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कौन हैं गुजरात की शिक्षामंत्री…जिसे जडेजा ने POTM अवॉर्ड किया डेडिकेट, बोले- अहंकार को होटल में छोड़कर आता हूं

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नई दिल्ली. राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल के रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रनों से करारी शिकस्त दी. इस जीत के सबसे बड़े सूत्रधार रहे अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा. जडेजा ने न केवल बल्ले और गेंद से अपना लोहा मनवाया, बल्कि मैच के बाद अपने एक बयान और एक खास ‘डेडिकेशन’ से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीत लिया. इस सीजन में जडेजा राजस्थान रॉयल्स की जर्सी में नजर आ रहे हैं. कई मैचों में ऐसा देखा गया कि कप्तान ने उनसे उनके कोटे के पूरे चार ओवर नहीं फिंकवाए. आमतौर पर किसी भी दिग्गज खिलाड़ी के लिए यह बात चुभने वाली हो सकती है, लेकिन जडेजा के लिए टीम सर्वोपरि है.

रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने जियोहॉटस्टार से बात करते हुए ने खेल के प्रति अपने नजरिए को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, ‘जब मैं मैदान पर कदम रखता हूं, तो अपना अहंकार होटल के कमरे में ही छोड़ आता हूं. मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि टीम मुझसे क्या उम्मीद कर रही है. मेरे लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा जरूरी टीम की जरूरतें हैं.’ यह परिपक्वता ही जडेजा को आज के दौर का सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बनाती है.

रवींद्र जडेजा ने कहा कि वह अपना ईगो होटल के कमरे में छोड़कर आते हैं.

बल्लेबाजी में संयम और गेंदबाजी में चतुराई
लखनऊ के इकाना स्टेडियम की धीमी पिच पर रन बनाना आसान नहीं था. जडेजा जब बल्लेबाजी करने आए, तो उन्होंने स्थिति को बखूबी भांपा. उन्होंने 29 गेंदों पर सूझबूझ भरी 43 रनों की पारी खेली. अपनी इस पारी के बारे में उन्होंने बताया कि वह अंत तक टिके रहना चाहते थे. अगर वह 17वें या 18वें ओवर में जोखिम भरा शॉट खेलकर आउट हो जाते, तो टीम 159 के सम्मानजनक स्कोर तक नहीं पहुंच पाती. उनके अनुसार, वह 20-25 रन ही हार और जीत के बीच का अंतर साबित हुए.

गेंदबाजी के दौरान भी उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया. विपक्षी गेंदबाज दिग्वेश राठी की गेंदों को पढ़ते हुए उन्होंने महसूस किया कि गेंद रुककर आ रही है. इसी को आधार बनाकर उन्होंने अपनी गति कम की और 4 ओवर में मात्र 29 रन देकर 1 विकेट झटका. उनकी इस ‘स्लोअर वन’ रणनीति ने लखनऊ के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया.

पत्नी और शिक्षा मंत्री रिवाबा को समर्पित किया अवॉर्ड
मैच के बाद जब जडेजा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, तो उन्होंने एक भावुक और गर्व भरा लम्हा साझा किया. जडेजा ने अपना यह पुरस्कार अपनी पत्नी रिवाबा जडेजा को समर्पित किया. दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने रिवाबा को ‘गुजरात की शिक्षा मंत्री’ कहकर संबोधित किया. जडेजा ने खुलासा किया कि मैच से एक दिन पहले रिवाबा ने उनसे कहा था कि वह इस मैच में शानदार प्रदर्शन करेंगे. उनकी यह भविष्यवाणी सच साबित हुई. रिवाबा जडेजा वर्तमान में गुजरात सरकार में प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री हैं. जडेजा अपनी पत्नी की राजनीतिक यात्रा में हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं, चाहे वह 2022 का जामनगर उत्तर का चुनाव प्रचार हो या अब कैबिनेट में उनकी नई जिम्मेदारी.

रवींद्र जडेजा ने मैच के बाद अपने ‘अहंकार’ को लेकर क्या कहा?
जडेजा ने कहा कि वह मैदान पर आने से पहले अपना अहंकार होटल के कमरे में छोड़ देते हैं और केवल इस बात पर ध्यान देते हैं कि टीम की उनसे क्या उम्मीदें हैं.

जडेजा ने अपना ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड किसे समर्पित किया?
जडेजा ने अपना अवॉर्ड अपनी पत्नी और गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा को समर्पित किया, जिन्होंने मैच से पहले उनके अच्छे प्रदर्शन की भविष्यवाणी की थी.

इकाना स्टेडियम में जडेजा ने गेंदबाजी के लिए क्या रणनीति अपनाई?
जडेजा ने महसूस किया कि पिच पर गेंद रुककर आ रही है, इसलिए उन्होंने जानबूझकर धीमी गेंदबाजी (Slow bowling) करने का फैसला किया ताकि बल्लेबाजों को परेशानी हो.

रिवाबा जडेजा वर्तमान में किस पद पर कार्यरत हैं?
रिवाबा जडेजा गुजरात सरकार में प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं और जामनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.



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