PM Modi UP Visit: उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 और 29 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी और हरदोई के महत्वपूर्ण दौरे पर आ रहे हैं. यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि विकास के लिहाज से ‘ऐतिहासिक’ होने वाला है. इस दो दिवसीय प्रवास के दौरान पीएम मोदी उत्तर प्रदेश को करीब 6,350 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे. इसमें सबसे बड़ा आकर्षण ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन है, जो पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ने वाली नई लाइफलाइन साबित होगा.
पीएम करेंगे 6,350 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन
पीएम मोदी के दौरे की शुरुआत 28 अप्रैल को धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी से होगी. शाम करीब 5 बजे वाराणसी में एक विशाल ‘महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है. इस सम्मेलन के जरिए पीएम मोदी न केवल आधी आबादी को संबोधित करेंगे, बल्कि नारी शक्ति के सशक्तिकरण का संदेश भी देंगे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री लगभग 6,350 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे.
आईएएनएस की खबर के मुताबिक, काशी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,050 करोड़ रुपए की लागत वाली 48 पूर्ण हो चुकी परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी. इनमें वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का चौड़ीकरण, कज्जाकपुरा और कादीपुर के महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज शामिल हैं, जो शहर के ट्रैफिक जाम से जनता को मुक्ति दिलाएंगे.
भगवानपुर में आधुनिक सीवेज प्लांट और सामुदायिक विकास
प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन और गंगा निर्मलीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘जल जीवन मिशन’ के तहत 30 पेयजल योजनाओं की शुरुआत होगी, जिससे हजारों घरों तक शुद्ध पानी पहुंचेगा. काशी की सांस्कृतिक विरासत को संवारने के लिए चंद्रावती घाट का पुनर्विकास, सारनाथ स्थित सारंगनाथ मंदिर का पर्यटन विकास और नागवा में संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं.
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
सार्वजनिक सेवाओं और खेलों में सुधार भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं, जिनमें यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, रामनगर में 100 बिस्तरों वाला वृद्धाश्रम और भेलूपुर जल शोधन संयंत्र में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं. पीएम मोदी के इस दौरे में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया है. वे करीब 5,300 करोड़ रुपए की लागत वाली 112 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. इसमें सबसे अहम ‘श्री शिव प्रसाद गुप्ता संभागीय जिला अस्पताल’ में 500 बिस्तरों वाला सुपर-स्पेशलिटी ब्लॉक है. साथ ही, तिब्बती अध्ययन केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘सोवा रिग्पा’ भवन और अस्पताल का उद्घाटन किया जाएगा.
आधुनिक बाजार और बेहतर कनेक्टिविटी
शहर के नियोजित विकास के लिए भोजुवीर और सिगरा में नए बाजार परिसर और कार्यालय भवनों का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा, काशी के विश्वप्रसिद्ध अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और नमो घाट पर पर्यटक सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा. रेलवे के क्षेत्र में भी वाराणसी को बड़ी उपलब्धि मिलने वाली है. पीएम मोदी वाराणसी जंक्शन से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की आधारशिला रखेंगे. इस परियोजना में गंगा नदी पर एक नया ‘रेल-सह-सड़क’ पुल भी शामिल है. यह पुल न केवल रेल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.
इससे काशी विश्वनाथ धाम, रामनगर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंच में सुधार होगा, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ रेल संपर्क मजबूत होगा. इतना ही नहीं, पीएम नगर निगम कार्यालय भवन और एक सरकारी बाल आश्रय गृह और किशोर न्याय बोर्ड की आधारशिला भी रखेंगे. प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दूध आपूर्तिकर्ताओं को बोनस के रूप में 105 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भी हस्तांतरित करेंगे.
अमृत भारत एक्सप्रेस: तीर्थयात्रियों के लिए खुशखबरी
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान दो नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जिसमें बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) शामिल हैं. ये ट्रेनें किफायती और आधुनिक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क बढ़ाएंगी. बनारस-पुणे सेवा से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान होगा, जबकि अयोध्या-मुंबई सेवा से श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र तक संपर्क बेहतर होगा और प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच संबंध मजबूत होंगे.
हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का आगाज: 12 जिलों की चमकेगी किस्मत
दौरे के दूसरे दिन यानी 29 अप्रैल को पीएम मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद हरदोई पहुंचेंगे. यहां वे उत्तर प्रदेश के गौरव ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का करीब 11:30 बजे उद्घाटन करेंगे. यह गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6 लेन (जिसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है), पहुंच-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे लगभग 36,230 रुपए करोड़ की कुल लागत से बनाया गया है.
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों- मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज- से होकर गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्र एक निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जुड़ जाते हैं.
शाहजहांपुर में हवाई पट्टी
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी हिस्सा है. शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी एक हवाई पट्टी बनाई गई है. युद्ध या आपातकाल की स्थिति में यहां लड़ाकू विमान लैंड कर सकेंगे, जो भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा करेगा.
आर्थिक कॉरिडोर और रोजगार के नए अवसर
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक कॉरिडोर’ विकसित किए जा रहे हैं. इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए लाखों की संख्या में रोजगार पैदा होंगे. किसानों के लिए यह एक्सप्रेसवे वरदान साबित होगा, क्योंकि वे अपनी फसल को कम समय में बड़े शहरों और निर्यात बाजारों तक पहुंचा सकेंगे.


