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एक दशक के भीतर सबसे ज़्यादा अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है, जिन्होंने 2010 के दशक में तबाही मचाते हुए कुल 69 शतक जड़े थे. वहीं दूसरी ओर, ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर इतिहास के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने दो अलग-अलग दशकों में 40 से अधिक शतक लगाकर अपनी बेजोड़ निरंतरता का लोहा मनवाया.
विराट कोहली का वो रिकॉर्ड जिसको तोड़ना हर बल्लेबाज के लिए बड़ा चैलेंज
नई दिल्ली. क्रिकेट की बिसात पर रिकॉर्ड तो बहुत बनते हैं, लेकिन कुछ कीर्तिमान ऐसे होते हैं जो सदियों तक किसी खिलाड़ी की बादशाहत की कहानी बयां करते हैं. क्रिकेट जगत में एक शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए गर्व की बात होती है, लेकिन जब बात पूरे एक दशक यानी 10 साल तक लगातार शतकों की बारिश करने की हो,तो दुनिया केवल दो ही नामों के सामने सिर झुकाती है.
क्रिकेट इतिहास में जब भी शतकों के शिखर की बात होती है, तो भारतीय दिग्गजों का नाम सबसे ऊपर आता है एक दशक के भीतर सबसे ज़्यादा अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है, जिन्होंने 2010 के दशक में तबाही मचाते हुए कुल 69 शतक जड़े थे. वहीं दूसरी ओर, ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर इतिहास के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने दो अलग-अलग दशकों में 40 से अधिक शतक लगाकर अपनी बेजोड़ निरंतरता का लोहा मनवाया.
2010 का दशक: जब चला ‘किंग कोहली’ का सिक्का
साल 2010 से 2019 के बीच का समय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में विराट कोहली के पूर्ण वर्चस्व के रूप में जाना जाएगा. इस एक दशक में विराट ने खेल के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए रिकॉर्ड 69 अंतर्राष्ट्रीय शतक जड़े. इस दशक में विराट ने न केवल रन बनाए, बल्कि चेज़ मास्टर के रूप में भारत को दर्जनों ऐतिहासिक जीत दिलाईं. एक दशक में इतने शतक आज तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज नहीं लगा सका है. विराट ने इस दशक में 42 वनडे शतक और 27 टेस्ट शतक लगाए.
सचिन तेंदुलकर: दो अलग-अलग दशकों में साम्राज्य
विराट कोहली ने जहाँ एक दशक में सबसे ऊँची छलांग लगाई, वहीं सचिन तेंदुलकर ने क्लास से दो दशकों को अपने नाम किया. सचिन दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने दो अलग-अलग दशकों में 40 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाए हैं:1990 का दशक में जब वसीम अकरम, ग्लेन मैक्ग्रा और एलन डोनाल्ड जैसे घातक गेंदबाज चरम पर थे, सचिन ने 46 अंतर्राष्ट्रीय शतक ठोक दिए. 2000 का दशक में उम्र बढ़ने और टेनिस एल्बो जैसी गंभीर चोटों के बावजूद सचिन का बल्ला नहीं रुका और उन्होंने इस दशक में भी 42 अंतर्राष्ट्रीय शतक अपने नाम किए.
विराट कोहली का एक दशक में 69 शतकों का यह रिकॉर्ड एक ऐसा माउंट एवरेस्ट है, जिसे छूना आधुनिक क्रिकेट के दिग्गजों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है वहीं सचिन तेंदुलकर द्वारा दो अलग-अलग दशकों में दिखाया गया दबदबा यह दर्शाता है कि समय बदला, गेंदबाज़ बदले और क्रिकेट के नियम भी बदले, लेकिन मास्टर ब्लास्टर का क्लास हमेशा सर्वोच्च रहा भारतीय क्रिकेट की यह वो विरासत है जो आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


