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वैभव सूर्यवंशी की चर्चा इस वक्त हर तरफ हो रही है. इंडियन प्रीमियर लीग में धमाकेदार खेल देखने के बाद हर कोई उनके टीम इंडिया में डेब्यू की बात कर रहा है. राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक जुबिन भरूचा ने वैभव को टेस्ट टीम में मौका दिए जाने की सिफारिश की है.
वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट टीम में शामिल करने की सिफारिश
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने जैसा खेल दिखाया है उससे हर कोई उनका फैन बन गया है. भारत के लिए इस युवा के डेब्यू की मांगें पहले ही तेज हो रही है. टी20 में धमाका करने वाले राजस्थान रॉयल्स के बैटर को टेस्ट टीम में जगह दिए जाने की बात होने लगी है. सूर्यवंशी की उम्र सिर्फ 15 साल है और पिछले एक साल में उन्होंने जो हासिल किया है, उसे देखकर पूर्व क्रिकेटर भी उन्हें भारतीय जर्सी में देखने के लिए उत्साहित हैं.
वैभव सूर्यवंशी ने ज्यादातर टी20 क्रिकेट खेला है, बीच-बीच में कुछ वनडे भी खेले हैं. रेड बॉल क्रिकेट में उनका अनुभव सबसे कम है. उन्होंने सिर्फ आठ फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं. कुछ यूथ टेस्ट भी खेल चुके हैं. ऐसे में लंबे समय में सूर्यवंशी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेटर बन सकते हैं. फिलहाल वे उसी फॉर्मेट के लिए सबसे उपयुक्त हैं जिसमें उन्होंने सबसे ज्यादा कमाल दिखाया है.
सूर्यवंशी के मेंटर और राजस्थान रॉयल्स में उन्हें लाने वाले जुबिन भरूचा का मानना है कि इस युवा खिलाड़ी को भारत के लिए डेब्यू कराना ही सबसे अच्छा फैसला होगा. भरूचा को 1989 का वो वक्त याद आता है जब बीसीसीआई ने युवा सचिन तेंदुलकर पर भरोसा जताया था. उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट कैप दी थी. उसके बाद की कहानी तो सब जानते हैं.
भरूचा ने विजडन से कहा, “यह एक मुश्किल फैसला है क्योंकि अगर आप किसी भी पैमाने से देखें, स्कोर, स्ट्राइक रेट, रन वह पहले ही लाइन में खड़े कई खिलाड़ियों से आगे है. मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं को वही भरोसा दिखाना चाहिए जैसा उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ किया था और उसे तुरंत मौका देना चाहिए.”
जहां तक सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में आजमाने की बात है, इसमें कोई शक नहीं है. भरूचा का मानना है कि यह युवा खिलाड़ी सिर्फ ओपनर से कहीं ज्यादा है. सूर्यवंशी ने अपने करियर में ज्यादातर ओपनिंग की है लेकिन उनके मेंटर के मुताबिक उनकी असली क्षमता लोअर मिडिल ऑर्डर में है. फिलहाल भारत की टेस्ट टीम में ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा खेलते हैं. कुछ तकनीकी बदलावों के साथ सूर्यवंशी महानता की ओर बढ़ सकते हैं.
भरूचा ने कहा, “मैं अभी उसे नंबर 4 पर नहीं भेजूंगा. वह फिलहाल उससे थोड़ा पीछे है. 5-6 नंबर पर, जहां वह 60वें या 70वें ओवर में आकर तेज 40-50 रन बना सकता है. फिर जब नया बॉल आएगा और वह उसे संभालना सीख जाएगा. मेरी लंबी सोच यह है कि अगर हम उसे मूविंग बॉल की बारीकियां समझा पाएं, कि अलग-अलग परिस्थितियों में वह उसका सामना कैसे करता है. उदाहरण के लिए, अगर बेंगलुरु में टेस्ट मैच है तो वह ओपनिंग कर सकता है और रन बना सकता है, लेकिन अगर वह लीड्स या कहीं और जाता है, जहां चारों तरफ फील्डर होते हैं और बॉल दिखती नहीं है, तो वह चुनौती हो सकती है.”
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विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें


