाने लगा था. उन्होंने कहा कि लंगड़ा आम का आकार विशेष होता है,
ऐसा होता है आम
यह आम चौड़ा होता है. इस आम के अंदर गूदा भी बहुत होता है. जब इसकी अमिया बड़ी होने लगती है, तो इसमें एक चोंच निकालनी शुरू हो जाती है जिससे एक गद्दा बन जाता है. हो सकता है इसे देखकर इसका नाम लंगड़ा आम रखा गया हो. अलग-अलग शहर को लेकर अलग-अलग कहानी और अलग-अलग कहावत इस आम से जुड़ी हुई है. हर शहर में इस आम की लंगड़ा होने की कहावत अलग देखने को मिलेगी. फिलहाल, मुरादाबाद से इसकी कहावत यही जुड़ी हुई है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


