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Summer Health Tips: गर्मियों के मौसम में आसमान से बरसती आग और भयंकर लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ऐसे में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल ने इस भीषण गर्मी से बचने के लिए आयुर्वेद के कुछ बेहद आसान और असरदार घरेलू नुस्खे बताए हैं. आखिर बिना ज्यादा पैसे खर्च किए आप अपने शरीर को अंदर से कैसे ठंडा और तरोताजा रख सकते हैं, आइए जानते हैं.
रामपुर: उत्तर प्रदेश में इस समय रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है. तेज धूप, बढ़ते तापमान और उमस ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है. हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं. इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्हें काम के सिलसिले में लगातार धूप में बाहर रहना पड़ता है.
तेज धूप में ज्यादा पसीना निकलने के कारण शरीर बहुत जल्दी थक जाता है और बॉडी में पानी की कमी होने लगती है. जिसकी वजह से लू, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और थकान जैसी परेशानियां सामने आ रही हैं. खासकर बच्चे, बुजुर्ग और कामकाजी लोग इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं. ऐसे में रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल ने कुछ ऐसे पुराने घरेलू नुस्खे बताए हैं जो आपको इस गर्मी में एकदम फिट रखेंगे.
डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, गर्मी के इस मौसम में सबसे ज्यादा जरूरी अपने शरीर को अंदर से ठंडा रखना है. आजकल लोग गर्मी से तुरंत राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाली ज्यादा ठंडी चीजें या कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. इससे कुछ देर के लिए तो राहत मिलती है, लेकिन यह शरीर को असली फायदा नहीं पहुंचाती. इसके बजाय हमारे घरों में बनने वाले पारंपरिक और देसी पेय सबसे ज्यादा असरदार होते हैं. बेल का शरबत, सत्तू, छाछ और नींबू पानी जैसी चीजें न सिर्फ शरीर को अंदरूनी ठंडक देती हैं, बल्कि दिनभर काम करने के लिए जरूरी एनर्जी भी बनाए रखती हैं.
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पानी पीने में कभी न करें ये बड़ी गलती
अक्सर लोग इस मौसम में सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे पानी बहुत कम पीते हैं. डॉक्टर इकबाल ने बताया कि कई बार हमें प्यास का अहसास नहीं होता, लेकिन शरीर के अंदर पानी की कमी लगातार होती रहती है. यही कारण है कि लोगों को अचानक चक्कर आने लगते हैं, सिर भारी हो जाता है और कमजोरी महसूस होने लगती है. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. इसके अलावा जब भी घर से बाहर निकलें, तो कभी भी खाली पेट न जाएं. धूप में निकलने से पहले अपने सिर को किसी हल्के कपड़े से जरूर ढक लें.
मिट्टी के घड़े का पानी है वरदान
आयुर्वेद भी मानता है कि गर्मियों के दिनों में हमारा खानपान बेहद हल्का होना चाहिए. ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और गर्म तासीर वाला भोजन शरीर की गर्मी को और ज्यादा बढ़ा देता है. इसकी जगह अपने दैनिक आहार में दही, खीरा, तरबूज, ककड़ी और मौसमी फलों को शामिल करना चाहिए. ये चीजें शरीर को ठंडक और तरोताजा बनाए रखती हैं. इसके साथ ही गांवों में आज भी लोग मिट्टी के घड़े का पानी पीते हैं, जिसे आयुर्वेद में सबसे उत्तम माना गया है. घड़े का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है और इसका शरीर पर कोई भी गलत असर नहीं पड़ता.
दोपहर 12 से 3 बजे की धूप से बचें
डॉक्टर इकबाल ने खास तौर पर सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक की धूप सबसे ज्यादा खतरनाक होती है. इस दौरान बहुत जरूरी काम होने पर ही घर या ऑफिस से बाहर निकलें. धूप में जाते समय हमेशा हल्के और सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें, क्योंकि सूती कपड़ों में हवा का प्रवाह अच्छा रहता है और पसीना आसानी से सूख जाता है. इस मौसम में सूखे और गर्म वातावरण के कारण सेहत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इन छोटे-छोटे घरेलू उपायों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें


