Last Updated:
UP Cabinet Meeting: यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सोमवार (18 अप्रैल) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली अहम बैठक होने जा रही है. इस महाबैठक में दोनों डिप्टी सीएम और नए मंत्रियों सहित पूरी टीम मौजूद रहेगी. सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनावों को देखते हुए योगी सरकार कानून-व्यवस्था, विकास और जनहित से जुड़ी कई लोक-लुभावन योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है. साथ ही नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर भी बड़ा फैसला हो सकता है. पूरी खबर पढ़ें…
UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (18 अप्रैल) को कैबिनेट की एक बेहद अहम और बड़ी बैठक बुलाई है. हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के दूसरे बड़े विस्तार के बाद यह पूरी तरह से सजी ‘नई नवेली’ कैबिनेट की पहली ऑफिशियल बैठक होगी. इस बैठक पर न सिर्फ राजनीतिक गलियारों की, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता की निगाहें टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक में यूपी के विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं.
सभी दिग्गजों और नए चेहरों की होगी मौजूदगी
सोमवार को होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. इस महाबैठक में सरकार के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत सभी वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे. खास बात यह है कि हाल ही में योगी टीम का हिस्सा बने नए चेहरे भी इस बैठक में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में प्रदेश के विकास, बेहतर कानून-व्यवस्था और जनता से जुड़ी कई बड़ी सरकारी योजनाओं के प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है.
चुनावी समीकरण और लोक-लुभावन फैसलों पर नजर
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए योगी सरकार इस समय पूरी तरह से एक्शन में है. सरकार की कोशिश सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार जनता को लुभाने वाले कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स और लोक-लुभावन घोषणाओं पर मुहर लगा सकती है. इसके साथ ही, कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कुछ कड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं. इस बैठक में नए मंत्रियों को उनके विभागों का बंटवारा होने और काम को लेकर सीएम योगी की तरफ से कड़े दिशा-निर्देश मिलने की भी पूरी संभावना है.
सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश
हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण, ओबीसी और दलित समीकरणों को एक साथ साधने की पुरजोर कोशिश की है. माना जा रहा है कि कैबिनेट के फैसलों में भी इन सभी वर्गों के हितों का खास ख्याल रखा जाएगा. आइए एक नजर डालते हैं योगी सरकार की इस नई टीम पर, जिसमें 6 नए चेहरों को एंट्री मिली है और 2 पुराने मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है:
नए कैबिनेट मंत्री:
भूपेंद्र सिंह चौधरी: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष.
मनोज कुमार पांडेय: समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले कद्दावर नेता.
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) – पदोन्नति:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहतर और शानदार कामकाज को इनाम देते हुए अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोट किया है और उन्हें राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.
नए राज्य मंत्री:
योगी सरकार ने अपनी टीम में चार नए चेहरों को राज्य मंत्री के रूप में जगह दी है:
कृष्णा पासवान: फतेहपुर की खागा सीट से विधायक.
सुरेंद्र दिलेर: अलीगढ़ के खैर विधानसभा क्षेत्र से विधायक.
कैलाश सिंह राजपूत: कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक.
हंसराज विश्वकर्मा: वाराणसी से विधान परिषद सदस्य (MLC).
जनता को बड़ी उम्मीदें, बनेगा नया रोडमैप
उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई और पूरी तरह से गठित टीम की पहली बैठक बेहद महत्वपूर्ण है. इस बैठक से न केवल राज्य के प्रशासनिक कामकाज को एक नई दिशा मिलेगी, बल्कि आने वाले समय के लिए सरकार की राजनीतिक रणनीति का रोडमैप भी साफ हो जाएगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि सोमवार को होने वाली इस बैठक से उत्तर प्रदेश की जनता के पिटारे में क्या कुछ नया निकलता है.
About the Author

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


