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रेड बॉल ने सिखाया व्हाइट गेंद पर कंट्रोल, भुवी ने बताया कैसे करते है पावरप्ले में बॉलिंग का प्लान, बल्लेबाजों ने गेम बदल दिया

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नई दिल्ली.  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का मानना है कि आजकल टी20 बल्लेबाज लगातार आक्रामक खेलते हैं, इसलिए गेंदबाजों को पावरप्ले में भी डिफेंसिव और रणनीतिक सोच अपनानी चाहिए, चाहे गेंद स्विंग हो रही हो. भुवनेश्वर ने शानदार 3 विकेट लेकर सिर्फ 5 रन दिए और जोश हेजलवुड (4/12) के साथ मिलकर कोटला की उछाल और स्विंग वाली पिच पर दिल्ली कैपिटल्स को सिर्फ 75 रन पर आउट कर दिया.

आरसीबी ने 6.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और नौ विकेट बाकी थे. भुवनेश्वर ने कहा, “सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बल्लेबाज अब पावरप्ले में भी गेंद स्विंग होने पर रुकते नहीं हैं. पहले हालात का ज्यादा सम्मान होता था, लेकिन अब लगातार आक्रामकता है. इसी वजह से गेंदबाजों की सोच बदलनी जरूरी है, डिफेंसिव होना गलत नहीं है, यह प्लान के मुताबिक गेंदबाजी करने और कमजोरियों को निशाना बनाने की बात है.

पावरप्ले में पिच चाहे जैसा हो मार तो पड़ेगी

भुवनेश्वर, जो अब भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं, ने बताया कि जब पिच से थोड़ी मदद मिलती है तो तेज गेंदबाज आक्रामक हो जाते हैं. उन्होंने कहा, “फ्लैट विकेट पर जब कोई मदद नहीं मिलती, तो सोच डिफेंसिव हो जाती है, लेकिन इसका मतलब नकारात्मक नहीं है, बल्कि रन रोकने और चौके-छक्के से बचने पर ध्यान होता है, खासकर आक्रामक बल्लेबाजों के खिलाफ. लेकिन जब हवा में थोड़ी मदद मिलती है, तो सोच आक्रामक हो जाती है और विकेट लेने की कोशिश होती है.” उन्होंने कहा, “अगर थोड़ा सा भाग्य साथ दे या गेंद मूव हो, तो इरादा लगातार हमला करने और मौके बनाने का होता है, सिर्फ रन रोकने का नहीं.

असरदार जोड़ीदार

भुवनेश्वर ने अपनी और हेजलवुड की शानदार गेंदबाजी के बारे में कहा कि यह छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने का नतीजा है. उन्होंने कहा, “बहुत कुछ तैयारी और हालात को समझने पर निर्भर करता है. प्लानिंग, छोटी-छोटी बातों तक, बहुत मायने रखती है, और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी खिलाड़ी होने से मदद मिलती है, क्योंकि मैदान पर बातचीत से हालात के मुताबिक ढलना आसान होता है.

रेड बॉल की लेंथ का फायदा

भुवनेश्वर को स्विंग गेंदबाजी का मास्टर माना जाता है और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय रेड-बॉल क्रिकेट को दिया. उन्होंने कहा, “हालात और गेंद का असर जरूर होता है, लेकिन सबसे जरूरी बेसिक्स हैं, जैसे कलाई की पोजिशन, लाइन-लेंथ पर कंट्रोल और अलाइनमेंट. मेरे लिए, ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने से इन चीजों में महारत मिली है. इससे आप अपनी एक्शन को बार-बार दोहरा सकते हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. जब गेंद स्विंग होती है, तो गेंदबाजों के लिए बड़ा फायदा होता है और तब उसे जितना हो सके, इस्तेमाल करना चाहिए.”



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