ग्रेटर नोएडा: श्रमिकों के हितों की रक्षा व जनपद में औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं. इन फैसलों से न केवल श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उन्हें सुरक्षा, सम्मान और न्याय का भरोसा भी मिलेगा. जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है, जिससे श्रमिकों की प्रमुख मांगों को पूरा किया जा रहा है.
अब कितना बढ़ा है वेतन
जिलाधिकारी ने कहा कि यह निर्णय श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. समिति के निर्णय के अनुसार विभिन्न श्रेणी के श्रमिकों का वेतन बढ़ाकर 13,690 रुपये से 16,868 रुपये तक कर दिया गया है. इस वेतन वृद्धि से हजारों श्रमिकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा.
10 तारीख से पहले वेतन
उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी श्रमिकों का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख से पहले एकमुश्त उनके बैंक खातों में जमा करना अनिवार्य होगा. इससे वेतन भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और देरी की समस्या समाप्त होगी. साथ ही श्रमिकों को वार्षिक बोनस नवंबर से पहले दिया जाएगा, जिससे उन्हें त्योहारों के समय आर्थिक सहायता प्राप्त होगी.
कहा कि श्रमिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए ओवरटाइम कार्य पर दोगुना वेतन देने का प्रावधान किया गया है. यदि कोई श्रमिक साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करता है, तो उसे भी डबल वेतन मिलेगा. इसके अतिरिक्त, श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन को बनाए रखने में सहायता मिलेगी.
यौन उत्पीड़न निवारण समिति का होगा गठन
उन्होंने बताया कि महिला श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक औद्योगिक इकाई में यौन उत्पीड़न निवारण समिति का गठन अनिवार्य किया गया है. इस समिति की अध्यक्षता महिलाएं करेंगी. उन्होंने कहा कि कि इससे संबंधित सूचनाएं प्रत्येक उद्योग के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाएं, ताकि श्रमिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें और सुरक्षित वातावरण में कार्य कर सकें.
श्रमिकों की समस्याओं का होगा फौरन समाधान
उन्होंने बताया कि श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम का गठन भी किया गया है. इसमें चार हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से कोई भी श्रमिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राप्त शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी समाधान किया जाएगा.
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाया गया है. कहा कि यदि किसी आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसके श्रमिकों द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, उसके लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी. यह निर्णय औद्योगिक इकाइयों में अनुशासन और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है.
नियमों का पालन करें और जनपद में शांति एवं सौहार्द बनाए रखें
बताया कि इस संबंध में समस्त श्रमिकों, औद्योगिक इकाइयों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और जनपद में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें. निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.


