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Modi cabinet reshuffle: पांच देशों की विदेश यात्रा से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है, जिसके बाद संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं. वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि बैठक में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और जवाबदेही तय की जा सकती है, जिससे भविष्य के फेरबदल की जमीन तैयार होगी. साथ ही पार्टी संगठन में भी बदलाव के संकेत माने जा रहे हैं. चर्चा में यह भी कहा गया कि 2027 के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर फैसले लिए जा सकते हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक में फेरबदल का सीधा ऐलान होने की संभावना कम है. अधिकांश वरिष्ठ पत्रकारों ने माना कि विपक्ष जिन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहा है, उनके हटाए जाने की संभावना नहीं है.
रुबिका लियाकत के शो गूंज में वरिष्ठ पत्रकारों ने चर्चा में हिस्सा लिया.
नई दिल्ली: पांच देशों की विदेश यात्रा करके लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मीटिंग बुलाई है. इसके साथ ही चर्चा शुरू हो गई है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमाम मंत्रियों के मंत्रालय का रिपोर्टकार्ड देखकर मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे. इस विषय पर न्यूज18 इंडिया के चर्चित शो गूंज में वरिष्ठ पत्रकारों से बातचीत की गई. वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने कहा- ‘हमारे प्रधानमंत्री को पूरी तरह खबर है कि कौन मंत्री अच्छा कर रहा है और कौन नहीं. लेकिन जो अप्रेजल है वो जरूर दिखेगा. रिपोर्टस सभी मंत्रियों के सामने रखी जाएगी. ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को मालूम नहीं है कि किसे बाहर करना है, किसे रखना है.’
मंत्रालय के साथ पार्टी संगठन में भी बदलाव के आसार
उन्होंने आगे कहा कि मीटिंग में सभी मंत्रियों की अकाउंटेबिलिटी तय करना मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए जमीन तैयार करने के लिए ही हो रहा है. दूसरी बात यह है कि संगठनात्मक फेरबदल बहुत अहमियत रखता है बीजेपी में. आमतौर पर माना जाता है कि अगर पार्टी सत्ता में हो और किसी को मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन का काम सौंपा जाता है तो उसे डिमोशन माना जाता है, लेकिन बीजेपी में ऐसा नहीं है. वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि भूपेंद्र यादव को पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. भूपेंद्र यादव ने बंगाल में जो चमत्कार किया है वह उनके मंत्रालय के काम पर कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होगा. हालांकि दोनों की तुलना नहीं की जा सकती है.
नीरजा चौधरी ने आगे कहा कि तो सवाल उठता है कि क्या धर्मेंद्र प्रधान एक बार फिर से पार्टी में जाएंगे, वह बहुत अनुभवी हैं. लेकिन मुझे लगा कि नीट पेपर लीक पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगकर उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर जाने में अड़चन लगा दी है.
यूपी और पंजाब चुनाव को भी मंत्रालय फेरबदल में दिख सकता है असर
इसी चर्चा में एंकर रुबिका लियाकत ने कहा कि ये बहुत ही इंट्रेस्टिंग बात है. इस सरकार में विपक्ष की तरफ से जिस भी मंत्री के लिए इस्तीफा मांगा जाता है उसका मंत्रालय और ज्यादा पक्का हो जाता है. इसी बात को आगे बढ़ाते हुए नीरजा चौधरी ने कहा कि 2027 में राज्यों उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं उसके देखते हुए मंत्रालय फेरबदल बहुम महत्वपूर्ण है. दो महीने पहले तक पंजाब महत्वपूर्ण नहीं था, लेकिन सीमावर्ती राज्य होने के चलते अहमियत बढ़ गई है. 2027 का चुनाव जीतना टेंपो सेट करेगा 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए. इसलिए यह फेरबदल मंत्रिमंडल और पार्टी में इसी को ध्यान में रखकर होगा. सूटेबल सिंग्नल जाएंगे.
वरिष्ठ पत्रकारों ने एक सुर में माना, विपक्ष ने जिन मंत्रियों का मांगा इस्तीफा वो जरूर बचेंगे
वहीं न्यूज एजेंसी ANI की एडिटर स्मिता प्रकाश से पूछा गया- ‘यूजीसी कानून, नीट पेपर लीक को लेकर धर्मेंद्र प्रधान, एपस्टीन फाइल्स और डीजल व गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी को लेकर हरदीप पुरी और कई रेल हादसों को लेकर अश्विनी वैष्णव से विपक्ष इस्तीफा मांगता रहा है. ये तीन नाम हैं अंदर क्या होता है ये किसी को पता नहीं है. इसके जवाब में स्मिता प्रकाश ने कहा- ‘किसी को नहीं मालूम केवल दो लोग हैं जिन्हें मालूम है. कैबिनेट फेरबदल की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि इसलिए कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है. या इसका ऐलान भी इस बैठक में होगा.’
उन्होंने कहा कि कुछ भी हो सकता है, लेकिन हो सकता है कि इस कैबिनेट की यह आखिरी बैठक हो सकती है. एक किस्म से यह थैंक्यू बैठक हो सकती है. हो सकता है पीएम कोर टीम के साथ बैठेंगे और बाद में ऐलान हो सकता है. ये 15 जून के बाद हो सकता है. क्योंकि बीजेपी में प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने हैं. जून से नंवबर तक राज्यसभा की 34 सीटें खाली होने वाली है, जिसके लिए नॉमिनेशन होने हैं. लेकिन सवाल है कि क्या इस मीटिंग में ये सब होगा, मुझे लगता है ऐसा कतई नहीं है. हां ये जरूर है कि यह बैठक महत्वपूर्ण है. क्योंकि यह इस साल की पहली बैठक है. साथ ही मोदी सरकार के तीसरे टर्म का तीसरा साल शुरू होने वाला है.
गूंज शो की चर्चा में शामिल हुए तमाम वरिष्ठ पत्रकारों ने एक सुर में कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत तमाम विपक्ष जिन भी नेताओं के इस्तीफे की मांग कर रहा है उन्हें मंत्रिमंडल से नहीं हटाया जाएगा. क्योंकि मोदी सरकार में साल 2014 से ही देखा गया है कि विपक्ष जिन नेताओं को निशाने पर लेता है सरकार उसके साथ मजबूती के साथ खड़ी दिखती है. एपस्टीन फाइल्स को लेकर राहुल गांधी लोकसभा की कार्यवाही के दौरान हरदीप पुरी से इस्तीफा मांग चुके हैं.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें


