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कड़कनाथ मुर्गी पालन I किसानों के लिए व्यवसाय

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कड़कनाथ मुर्गी पालन किसानों और युवाओं के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे वाला व्यवसाय बनता जा रहा है. काले मांस, कम कोलेस्ट्रॉल और हाई प्रोटीन के कारण बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. छोटे स्तर से शुरू कर किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं.

लखीमपुर खीरी. आज के समय में पारंपरिक खेती के साथ किसान और युवा स्वरोजगार के नए विकल्प तलाश रहे हैं. ऐसे में कड़कनाथ मुर्गी पालन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कड़कनाथ मुर्गा व मुर्गी अपनी खास पहचान, काले रंग के मांस और बेहतर पोषण गुणों के कारण देशभर में काफी पसंद किया जा रहा है. इसकी बढ़ती मांग किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बन रही है. कड़कनाथ को आम मुर्गियों से अलग माना जाता है. इस नस्ल की खास बात यह है कि इसके पंख, त्वचा और मांस तक का रंग गहरा होता है माना जाता है कि इसमें प्रोटीन अधिक और फैट कम होता है, जिस वजह से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे पसंद करते हैं. अगर आप भी मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो आप छोटे स्तर से शुरू कर सकते हैं.

कड़कनाथ पालन शुरू करने के लिए शुरुआत में छोटे स्तर पर 50 से 100 चूजों से काम शुरू किया जा सकता है. इसके लिए साफ-सफाई, उचित तापमान, संतुलित आहार और समय-समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है. किसान खुले वातावरण और अर्ध-खुले शेड में भी इसका पालन कर सकते हैं. बाजार में कड़कनाथ के अंडों और मांस की कीमत सामान्य मुर्गियों की तुलना में अधिक होती है. एक कड़कनाथ मुर्गा कई बार 700 से 1500 रुपये या इससे अधिक कीमत पर बिक जाता है, जबकि इसके अंडों की भी अच्छी मांग रहती है ऐसे में कम लागत में बेहतर मुनाफा मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

लोकल 18 से बातचीत करते हुए एन के त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि कड़कनाथ का मांस में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत ही कम पाई जाती है, जिस कारण बाजारों में इसकी मांस की डिमांड अधिक रहती है युवा और किसान आसानी से इसका पालन कर सकते हैं. कड़कनाथ पालन के लिए सबसे पहले साफ और सुरक्षित स्थान का चयन करना चाहिए. मुर्गियों के रहने के लिए शेड बनाना जरूरी है। शेड ऐसा होना चाहिए जहां हवा का उचित आवागमन हो और बारिश या अत्यधिक गर्मी से बचाव हो सके. कड़कनाथ मुर्गियों को संतुलित आहार देना बहुत जरूरी है शुरुआती समय में बाजार में मिलने वाला चूजा आहार दिया जा सकता है. बाद में मक्का, गेहूं, बाजरा, हरी घास और प्रोटीनयुक्त आहार भी दिया जा सकता है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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