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सरकारी स्कूल टीचर के बेटे ने आईपीएल में किया डेब्यू, पिता बनाना चाहते थे डॉक्टर, बेटे का दिल क्रिकेट के लिए धड़कता था

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स्कूल टीचर के बेटे ने आईपीएल में किया डेब्यू, पिता बनाना चाहते थे डॉक्टर

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Who is Auqib Nabi: बारामूला के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल में डेब्यू किया. आईपीएल ऑक्शन में 8.40 करोड़ रुपये की बड़ी कीमत पाने वाले आकिब ने रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में 60 विकेट लेकर इतिहास रचा है. अपनी घातक स्विंग और विकेट निकालने की अद्भुत कला के कारण वह अब भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने के सबसे बड़े दावेदार बनकर उभरे हैं. आकिब के पिता गुलाम नबी सरकारी स्कूल में टीचर हैं जो अपने बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे.

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आकिब नबी का आईपीएल में हुआ डेब्यू.

नई दिल्ली. चेन्नई का एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) ऐतिहासिक पल का गवाह बना. जब दिल्ली कैपिटल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस के बाद अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा की, तो उसमें एक नाम सबसे ज्यादा चमक रहा था आकिब नबी. जम्मू-कश्मीर के इस 29 वर्षीय तेज गेंदबाज ने न केवल अपना आईपीएल डेब्यू किया, बल्कि एक ऐसे सफर को मुकाम पर पहुंचाया जो कड़ी मेहनत, धैर्य और अटूट विश्वास की मिसाल है. आकिब नबी रातों-रात चर्चा में तब आए जब 2026 की आईपीएल नीलामी में उन पर पैसों की बारिश हुई. दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा. यह मामूली बात नहीं थी, क्योंकि उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों के बीच लंबी ‘बिडिंग वॉर’ चली थी.

एक खिलाड़ी जो कुछ समय पहले तक विभिन्न फ्रेंचाइजी के लिए केवल एक नेट बॉलर के तौर पर पसीना बहा रहा था, उसका 8 करोड़ से अधिक की कीमत पाना यह बताता है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में प्रतिभा की कितनी कद्र है. आकिब नबी (Auqib Nabi)का आईपीएल तक का रास्ता उनके हालिया घरेलू प्रदर्शन ने तैयार किया. रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में उन्होंने वह कर दिखाया जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में विरले ही कर पाए हैं. आकिब ने महज 10 मैचों में 60 विकेट चटकाए. उनका गेंदबाजी औसत मात्र 12.56 रहा, जो उनकी सटीकता को दर्शाता है. 92 साल के रणजी ट्रॉफी इतिहास में आकिब तीसरे ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने एक सीजन में 60 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया. उनकी इसी धारदार गेंदबाजी की बदौलत जम्मू-कश्मीर की टीम ने इस सीजन में कई दिग्गजों को धूल चटाई.

आकिब नबी का आईपीएल में हुआ डेब्यू.

पिता बनाना चाहते थे डॉक्टर
आकिब नबी की इस सफलता के पीछे केवल मैदान का संघर्ष नहीं, बल्कि घर की चारदीवारी के भीतर जिया गया एक जज्बाती द्वंद्व भी है. बारामूला के शिरी गांव के एक सरकारी स्कूल में टीचर पिता गुलाम नबी चाहते थे कि उनका बेटा स्टेथोस्कोप थामे. सफेद कोट पहने और एक डॉक्टर के रूप में सुरक्षित भविष्य की नींव रखे. एक मध्यमवर्गीय पिता के लिए क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल था, इसलिए कभी डांट पड़ी तो कभी खेल पर पाबंदियां लगीं. लेकिन आकिब की रगों में लहू के साथ क्रिकेट की जिद दौड़ रही थी. पथरीले मैदानों से शुरू हुआ उनका सफर, संसाधनों की तंगी और कश्मीर की सर्द रातों में देखे गए गर्म सपनों का परिणाम है.

स्विंग और रफ्तार का संगम
बारामूला के ‘स्पीडस्टर’ आकिब नबी की सबसे बड़ी ताकत उनकी दोनों तरफ गेंद को स्विंग कराने की क्षमता है. जहां आधुनिक क्रिकेट में सपाट पिचों पर तेज गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं, वहीं आकिब के पास ‘बैटिंग फ्रेंडली’ पिचों पर भी विकेट निकालने का हुनर है. उनकी गेंदें हवा में लहराती हैं और टप्पा खाने के बाद जिस तरह से कांटा बदलती हैं, उसने अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को चकित किया है. क्रिकेट पंडितों का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी खूबी उनका ‘एटीट्यूड’ है. एक नेट बॉलर के रूप में सालों बिताने के बाद भी उन्होंने अपनी गति और कौशल पर काम करना नहीं छोड़ा, जिसका फल आज उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी लीग में मिल रहा है.

अगला पड़ाव टीम इंडिया की टेस्ट कैप?
आकिब नबी का प्रदर्शन सिर्फ आईपीएल तक सीमित रहने वाला नहीं है. जिस तरह की फॉर्म और फिटनेस उन्होंने दिखाई है, उन्हें भारतीय टेस्ट टीम के लिए सबसे प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा है. आकिब के पास वह ‘एक्स-फैक्टर’ है जो एक टेस्ट गेंदबाज के पास होना चाहिए. वह लंबे स्पैल फेंक सकते हैं और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने में भी माहिर हैं. परवेज रसूल और उमरान मलिक के बाद आकिब नबी जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट की नई मशाल हैं. चेपॉक की गर्मी में चेन्नई के खिलाफ उनका डेब्यू सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं. यदि आकिब अपनी इस लय को आईपीएल में भी बरकरार रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब हम उन्हें नीली जर्सी के बजाय सफेद कपड़ों में भारत के लिए नई गेंद संभालते हुए देखेंगे.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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