Tamil Nadu Cabinet Expansion: तमिलनाडु में जिसका इंतजार था, वो काम हो गया. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने आज यानी गुरुवार को अपनी कैबिनेट का विस्तार किया. थलापति विजय की सरकार में 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इन 23 विधायकों में विजय की टीवीके पार्टी के 19 विधायक और सहयोगी कांग्रेस पार्टी के 2 विधायक शामिल हैं, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली. इस तरह से 59 वर्षों बाद कांग्रेस को तमिलनाडु कैबिनेट में जगह मिली.
सूत्रों के मुताबिक, सहयोगी दल वीसीके और आईयूएमएल के लिए दो मंत्रालय आरक्षित रखे गए हैं, लेकिन इन दलों ने अभी अपने मंत्रियों के नाम तय नहीं किए हैं. वीसीके और आईयूएमएल, जिनके पास दो-दो विधायक हैं, टीवीके सरकार के लिए अहम माने जा रहे हैं.
आज शपथ लेने वाले टीवीके विधायकों में श्रीनाथ, कमली एस, सी विजयलक्ष्मी, आरवी रंजीतकुमार, विनोद, राजीव, बी राजकुमार, वी गांधीराज, मथन राजा पी, जगदेश्वरी के, राजेश कुमार एस, एम विजय बालाजी, लोकेश तमिलसेल्वन डी, विजय तमिलन पार्थिबन ए, रमेश, पी विश्वनाथन, कुमार आर, थेन्नारासु के, वी संपत कुमार, मोहम्मद फारवास जे, डी सरथकुमार, एन मैरी विल्सन, विग्नेश के शामिल हैं.
थलापति विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शपथ लेने वाले दो कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और थिरु पी. विश्वनाथन हैं. शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में ‘वंदे मातरम’ और अंत में तमिल गान बजाया गया. टीवीके ने सीपीआई, सीपीएम को गठबंधन सरकार में शामिल होने का न्योता दिया
टीवीके नेतृत्व ने वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और आईयूएमएल को, जो फिलहाल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं, औपचारिक रूप से गठबंधन सरकार में शामिल होने का न्योता दिया है. तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुना ने मंगलवार को कहा, ‘मुख्यमंत्री ने इसे दोहराया है. यही उनकी इच्छा और सपना भी है. हमें अच्छी खबर की उम्मीद है. हम चाहते हैं कि वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन भी कैबिनेट में शामिल हों.’
10 मई को विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उनके साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली थी. संविधान के प्रावधानों के अनुसार, वे अधिकतम 35 मंत्रियों की नियुक्ति कर सकते हैं, जो विधानसभा की कुल संख्या का 15% है.
आज 23 और मंत्रियों के शपथ लेने के बाद मंत्री परिषद की संख्या 32 हो गई है. इससे तीन पद खाली हैं, जिन्हें वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगियों को दिया जा सकता है. मंत्रिमंडल में कांग्रेस विधायकों की एंट्री तमिलनाडु के लिए एक बड़ा राजनीतिक क्षण है. लगभग 60 साल बाद पहली बार कांग्रेस राज्य सरकार का हिस्सा बनी है. पार्टी ने आखिरी बार पूर्व मुख्यमंत्री एम. भक्तवत्सलम के कार्यकाल में राज्य में सरकार चलाई थी, जो मार्च 1967 में खत्म हुआ था.
ऐतिहासिक 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सी. एन. अन्नादुरै के नेतृत्व वाली डीएमके ने सत्ता से बाहर कर दिया था. तब से अब तक कांग्रेस राज्य सरकार से बाहर रही थी, लेकिन अब विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गई है.


