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Aaron Finch reacts Vaibhav suryavanshi: 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में अपने आक्रामक प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के रडार पर आ गए हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि वे जल्द ही सचिन तेंदुलकर का सबसे युवा डेब्यूटेंट होने का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरोन फिंच ने वैभव की तारीफ करते हुए उन्हें ‘अविश्वसनीय सुपरस्टार’ बताया, हालांकि उन्होंने सलाह दी कि इस युवा खिलाड़ी पर अधिक दबाव न डालकर उन्हें स्वाभाविक रूप से सीखने और उन्हें अपने आप को खेल में निखार का मौका देना चाहिए.
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में कब मिलना चाहिए मौका, फिंच की जुबानी सुनिए.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी यंग खिलाड़ी की प्रतिभा की चर्चा होती है, तो तुलना स्वाभाविक रूप से महान सचिन तेंदुलकर से होने लगती है. लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में जो तबाही मचाई है, उसने चयनकर्ताओं और क्रिकेट दिग्गजों को एक गंभीर विमर्श पर मजबूर कर दिया है. क्या यह सही समय है कि इस प्रतिभावान बल्लेबाज को टीम इंडिया की जर्सी पहना दी जाए? यह सवाल अब भारतीय क्रिकेट गलियारों में सबसे ऊपर है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच ने वैभव के बारे में बयान दिया है. फिंच का कहना है कि इस बच्चे को अभी खेलने दें.
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) न केवल अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि वे इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं. यदि उन्हें आगामी आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जाता है, तो वह सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे. सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था, जबकि वैभव महज 15 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने आयरलैंड दौरे के लिए 35 टी20 विशेषज्ञों की एक संभावित सूची तैयार की है, जिसमें वैभव का नाम प्रमुखता से शामिल है.
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में कब मिलना चाहिए मौका, फिंच की जुबानी सुनिए.
दिग्गजों की राय
वैभव की प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है, लेकिन उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश को लेकर विशेषज्ञ बंटे हुए हैं. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज एरॉन फिंच ने इस मुद्दे पर अपनी संतुलित राय रखी है. फिंच का मानना है कि वैभव को सीनियर टीम के माहौल से परिचित कराने का यह सही समय हो सकता है, लेकिन उन्हें मैदान पर उतारने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
फिंच ने ‘ईएसपीएन क्रिकइन्फो’ से बात करते हुए कहा, ‘क्या उन्हें शामिल करने का यह सही समय है? शायद उन्हें टीम (स्क्वाड) का हिस्सा बनाने का यह सही समय है. उन्हें समय दें. लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि आप उन खिलाड़ियों का सम्मान करें जो भारत के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. भारत के लिए खेलना दुनिया का सबसे बहुत दबाव वाला काम है.’ फिंच ने आगे जोड़ा कि भारतीय टीम हाल ही में विश्व कप जीत कर आई है, इसलिए सीनियर खिलाड़ियों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उनका सुझाव है कि यदि किसी खिलाड़ी की फिटनेस या फॉर्म की समस्या हो, तभी वैभव जैसे युवा खिलाड़ी को मौका देना चाहिए.
बच्चे को खेलने दें: फिंच
फिंच ने वैभव की तकनीकी और रणनीतिक समझ की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही एक चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि वैभव एक ‘फास्ट लर्नर’ हैं और हर बार नए प्लान के साथ मैदान पर उतरते हैं, जो उनकी परिपक्वता को दर्शाता है. बच्चे को बस खेलने दें. उसे एक युवा के रूप में खेल को और सीखने दें. उसमें अविश्वसनीय कौशल है और मौका जरूर आएगा, लेकिन उस पर बहुत अधिक दबाव न डालें.’
चयनकर्ताओं के सामने तीन विकल्प
वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में आना अब एक ‘ओपन सीक्रेट’ बन चुका है.चयन समिति इस बात पर विचार कर रही है कि उनका डेब्यू कब और कहां कराया जाए. फिलहाल उनके सामने तीन मौके हैं. जून में आयरलैंड दौरा पर दो टी20 मैचों की सीरीज में वैभव को आजमाया जा सकता है. जुलाई में जिम्बाब्वे का दौरा करना है. इस दौरे पर अक्सर युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए जाना जाता है. जापान में होने वाले एशियाई खेल में युवा ब्रिगेड को भेजकर वैभव को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया जा सकता है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें


