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UP Politics: यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार और यूपी बीजेपी संगठन में बदलाव को लेकर गुरुवार देर रात तक अहम् बैठक हुई. इस बैठक में योगी कैबिनेट में छह नए चेहरों को शामिल करने और जातिगत समीकरण साधने के साथ ही यूपी बीजेपी की नई टीम को लेकर भी चर्चा हुई. कहा जा रहा है कि अगले 15 दिन में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है.
यूपी बीजेपी पंकज चौधरी ने नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से की मुलाकात.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल और प्रदेश बीजेपी संगठन में विस्तार की तैयारियां तेज हो गई हैं. 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा सामाजिक समीकरण साधने और विभिन्न समुदायों में व्याप्त असंतोष दूर करने पर जोर दे रही है. गुरुवार देर रात दिल्ली में बीजेपी आलाकमान की अहम बैठक हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष शामिल हुए. बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज की रिपोर्ट और आगामी चुनावी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई.
इससे पहले 12-13 अप्रैल को केंद्रीय पर्यवेक्षक और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े लखनऊ आए थे. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और अन्य वरिष्ठ नेताओं से बंद कमरे में मुलाकात की और फीडबैक लिया. तावड़े की रिपोर्ट अब दिल्ली में अंतिम फैसलों के लिए आधार बन रही है.
सामाजिक समीकरण पर फोकस
बैठकों में कुर्मी, पासी, शाक्य और मौर्य समुदायों में आए असंतोष को दूर करने पर विशेष चर्चा हुई. इन समुदायों से नए चेहरों को मंत्रिमंडल और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. साथ ही ब्राह्मण समुदाय में व्याप्त नाराजगी को शांत करने के लिए सवर्ण वर्ग की अधिक भागीदारी पर भी विचार चल रहा है. वर्तमान में मंत्रिमंडल में छह पद खाली हैं. प्रस्ताव है कि इन पदों पर छह नए मंत्रियों को शामिल किया जाए. कुछ पुराने मंत्रियों को हटाकर उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं. इसके अलावा विभिन्न आयोगों और निगमों में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां की जाएंगी.
अगले 15 दिन में हो सकता है विस्तार
सूत्रों के अनुसार, अगले 15 दिनों के अंदर मंत्रिमंडल में बदलाव की प्रक्रिया पूरी हो सकती है. पार्टी का लक्ष्य क्षेत्रीय, जातीय और विकासात्मक संतुलन बनाते हुए एक मजबूत टीम तैयार करना है, ताकि 2027 में तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके. यह पूरा मंथन 2027 के चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. लखनऊ में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं और अंतिम फैसले दिल्ली से आने की उम्मीद है.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें


