नोएडा: नोएडा जिस तरीके से डेवलप हो रहा है, उस हिसाब से यहां पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट भी आ रहे हैं. अगर बात ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी की करें तो यहां बिल्डर भी बड़े-बड़े प्रोजेक्ट लेकर आ रहा है, जिसमें आपको 3 बीएचके से ऊपर के फ्लैट तो मिलेंगे, लेकिन उससे नीचे के नहीं मिलेंगे. जो बायर्स 1-2 बीएचके वाले घर का सपना पूरा करना चाहते हैं, तो भला वह अपना सपना कैसे पूरा कर पाएंगे जानिए इस रिपोर्ट में.
TRG ग्रुप में सेल्स और मार्केटिंग स्ट्रेटजी देख रहे आशुतोष चौधरी ने बताया कि बीते सालों में प्रॉपर्टी के रेट और नंबर ऑफ प्रॉपर्टी दोनों बढ़े हैं. लोगों को घर का इंपोर्टेंस समझ आया है. लोगों ने बड़े घर लेना शुरू किए हैं. बड़ा घर होता है तो एक रूम में वो वर्क फ्रॉम होम आसानी से कर सकते हैं. लोग 3 बीएचके प्लस स्टडी, 4 बीएचके प्लस स्टडी फ्लैट ज्यादा लेते हैं. सेल्स के हिसाब से देखें तो नोएडा एनसीआर में रियल स्टेट 70 से 80 प्रतिशत ग्रोथ हुआ है और प्राइज की बात करें तो 25 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी देखी गई है.
अब रियल स्टेट में छोटा कुछ नहीं
उन्होंने बताया कि अब छोटा कुछ नहीं रहा है. रियल स्टेट में सब बड़ा ही आ रहा है. आप मार्केट में रियल स्टेट के किसी भी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट को देख लीजिए, सब 3 बीएचके और उससे ऊपर हैं. जबकि धरातल पर देखें तो जो युवा शुरुआती नौकरी और घर का सपना देखते हैं, तो 2 बीएचके या उससे कम का फ्लैट लेने के विचार में रहते हैं. यही पूरी तरह मिसिंग है.
उनका मानना है कि जिस हिसाब से रॉ-मैटेरियल महंगा हुआ है, उस हिसाब से सस्ता तो नहीं हो सकता है. लेकिन हां, 2 बीएचके या 2.5 बीएचके घर भी होने चाहिए. प्रोजेक्ट में आज वो ऑप्शन खत्म हो गया है, वो आना चाहिए, इसके लिए हम सहमत हैं.
गोल्ड में नहीं, यहां लगाएं अपनी पूंजी
आशुतोष चौधरी ने बताया कि जिस तरह पहले बिल्डर के डिफाल्टर और बायर को हो रही परेशानियों से छुटकारा दिलाने के लिए सरकार रेरा लेकर आई, वो काबिले तारीफ था. सरकार इस इस कदम से रेरा से पहले वाले प्रोजेक्ट की हम बात न करके बाद की बात करें तो बहुत ज्यादा पारदर्शिता आई है.
बायर्स को मैसेज देते हुए उन्होंने बताया कि जैसा कि हमारे पीएम ने अपील की है कि गोल्ड में पैसा न लगाएं, वो मुद्रा बाहर जा रही है. इन्वेस्ट करना है तो रियल स्टेट में करें, क्योंकि उसका ग्रोथ फैक्टर हमेशा मल्टीप्लाई करता है, माइनस में नहीं जाता है.
हालात के हिसाब से भारत सेफ
मिडिल ईस्ट में जो लोग कहते थे कि दुबई सेफ हैं, लेकिन जब हालत बदले और अभी के जो हालात हैं. अब लोग कह रहे हैं कि सेफ तो सिर्फ इंडिया ही है. दुबई सेफ नहीं, अभी प्रॉपर्टी के रेट वहां बहुत नीचे आ गए हैं. आने वाले भविष्य में भारत में अच्छा स्कोप है.
उन्होंने बताया कि जिस तरह सरकार गरीब के लिए आवासीय योजना लेकर आती है और अमीर के लिए बिल्डर, घर प्रोवाइड करवा रहे हैं, लेकिन मिडिल क्लास वालों को परेशानी होती है और उनके लिए भी कोई न कोई ऑप्शन होना चाहिए, जो नोएडा एनसीआर में खत्म होता जा रहा है. एक स्पेशल जॉन बनाए जाएं, घर बनाए जाएं, ताकि उनके बजट में आ जाएं और उनके घर का सपना पूरा हो सके.


