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cow and buffalo rearing I गोंडा समाचार

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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के मनकापुर विकासखंड की नीलम ने स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़कर पशुपालन के जरिए अपनी जिंदगी बदल दी. पहले गृहिणी रहीं नीलम ने समूह से बचत और बैंक ऋण लेकर 40 हजार रुपये से एक गाय और एक भैंस के साथ डेयरी व्यवसाय शुरू किया. आज उनके पास करीब 14 भैंस और 3–4 गाय हैं और रोजाना 40–50 लीटर दूध उत्पादन होता है. दूध और गोबर से उनकी सालाना आय लगभग 7–8 लाख रुपये तक पहुंच गई है.

गोंडा. जिले विकासखंड मनकापुर की एक महिला ने स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल ली है. पहले वह घर की जिम्मेदारियों तक ही सीमित थी, लेकिन अब गाय और भैंस पालन के जरिए अच्छी कमाई कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. महिला ने गांव के स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बचत और छोटे ऋण की सुविधा का लाभ लिया. समूह की मदद से उन्होंने कुछ पैसे इकट्ठा किए और बैंक से भी सहायता लेकर गाय और भैंस खरीदी. शुरुआत में काम थोड़ा मुश्किल लगा, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने पशुपालन की बारीकियां सीख ली. लोकल 18 से बातचीत के दौरान नीलम बताती है कि उन्होंने पढ़ाई नहीं की है उनकी शादी हो गई और वह हाउसवाइफ थी. उसके बाद उनको स्वयं सहायता समूह के बारे में पता चला और स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के बाद उन्होंने बैंक से लोन लेकर गाय, भैंस पालने का बिजनेस शुरु किया.

कहां से आया आइडिया

नीलम बताती है कि हमको यह आइडिया स्वयं सहायता समूह की सरिता पांडे ने दिया है. उन्होंने बताया कि आप समूह में जुड़िए और समूह में जुड़ने के बाद आप डेयरी के बिजनेस की शुरुआत करें. फिर मैं समूह में जुड़ गई और अपने समूह का नाम मां काली स्वयं सहायता समूह रखा और समूह में जुड़ने के बाद हमने उस समय एक भैंस से शुरुआत की थी उसी समय हमारे बिजनेस की शुरुआत 40 हजार से हुई थी. नीलम बताती है की शुरुआत में हमारे पास केवल एक भैंस थी और एक गाय थी और हमारे पास इतनी पूंजी नहीं थी कि हम इसको बड़े स्तर पर कर सके हमने छोटे स्तर से शुरुआत की और इस समय हमारे पास लगभग 14 भैंस और तीन चार गाय है.

कितने रुपए से की थी शुरुआत

नीलम बताती हैं कि हमने पशुपालन के बिजनेस 40000 से शुरुआत की थी और इस समय हमारा बिज़नेस लाखों का है. नीलम बताती है कि अपने गाय भैंस को हरा चारा, भूसा, चोकर और पशु आहार देते हैं, साथ इनका हम समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप करती रहती हूं और समय-समय पर टिका लगवाती रहती हूं. मैं अपने गाय भैंस का बहुत ध्यान रखती हूं और हमारी पूरी फैमिली मिलकर इस बिजनेस को कर रही है. नीलम बताती है हमने बिजनेस की शुरुआत की तो फैमिली वालों का पूरा सपोर्ट मिला लेकिन आस पड़ोस के लोगों ने काफी डिमोटिवेट किया. लेकिन हमने हार नहीं मानी और बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात एक करती रही और इस समय हमारा बिज़नेस अच्छा चल रहा है. नीलम बताती है कि हमारे यहां इस समय लगभग 10 से 12 महिलाएं काम करती हैं.

डेली का कितना हो रहा है दूध का उत्पादन

नीलम बताते हैं कि हमारे यहां डेली 40 से 50 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है.  नीलम बताती है हमारे दूध के कुछ सप्लाई हमारे घर से हो जाती है और बाकी बचे दूध की सप्लाई मनकापुर में करती हूं. नीलम बताते हैं की सालाना हमारा दूध और गोबर मिलकर लगभग 7 से 8 लाख रुपए की इनकम हो रही है. नीलम बताती है कि लगभग तीन से चार साल हो गए हैं हमको पशुपालन बिजनेस करते हुए अब हमारी मेहनत रंग ला रही है और भविष्य में हम इसको और बड़ा बनना चाहते है.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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