नई दिल्ली: न्यूज18 इंडिया के लोकप्रिय डिबेट शो ‘नारी शक्ति का शंखनाद’ में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर तीखी बहस छिड़ देखने को मिली. समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता सैयद जरीन और एंकर रूबिका लियाकत आमने-सामने आ गईं. बहस का मुख्य केंद्र जनगणना और परिसीमन बना, जिस पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है.
सपा का आरोप: डिबेट की शुरुआत में सपा प्रवक्ता सैयद ज़रीन ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार द्वारा गिनाए जा रहे तर्क महज एक ‘स्मोक स्क्रीन’ हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वास्तव में महिलाओं को ताकत नहीं देना चाहती. ज़रीन ने सवाल उठाया कि जब बिल 2023 में आया, तो इसे 2011 के आंकड़ों के आधार पर क्यों लागू किया जा रहा है? उन्होंने सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि 2021 में ही जनगणना हो जानी चाहिए थी, लेकिन अपनी कमियों को छुपाने के लिए सरकार अब जल्दबाजी कर रही है.
रूबिका लियाकत का ‘जनरल नॉलेज’ टेस्ट
जब सपा प्रवक्ता ने कहा कि 2011 के आंकड़ों पर निर्भरता गलत है, तो रूबिका लियाकत ने एक सीधा सवाल दागा, ‘अभी देश में आरक्षण किस साल की जनगणना के आधार पर चल रहा है?’ इस सरल से सवाल पर सपा प्रवक्ता साल बताने के बजाय अपनी बातों को घुमाती नजर आईं. रूबिका ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘मैं साल पूछ रही हूं मैडम और आप कह रही हैं मुझे संतरा खाना पसंद है.’ रूबिका ने तंज कसा कि शायद उन्हें ब्रीफिंग देने वाले ने पूरी जानकारी नहीं दी, वरना वह इस तरह लाइव डिबेट में लड़ नहीं रही होतीं.
कोविड और जनगणना का विवाद
बहस में जब 2021 की जनगणना न होने का मुद्दा उठा, तो रूबिका ने याद दिलाया कि 2021 में पूरा देश और दुनिया कोविड की विभीषण लहर से जूझ रही थी. उन्होंने कहा कि उस समय हम अपनों को खो रहे थे और घरों से निकलना मुमकिन नहीं था. हालांकि, पैनल में मौजूद अन्य सदस्यों ने तर्क दिया कि दुनिया के कई अन्य देशों और यहां तक कि पाकिस्तान ने भी उस दौरान जनगणना पूरी की. इसके जवाब में सरकार के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा गया कि भारत की प्राइमरी वैक्सीन और अपने नागरिकों की जान बचाना था, जिसकी तुलना किसी अन्य देश से नहीं की जा सकती.
वैक्सीन और मैनेजमेंट पर पलटवार
डिबेट के अंत में भारत के कोविड मैनेजमेंट और स्वदेशी वैक्सीन की सफलता का जिक्र करते हुए विपक्ष को घेरा गया. यह स्पष्ट किया गया कि अमेरिका जैसे विकसित देशों के मुकाबले भारत ने अपनी आबादी को सुरक्षित रखने में बेहतर प्रदर्शन किया. कुल मिलाकर, यह डिबेट महिला आरक्षण के कानूनी पहलुओं से ज्यादा राजनीतिक इच्छाशक्ति और ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी पर सिमट कर रह गई.
सवाल-जवाब
समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर क्या मुख्य आरोप लगाया?
सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा का यह बिल केवल एक ‘स्मोक स्क्रीन’ है और सरकार वास्तव में महिलाओं को शक्ति नहीं देना चाहती. उन्होंने 2021 की जनगणना न होने को सरकार की विफलता बताया और कहा कि 18 साल पुराने (2011 के) आंकड़ों पर बिल लागू करना गलत है.
रूबिका लियाकत ने डिबेट के दौरान सपा प्रवक्ता को किस बात पर घेरा?
रूबिका लियाकत ने सपा प्रवक्ता से एक ‘जनरल नॉलेज’ का सवाल पूछा कि वर्तमान में देश में आरक्षण किस वर्ष की जनगणना के आधार पर दिया जा रहा है. जब प्रवक्ता सही जवाब नहीं दे पाईं, तो रूबिका ने उन पर तंज कसा कि वह बुनियादी तथ्यों की जानकारी के बिना बहस कर रही हैं.
सरकार की ओर से 2021 में जनगणना न करा पाने का क्या कारण दिया गया?
बहस के दौरान रूबिका लियाकत ने तर्क दिया कि 2021 में देश कोविड-19 महामारी के गंभीर दौर से गुजर रहा था, जिसके कारण जनगणना का काम संभव नहीं था. उन्होंने जोर दिया कि उस समय प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और वैक्सीन उपलब्ध कराना था.
डिबेट में कोविड वैक्सीन और अन्य देशों से तुलना पर क्या चर्चा हुई?
विपक्ष के एक सदस्य ने तर्क दिया कि अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देशों ने कोविड के बावजूद जनगणना कराई, तो भारत ने क्यों नहीं? इसके जवाब में कहा गया कि भारत ने जिस तरह से सिचुएशन को हैंडल किया और स्वदेशी वैक्सीन तैयार की, उसकी तुलना दुनिया के किसी भी देश से नहीं की जा सकती.


