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8 सालों में किसी कोरियन नेता की पहली भारत यात्रा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली की मीटिंग पर दुनिया की नजर

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नई दिल्ली. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने रविवार को भारत की तीन-दिवसीय राजकीय यात्रा शुरू की. आठ साल से भी ज़्यादा समय में यह किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्राध्यक्ष की भारत की पहली यात्रा है. एक सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि ली जे-म्युंग सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात करेंगे. जून 2025 में पदभार संभालने वाले राष्ट्रपति ली, प्रथम महिला किम हे-क्यूंग के साथ नई दिल्ली पहुंचे. इस यात्रा को ‘ग्लोबल साउथ’ तक सियोल की पहुंच बनाने और भारत के साथ अपने संबंधों को ‘फिर से शुरू’ करने के एक अहम मौके के तौर पर देखा जा रहा है.

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “कोरिया गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का भारत की राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है. यह राष्ट्रपति ली की पहली यात्रा है…” पोस्ट में आगे कहा गया कि यह यात्रा “विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक अहम मील का पत्थर है.” हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति ली का स्वागत कॉर्पोरेट मामलों और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने किया, जो इस बात को दिखाता है कि नई दिल्ली इस यात्रा को कितनी अहमियत देता है.

भारत और दक्षिण कोरिया ने 2015 में अपने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया था. तब से, उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, हरित ऊर्जा, बुनियादी ढांचे के विकास और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ है. भारत के औद्योगिक और उपभोक्ता क्षेत्रों में दक्षिण कोरियाई कंपनियों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है, जबकि भारतीय कंपनियों ने कोरियाई बाज़ार में अपनी पकड़ मज़बूत की है.

अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति ली की यात्रा से मौजूदा पहलों को नई गति मिलने और व्यापार तथा निवेश के नए अवसरों के रास्ते खुलने की उम्मीद है. यह भारत के उन व्यापक प्रयासों के भी अनुरूप है, जिनका मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझेदारों के साथ जुड़ाव को गहरा करना है; इस संदर्भ में दक्षिण कोरिया को एक अहम स्तंभ के तौर पर देखा जाता है.

सूत्रों ने बताया कि सोमवार को राष्ट्रपति ली द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापक वार्ता किए जाने की उम्मीद है, जिसके बाद दोनों पक्ष कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, ली जे म्युंग के साथ दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम हीया क्यूंग और मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा व्यापारिक हस्तियों समेत एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वी सुंग-लाक ने सियोल में कहा, “ली जे म्युंग की यात्रा के मद्देनजर, दोनों देश जहाज निर्माण और समुद्री उद्योग, वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करेंगे.” उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति को लेकर घनिष्ठ समन्वय बनाए रखेंगे.”

विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति ली, प्रधानमंत्री मोदी के साथ जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, एआई, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर बातचीत करेंगे. ली जे म्युंग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे, जो उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन करेंगी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति ली की यात्रा दोनों देशों की साझा आकांक्षा को रेखांकित करती है कि वे सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों को और मजबूत करें तथा पारस्परिक हित के नए एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करें.”

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भारत और वियतनाम की यात्रा करेंगे तथा इस यात्रा का पहला चरण नई दिल्ली से शुरू होगा. नई दिल्ली में, ली के दोनों देशों के शीर्ष कॉर्पोरेट अधिकारियों वाले व्यापार मंच के एक कार्यक्रम में भी शामिल होने की संभावना है. पिछले कुछ वर्षों में भारत-दक्षिण कोरिया के रणनीतिक संबंधों में तेजी आई है. रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न द्विपक्षीय तंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें सैन्य सहयोग और रक्षा औद्योगिक सहयोग शामिल हैं.



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