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चयनकर्ता अब कड़े फैसले लेने के मूड में हैं, और पंत की बादशाहत खत्म होने की कगार पर है. एक साल से रन बनाने को तरस रहे हैं ऋषभ पंत की सबसे बड़ी ताकत उनकी आक्रामक और मैच जिताऊ बल्लेबाजी रही है, लेकिन पिछले एक साल में उनके बल्ले को जंग लग चुकी है. वह क्रीज पर रन बनाने के लिए बुरी तरह छटपटा रहे हैं.
ऋषभ पंत पर सेलेक्शन कमेटी में होगी तकरार, टेस्ट क्रिकेट की छिन सकती है उप-कप्तानी
नई दिल्ली. भारतीय टेस्ट क्रिकेट इस समय आत्ममंथन के सबसे बड़े चौराहे पर खड़ा है घरेलू सरजमीं पर न्यूजीलैंड और दक्षिण खिलाफ 0-3 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप ने टीम इंडिया के रसूख को मिट्टी में मिला दिया है. इस शर्मनाक प्रदर्शन की सबसे बड़ी गाज टीम के उप कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत पर गिरना तय माना जा रहा है. अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट के लिए मंगलवार को होने वाला टीम का ऐलान पंत के करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है.
चयनकर्ता अब कड़े फैसले लेने के मूड में हैं, और पंत की बादशाहत खत्म होने की कगार पर है. एक साल से रन बनाने को तरस रहे हैं ऋषभ पंत की सबसे बड़ी ताकत उनकी आक्रामक और मैच जिताऊ बल्लेबाजी रही है, लेकिन पिछले एक साल में उनके बल्ले को जंग लग चुकी है. वह क्रीज पर रन बनाने के लिए बुरी तरह छटपटा रहे हैं.
एक साल का सूखा
पिछले 12 महीनों में पंत के बल्ले से कोई भी बड़ी या प्रभाव छोड़ने वाली पारी नहीं निकली है. पंत का आखिरी टेस्ट शतक जून 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट में आया था, उस ऐतिहासिक पल के बाद से उनका फॉर्म ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है. जब कप्तान खुद मोर्चे से फ्लॉप साबित हो रहा हो, तो पूरी टीम का ताश के पत्तों की तरह बिखरना स्वाभाविक है. न्यूजीलैंड के खिलाफ बेंगलुरु टेस्ट में टीम का 46 रन पर ढेर होना और पुणे-मुंबई में स्पिन के सामने घुटने टेकना पंत के गिरते फॉर्म का सबसे बड़ा सबूत है.
उप- कप्तानी छीनने का फैसला
भारतीय पिचों पर टीम इंडिया का जो अभेद्य किला पिछले 12 सालों से खड़ा था, वह अब ढह चुका है. न्यूजीलैंड ने भारत को उसके अपने ही घर में 3-0 से रौंदकर इतिहास का सबसे बड़ा जख्म दिया. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी भारतीय परिस्थितियों का फायदा उठाकर टेस्ट सीरीज अपने नाम की. बीसीसीआई (BCCI) के गलियारों से आ रही खबरें साफ कर रही हैं कि बोर्ड अब भविष्य की टेस्ट टीम के लिए पंत पर दांव लगाने के मूड में बिल्कुल नहीं है. रही सही कसर पंत की कप्तानी में जो हाल आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स का हुआ उसने पूरी कर दी है.
बेंच स्ट्रेंथ का त्रिशूल
पंत के लिए मुश्किलें सिर्फ उप-कप्तानी जाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि टेस्ट टीम में उनकी जगह भी अब खतरे में है. भारतीय क्रिकेट के तीन नए सूरमाओं ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से पंत पर त्रिशूल जैसा वार करने को तैयार है. ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट और भारत ए के लिए लगातार रन बना रहे किशन अपनी आक्रामक शैली से पंत का सबसे सटीक रिप्लेसमेंट बनकर उभरे हैं. संजू सैमसन: सफेद गेंद के क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद सैमसन अब रेड बॉल क्रिकेट में भी दस्ताने थामने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ध्रुव जुरेल: इस युवा खिलाड़ी ने टेस्ट प्रारूप में अपनी मजबूत बल्लेबाजी तकनीक और बेदाग विकेटकीपिंग से चयनकर्ताओं का दिल जीता है. जुरेल की खेल को संभालने की क्षमता पंत की लापरवाही पर भारी पड़ रही है.
मंगलवार का महाफैसला
मंगलवार को अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम चुनते समय चयनकर्ताओं के सामने दो ही रास्ते होंगे या तो पंत को उप कप्तानी के बोझ से मुक्त कर उन्हें बतौर विशुद्ध बल्लेबाज अपने फॉर्म पर ध्यान देने को कहा जाए, या फिर उन्हें पूरी तरह से ड्रॉप कर युवा खून को मौका दिया जाए.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


