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पापा, विराट का विकेट ले रहा हूं… पैरेंट्स की नौकरी छुड़ाने वाले क्रिकेटर की टीम इंडिया में एंट्री, ब्लू जर्सी में दिखेगा ‘बैट-तोडू’ ऑलराउंडर

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पापा, विराट का विकेट ले रहा हूं, वो क्रिकेटर, जो पहली बार पहनेगा ब्लू जर्सी

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Harsh Dubey who once predicted Virat Kohli’s wicket: विदर्भ के 23 वर्षीय स्टार ऑलराउंडर हर्ष दुबे को अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए पहली बार टीम इंडिया में चुना गया है. रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में रिकॉर्ड 69 विकेट चटकाने और आईपीएल में पापा से कहकर विराट कोहली का विकेट लेने वाले हर्ष की कहानी बेहद प्रेरणादायक है. उनके सपनों के लिए पिता ने सीआईएसएफ की नौकरी और मां ने टीचिंग छोड़ दी. अब यह ‘बैट-तोडू’ खिलाड़ी रवींद्र जडेजा के उत्तराधिकारी के रूप में भारतीय टीम को मजबूत करने के लिए तैयार है.

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हर्ष दुबे को रवींद्र जडेजा की जगह टीम इंडिया में देखा जा रहा है.

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में जब कोई युवा खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट की दीवारों को तोड़कर इंटरनेशनल स्टेज पर कदम रखता है, तो उसके पीछे सिर्फ उसकी मेहनत नहीं, बल्कि पूरे परिवार की तपस्या होती है. विदर्भ के 23 वर्षीय होनहार ऑलराउंडर हर्ष दुबे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए हर्ष को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया है. यह सिर्फ टीम इंडिया से बुलावा भर नहीं है, बल्कि उस विजन की जीत है जो इस युवा खिलाड़ी ने सालों पहले देखा था.

हर्ष दुबे (Harsh Dubey) के करियर में कई ऐसे मोड़ आए जिन्होंने साबित किया कि वह बड़े मंचों के खिलाड़ी हैं, लेकिन उनका असली निडर अंदाज तब देखने को मिला जब वह आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल रहे थे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच से ठीक पहले, हर्ष ने अपने पिता सुरेंद्र दुबे को फोन किया और बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा, ‘पापा, विराट का विकेट ले रहा हूं.’ यह कोई हवा-हवाई दावा नहीं था, बल्कि एक युवा स्पिनर का खुद पर अटूट भरोसा था. हर्ष ने मैदान पर उतरकर ठीक वैसा ही किया. उन्होंने अपनी फिरकी के जाल में फंसाकर महान बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली का विकेट चटकाया और दुनिया को दिखा दिया कि वह बड़े से बड़े बल्लेबाज के सामने आंखें मिलाने का दम रखते हैं. हर्ष को बड़े विकेट ‘मैनिफेस्ट’ करने (सोचने और उसे सच करने) की आदत है, और अक्सर विपक्षी टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज उनकी फिरकी का शिकार बनते हैं.

हर्ष दुबे को रवींद्र जडेजा की जगह टीम इंडिया में देखा जा रहा है.

एक गलत टर्न और बदल गई जिंदगी की राह
हर्ष दुबे के क्रिकेटर बनने की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है. एक दिन हर्ष अपने पिता सुरेंद्र के साथ स्कूल की कॉपियां खरीदने निकले थे. रास्ते में उन्होंने एक गलत टर्न ले लिया और संयोग से नागपुर के ‘रूबी क्रिकेट क्लब’ के सामने जा पहुंचे. छोटे से हर्ष ने वहां बच्चों को खेलते देख पिता से कहा कि वह भी खेलना चाहते हैं. उस दिन के बाद से हर्ष के कदम कभी नहीं रुके. उनके पिता सुरेंद्र, जो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में अधिकारी थे, खुद एक क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन पैसों की तंगी के कारण ऐसा नहीं कर सके.जब उन्होंने बेटे में प्रतिभा देखी, तो पूरे परिवार ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया. सुरेंद्र ने समय से पहले वीआरएस (रिटायरमेंट) ले लिया ताकि ट्रांसफर के चक्कर में हर्ष का क्रिकेट प्रभावित न हो. वहीं, उनकी मां ज्योति ने भी हर्ष के सपनों को पंख देने के लिए अपनी टीचिंग की नौकरी छोड़ दीय.

‘बैट-तोडू’ बल्लेबाज से रिकॉर्डतोड़ स्पिनर तक का सफर
शुरुआत में हर्ष एक शुद्ध बल्लेबाज थे, जो मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए जाने जाते थे. जूनियर क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण उन्हें ‘बैट-तोडू’ बल्लेबाज कहा जाने लगा था. लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. एक दिन नेट्स पर नियमित स्पिनर नहीं आया, तो हर्ष ने कामचलाऊ बाएं हाथ की स्पिन डालना शुरू किया.उनकी गेंदों में मौजूद टर्न और रेवलूशन ने कोच का ध्यान खींचा, और यहीं से उनके एक बेहतरीन ऑलराउंडर बनने का सफर शुरू हुआ.

करियर में बड़ा झटका तब लगा जब वह भारत की अंडर-19 विश्व कप टीम में जगह बनाने से चूक गए. लेकिन उन्होंने हिम्मत हारने के बजाय खुद को पूरी तरह बदल डाला. उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया और डाइट से चीनी (शुगर) को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. हर्ष की मेहनत रंग लाई और उन्होंने अंडर-25 सर्किट में तहलका मचा दिया. उनके यूट्यूब वीडियो देखकर भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने हर्ष को चेन्नई लीग में खेलने के लिए चुन लिया. इसके बाद आया साल 2024 का रणजी ट्रॉफी फाइनल, जहां मुंबई के खिलाफ हर्ष ने एक मैराथन स्पेल फेंकते हुए 5 विकेट चटकाए और दूसरी पारी में संकट के समय 65 रनों की जुझारू पारी खेली.इस प्रदर्शन की तारीफ खुद सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर ने की थी.

रणजी ट्रॉफी के 2024-25 सीजन में जब विदर्भ के सीनियर स्पिनर आदित्य सरवटे केरल चले गए, तो हर्ष पर स्पिन आक्रमण की पूरी जिम्मेदारी आ गई. उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और एक सीजन में रिकॉर्ड 69 विकेट चटकाकर इतिहास रच दिया. यह किसी भी गेंदबाज द्वारा एक रणजी सीजन में लिए गए सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड है. विदर्भ ने खिताब जीता और हर्ष ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बने.

क्या जडेजा का विकल्प बनेंगे हर्ष?
आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए हर्ष ने अपनी उपयोगिता साबित की. शुरुआती 3 मैचों में 5 विकेट लेकर चमकने वाले हर्ष ने इस सीजन में 8 मैचों में 28.50 की औसत से 8 विकेट चटकाए हैं. क्रिकेट के गलियारों में हर्ष दुबे को रवींद्र जडेजा के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है. हर्ष की बल्लेबाजी बिल्कुल जडेजा की तरह ‘संकटमोचक’ है तकनीकी रूप से मजबूत, दबाव के क्षणों में शांत रहने वाली और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट्स लगाने में माहिर. हालांकि, गेंदबाजी के मामले में वह जडेजा से थोड़े अलग हैं. हर्ष एक क्लासिक लेफ्ट-आर्म स्पिनर हैं जो गेंद को हवा में ज्यादा रेवलूशन देते हैं और गेंद को पारंपरिक तरीके से टर्न कराने पर भरोसा रखते हैं.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें



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