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‘मेरे सामने मेरा भाई डूब रहा था…’, शिवरामपुर घाट पर डूबी 4 जिंदगियां, मृतक के परिजन ने बताया आंखों देखा मंजर

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Ballia News: यूपी के बलिया में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां घाट पर नहाने गई दो युवतियों और उन्हें बचाने गए दो युवकों की जान चली गई. मृतक के परिजनों ने अपना दर्द बयां किया. आइए जानते हैं कि आखिर घाट के पास क्या माहौल था और कैसे इतनी बड़ी घटना घटी.

बलिया: जिले के शिवरामपुर घाट पर सुबह के करीब 8 बजे हुई घटना को शायद कभी भुलाया नहीं जा सकता है. जहां कुछ ही पल पहले हंसी-खुशी गूंज रही थी, वहीं अचानक चीख पुकार मच गई और सन्नाटा छा गया. दरअसल यहां नहाने आईं दो युवतियां और उन्हें बचाने की कोशिश में जद्दोजहद करते दो युवक पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई. एक छोटी सी चूक ने चार जिंदगियों को हमेशा के लिए सुला दिया. गंगा की लहरें उन सपनों को अपने साथ बहाकर ले गईं, जो अभी उड़ान भरना ही चाह रहे थे.

परिवारों की आंखों के सामने उजड़ती दुनिया का दर्द शायद शब्दों में बयां करना संभव नहीं है. यह हादसा न केवल एक खबर है, बल्कि दिल को झकझोर देने वाली वो हकीकत है, जो हर किसी को रुला दे. हालांकि, इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर है. फिलहाल, दो युवतियां और दो युवकों का शव भी बरामद कर लिया गया है. आइए जानते हैं घटना के दौरान मौके पर मौजूद अपनों ने क्या कुछ कहा.

दो लड़कियों को बचाने गए युवक भी डूबे
थाना गड़वार क्षेत्र अंतर्गत रामपुर भोज निवासी बुजुर्ग जयलाल चौहान ने कहा कि उनकी नतिनी यानि चंदन चौहान की लड़की अनिका 2 वर्षीय का मुंडन संस्कार था. सभी लोग अपने कार्य में लगे हुए थे, तब तक चार लड़कियां गंगा में नहाने चली गईं और डूबने लगीं. इस दौरान दो लड़कियों को तो बचा लिया गया, लेकिन दो लड़कियां डूब गईं. सबसे दु:खद तो यह रहा कि दो लड़कियों को बचाने गए दो लड़के भी डूबकर भगवान को प्यारे हो गए. उन्होंने आगे कहा कि लड़कियों को उन्होंने मना भी किया था कि बेटा बहुत ज्यादा पानी में मत जाना, क्योंकि नदी का हाल कोई नहीं जानता है और गंगा घाट पर बहुत भीड़ थी. यह पूरी घटना तड़के सुबह 8 बजे की है. मृतक दो युवतियां एक परिवार की थीं और बचाने गए मृतक दो लड़के रिश्तेदारी में आए थे.

प्रशासन और पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं
गांव के प्रधान नरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान गंगा में नहाने चार युवतियां गईं, तो डूबने लगीं. उनको बचाने के लिए रिश्तेदारी में आए दो लड़के आगे बढ़े. इन दो लड़कों ने दो लड़कियों को तो बचा लिया, लेकिन दो के साथ खुद भी मौत को गले लगा लिए. उन्होंने आगे कहा कि मुंडन संस्कार के दौरान शिवरामपुर घाट पर पहले से ही बहुत भीड़ उमड़ती आ रही है. लेकिन दु:खद बात यह है कि प्रशासन की तरफ से ना कोई पुलिस थी और ना ही कोई सुदृढ़ व्यवस्था की गई थी.

भाई के सामने डूब गया भाई
मृतक अर्जुन चौहान के भाई राज चौहान ने कहा कि वह मौके पर मौजूद थे. उन्होंने देखा कि उनके चाचा का लड़का समीर चौहान डूब रहा था, जिसको बचाने के लिए गए. उसको बचाकर ले आए, तब तक नजर पड़ी कि एक उनके भाई भी डूब रहे हैं. राज ने बड़ा प्रयास किया, लेकिन उनके भाई के साथ एक और लड़के की मौत हो गई. यह कितना बड़ा इमोशनल मोमेंट्स से भरा दृश्य होगा, जब एक भाई के सामने उसका भाई छिन गया. चार युवक और युवतियों (हर्षिता चौहान 17 साल, अरुण चौहान 20 वर्ष, नंदिता चौहान 12 साल और अर्जुन चौहान 19 वर्षीय) की मौत हो गई है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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