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Test Debut Most Wickets World Record: नरेंद्र हिरवानी डेब्यू टेस्ट मैच में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. हिरवानी और ऑस्ट्रेलिया के बॉब मेस्सी दो ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने डेब्यू टेस्ट मैच 16-16 विकेट लेने का कारनामा किया. दुनिया का कोई अन्य गेंदबाज डेब्यू मुकाबले में इस रिकॉर्ड की बराबरी नहीं कर पाया है.
नरेंद्र हिरवानी के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में यूं तो कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बने हैं, लेकिन कुछ रिकॉर्ड इतिहास के पन्नों में अमर हो जाते हैं. आज हम ऐसे ही एक रिकॉर्ड के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां तक सिर्फ दुनिया के दो ही गेंदबाज पहुंच पाए. दिलचस्प यह है कि इन दो में एक भारतीय क्रिकेटर है. यह रिकॉर्ड टेस्ट डेब्यू मैच के दौरान बना, जिसमें बल्लेबाजों को शामत आ गई. दरअसल, जिस कीर्तिमान की हम बात कर रहे हैं वो डेब्यू टेस्ट मुकाबले में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने का है. ऑस्ट्रेलिया के बॉब मेस्सी और भारत के नरेंद्र हिरवानी ने संयुक्त रूप से इस रिकॉर्ड पर कब्जा जमाया हुआ है.
साल 1988 में वेस्टइंडीज की मजबूत टीम भारत के दौरे पर थी. 11 जनवरी 1988 को चेन्नई (तब मद्रास) के मैदान पर लेग स्पिनर हिरवानी ने अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था. किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह युवा स्पिनर कैरेबियाई बल्लेबाजों के लिए काल बन जाएगा. हिरवानी ने इस मैच में कुल 33.5 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 6 मेडन ओवर फेंकते हुए सिर्फ 136 रन दिए और रिकॉर्ड 16 विकेट अपने नाम किए. उनका इकॉनमी रेट 4.01 का रहा. पहली पारी हो या दूसरी, वेस्टइंडीज का कोई भी बल्लेबाज हिरवानी की घूमती गेंदों को समझ ही नहीं सका. उनका यह प्रदर्शन आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी गेंदबाज द्वारा डेब्यू मैच में किया गया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
ऑस्ट्रेलिया के बॉब मेस्सी ने पहली बार किया था यह कमाल
टेस्ट डेब्यू पर 16 विकेट लेने का कारनामा दुनिया में सिर्फ दो ही गेंदबाजों ने किया है. नरेंद्र हिरवानी से पहले यह वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज बॉब मेस्सी ने बनाया था. मेस्सी ने 22 जून 1972 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में 60.1 ओवर फेंके, 16 मेडन रखे और 137 रन देकर 16 विकेट झटके थे. हिरवानी ने मेस्सी के रिकॉर्ड की बराबरी की, लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज से 1 रन कम (136 रन) दिया था, जिसके चलते बेस्ट मैच फिगर के मामले में हिरवानी का नाम सबसे ऊपर आता है.
सालों बीत गए, क्रिकेट पूरी तरह बदल गया, लेकिन नरेंद्र हिरवानी का यह जादुई रिकॉर्ड आज भी चट्टान की तरह अडिग खड़ा है. डेब्यू मैच में 16 विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए एक ऐसा सपना है, जिसे सच कर पाना आने वाले समय में भी किसी चमत्कार से कम नहीं होगा.
नरेंद्र हिरवानी का करियर
अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही 16 विकेट लेकर विश्व क्रिकेट में तहलका मचाने वाले भारत के जादुई लेग स्पिनर नरेंद्र हिरवानी का नाम इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज है. हालांकि, डेब्यू पर इतिहास रचने वाले इस महान गेंदबाज का अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं चल सका, लेकिन जितने भी मौके उन्हें मिले, उन्होंने अपनी फिरकी का लोहा मनवाया. नरेंद्र हिरवानी ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैचों की 28 पारियों में गेंदबाजी की. इस दौरान उन्होंने कुल 4298 गेंदें फेंकी और 1987 रन खर्च करते हुए 66 विकेट अपने नाम किए. उनके करियर का सबसे यादगार मैच उनका डेब्यू टेस्ट ही था. एक पारी में उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 61 रन देकर 8 विकेट (8/61) रहा. टेस्ट में उनका गेंदबाजी औसत 30.10 का रहा, जबकि उन्होंने 2.77 की किफायती इकॉनमी से रन दिए. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 2 बार एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए और 4 बार एक पारी में 4 विकेट चटकाए. इसके अलावा, वह 1 बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा भी कर चुके हैं.
सीमित ओवरों में भी दिखाया दम
टेस्ट के साथ-साथ हिरवानी ने भारत के लिए 18 एकदिवसीय मैच भी खेले. वनडे क्रिकेट की 18 पारियों में उन्होंने कुल 960 गेंदें फेंकी और 719 रन देकर 23 विकेट हासिल किए. वनडे में उनका सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन 43 रन देकर 4 विकेट (4/43) रहा. वनडे क्रिकेट में उनका बॉलिंग औसत 31.26 का और इकॉनमी रेट 4.49 का रहा, जो उस दौर के हिसाब से काफी शानदार माना जाता है. उन्होंने अपने वनडे करियर में 3 बार एक मैच में 4 विकेट लेने का कारनामा किया.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें


