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रणजी में 60 विकेट… फिर भी टीम इंडिया से बाहर, आकिब नबी की अनदेखी पर गुस्से में पूर्व कप्तान, कहा- घरेलू क्रिकेट को बंद करो

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आकिब नबी की अनदेखी पर गुस्से में पूर्व कप्तान, कहा- घरेलू क्रिकेट को बंद करो

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Dilip Vengsarkar slams Ajit Agarkar: रणजी ट्रॉफी 2025-26 में रिकॉर्ड 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को चैंपियन बनाने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से बाहर रखने पर विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व कप्तान और मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने अजीत अगरकर कमेटी के इस फैसले को ‘अन्यायपूर्ण’ बताते हुए तीखा हमला किया है. उन्होंने बीसीसीआई को घेरते हुए कहा कि अगर घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को पैमाना नहीं माना जाना है, तो बोर्ड को रणजी ट्रॉफी और घरेलू क्रिकेट का आयोजन ही बंद कर देना चाहिए.

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वेंगसरकर ने कहा कि बीसीसीआई को रणजी ट्रॉफी को बंद कर देनी चाहिए.

नई दिल्ली. घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करने के बावजूद जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टेस्ट टीम में जगह न मिलने पर विवाद गहरा गया है. रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में अपनी स्विंग गेंदबाजी से तहलका मचाने वाले आकिब को अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए नजरअंदाज कर दिया गया. चयनकर्ताओं के इस फैसले पर पूर्व भारतीय कप्तान और मुख्य चयनक्षक दिलीप वेंगसरकर भड़क उठे हैं. उन्होंने अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति को आड़े हाथों लेते हुए इस फैसले को पूरी तरह से ‘अन्यायपूर्ण’ करार दिया है.

आकिब नबी (Aquib Nabi) ने इस रणजी सीजन में खेल के हर स्तर पर अपनी छाप छोड़ी. उन्होंने 10 मैचों में 12.56 के अविश्वसनीय औसत से कुल 60 विकेट चटकाए. उनके इस ड्रीम रन की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया, जिसके लिए आकिब को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया. नबी ने पूरे टूर्नामेंट में एक के बाद एक मैच जिताऊ स्पेल फेंके. हुबली में कर्नाटक के खिलाफ खेले गए फाइनल की पहली पारी में उन्होंने 54 रन देकर 5 विकेट झटके. इससे पहले कल्याणी में बंगाल के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने मैच में 123 रन देकर 9 विकेट लिए, जबकि इंदौर में मध्य प्रदेश के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने 110 रन देकर 12 विकेट चटकाते हुए टीम को जीत दिलाई. पूरे सीजन में उनके नाम सात बार पांच विकेट और दो बार चार विकेट लेने का कारनामा दर्ज रहा.

वेंगसरकर ने कहा कि बीसीसीआई को रणजी ट्रॉफी को बंद कर देनी चाहिए.

‘आकिब नबी को टीम से बाहर रखना समझ से परे’
आकिब को टीम में न चुने जाने से नाराज दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा, ‘चयनकर्ताओं का आकिब नबी को नजरअंदाज करने का फैसला बेहद अजीब और समझ से परे है. यह किस तरह का चयन है? इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता, यह साफ तौर पर नाइंसाफी है.’ वेंगसरकर ने खिलाड़ी के मानसिक स्तर पर बात करते हुए कहा, ‘क्या आप इस वक्त नबी की स्थिति की कल्पना कर सकते हैं? उसने रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट लिए हैं. उसने इसके लिए खून-पसीना बहाया है और वह टीम में चुने जाने के लिए हर किसी से पहले हकदार था.’

‘बीसीसीआई को घरेलू क्रिकेट का आयोजन ही बंद कर देना चाहिए’
वेंगसरकर यहीं नहीं रुके, उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के घरेलू ढांचे की प्रासंगिकता पर भी तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘अगर घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को पैमाना नहीं माना जाना है, तो बीसीसीआई को घरेलू क्रिकेट का आयोजन ही बंद कर देना चाहिए.’ आकिब नबी ने इससे पिछले रणजी सीजन में भी 13.27 के शानदार औसत से 44 विकेट चटकाए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार अच्छा करने के बाद भी उन्हें इसलिए नहीं चुना जा रहा क्योंकि उनकी गेंदबाजी की गति को लेकर चयनकर्ता आश्वस्त नहीं हैं.

‘आकिब को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाने का यह सबसे सही समय था’
गति के इस तर्क को वेंगसरकर ने पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने जोर देकर कहा, ‘आप किसी गेंदबाज को विकेट लेने की उसकी क्षमता के आधार पर चुनते हैं. हो सकता है कि वह 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता हो, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह लगातार विकेट निकाल रहा है. इस लड़के ने विकेट लेने में जबरदस्त निरंतरता दिखाई है.’ वेंगसरकर का मानना था कि चूंकि नियमित तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अफगानिस्तान टेस्ट के लिए आराम दिया गया है, ऐसे में आकिब को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाने का यह सबसे सही समय था. उन्होंने कहा, ‘उसे निखारने का यह आदर्श मौका था. जब कोई खिलाड़ी शानदार फॉर्म में होता है, तो आपको उसे तुरंत मौका देना चाहिए. आपको तब तक इंतजार नहीं करना चाहिए जब तक कि वह अपना आत्मविश्वास, फिटनेस या खेल की भूख न खो दे.’

तो क्या चयनकर्ताओं की जगह सिर्फ स्टैट्स एनालिस्ट को रख दिया जाना चाहिए?’
विवाद बढ़ने के बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्वीकार किया कि चयन बैठक के दौरान आकिब नबी के नाम और उनके प्रदर्शन पर चर्चा हुई थी. हालांकि, चयनकर्ताओं ने आकिब की जगह पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को प्राथमिकता दी, जिन्हें टेस्ट और वनडे दोनों टीमों में पहली बार शामिल किया गया है. गुरनूर आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हैं. दूसरी तरफ, चयनकर्ताओं के करीबी सूत्रों ने इस फैसले का बचाव किया है. सूत्रों का कहना है कि सिर्फ आंकड़ों के आधार पर टीम का चयन नहीं किया जा सकता. एक सूत्र ने दलील देते हुए कहा, ‘हर रणजी सीजन में कोई न कोई बल्लेबाज सबसे ज्यादा रन बनाता है और कोई गेंदबाज सबसे ज्यादा विकेट लेता है. तो क्या चयनकर्ताओं की जगह सिर्फ स्टैट्स एनालिस्ट को रख दिया जाना चाहिए?’

सूत्र ने गुरनूर बरार का पक्ष लेते हुए कहा कि उन्होंने इंडिया-ए के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और पंजाब के लिए विजय हजारे ट्रॉफी के आठ मैचों में मुंबई के खिलाफ शानदार खेल दिखाते हुए कुल 11 विकेट चटकाए थे, जिसके चलते उन्हें मौका दिया गया हैण् बहरहाल, आकिब नबी का बाहर होना इस समय भारतीय क्रिकेट गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें



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