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बरेली में 130–150 करोड़ रुपये की लागत से हाई-टेक साइंस पार्क, स्पेस म्यूजियम और AI आधारित प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू हो गया है. रामगंगा नगर में बन रहा यह प्रोजेक्ट शहर को डिजिटल और वैज्ञानिक पहचान देगा, जहां बच्चों और युवाओं को अंतरिक्ष, विज्ञान और आधुनिक तकनीक की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी.

बरेली. उत्तर प्रदेश का बरेली अब झुमका सिटी बरेली के नाम से नहीं बल्कि अपने डिजिटलाइजेशन के लिए भी जाना जाएगा. बरेली विकास प्राधिकरण के यह दो हम प्रोजेक्ट बरेली को विकास के साथ-साथ अब साइंस के साथ भी जोड़ने का काम करेंगे. शासन ने 130 करोड़ रुपए की प्रस्तावित राशि से बरेली विकास प्राधिकरण के समन्वय में इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है. बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. मणिकंदन ए के द्वारा विधिविधान से धरती पूजन कर कार्य को प्रगति से पूरा करने के लिए प्राधिकरण के सामने डेडलाइन के साथ डेट सुनिश्चित कर इन प्रोजेक्ट को पूरा कर जनता को समर्पित करने के लिए प्रतिबंध है. बरेली में उत्तर प्रदेश का सबसे हाई-टेक साइंस पार्क रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर-8 में बन रहा है. बरेली विकास प्राधिकरण बीडीए के उपाध्यक्ष मणिकंदन ए. IAS के नेतृत्व में इस ड्रीम प्रोजेक्ट का कार्य आधिकारिक तौर पर 25 अप्रैल 2026 को भूमि पूजन के साथ शुरू हो गया है. इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 130 करोड़ रुपये से 150 करोड़ रुपये के बीच है. BDA के उपाध्यक्ष मणिकंदन ए. ने जानकारी देते हुए लोकल 18 को बताया की साइनस पार्क लगभग 19,600 वर्ग मीटर करीब 5 एकड़ क्षेत्र में फैला है. पार्क को एक आधुनिक शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. 3,000 वर्ग मीटर में बनने वाली इस नक्षत्रशाला के लिए शासन ने ₹50 करोड़ की स्वीकृति दी है.

बच्चों और युवाओं के लिए रहेगा फायदेमंद

उपाध्यक्ष मणिकंदन ए. बताते हैं कि स्पेस म्यूजियम और एक्वा पार्क लगभग ₹80 करोड़ की लागत से अंतरिक्ष संग्रहालय और जल-आधारित मनोरंजन केंद्र का निर्माण शुरू हो चुका है. AI पार्क और नक्षत्र गैलरी इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित गैलरी और जलीय जीवों के लिए एक्वेरियम भी होगा. मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को ब्रह्मांड के रहस्यों, विज्ञान की आधुनिक खोजों और प्राचीन वैज्ञानिक चमत्कारों से जोड़ना है. इस प्रोजेक्ट के तकनीकी विकास में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का भी सहयोग लिया जा रहा है. बरेली विकास प्राधिकरण के इन प्रोजेक्ट से बच्चों और युवाओं को ब्रह्मांड के रहस्यों, विज्ञान की आधुनिक खोजों और प्राचीन वैज्ञानिक चमत्कारों से जोड़ना है. इस प्रोजेक्ट के तकनीकी विकास में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का भी सहयोग लिया जा रहा है. बीडीए उपाध्यक्ष ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि यह बरेली की नई पहचान बन सके.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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