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इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के क्वालिफायर-1 में गुजरात टाइटंस को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 92 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, अच्छी बात ये है कि इस बार के बावजूद टीम को फाइनल में पहुंचने का एक मौका बचा हुआ है. क्वालिफायर में मिली हार पर ग्लेन फिलिप्स ने माना कि उनकी टीम फील्डिंग का स्तर खराब था.
GT के प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए ग्लेन फिलिप्स
नई दिल्ली: गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स ने माना कि स्कोरबोर्ड के दबाव और खराब फील्डिंग के कारण उनकी क्वालीफायर-1 में हारी. टूर्नामेंट का ये नॉकआउट मुकाबला धर्मशाला में डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु खिलाफ खेला गया था, जिसमें गुजरात को 92 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी. हालांकि, फिलिप्स ने कहा कि टीम एलिमिनेटर से पहले इस हार को भुलाकर आगे बढ़ जाएगी. गुजरात टाइटंस अब दूसरे क्वालीफायर में खेलेगी.
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार की 93 रनों की तूफानी नाबाद पारी की बदौलत आरसीबी ने पांच विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इस बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइन्स का शीर्ष क्रम दबाव का सामना करने में नाकाम रहा जिससे टीम162 रन पर ही ऑल आउट हो गई. फिलिप्स मंगलवार को हुए इस मैच में नहीं खेले थे, उन्होंने कहा कि आरसीबी के गेंदबाजों द्वारा शुरुआती झटके दिए जाने के बाद लक्ष्य का पीछा करना और भी मुश्किल हो गया था.
स्कोरबोर्ड के दबाव में आ गई हमारी टीम- ग्लेन फिलिप्स
उन्होंने कहा, ‘‘250 रन का लक्ष्य किसी भी दिन मुश्किल होता है, खासकर तब जब सब कुछ आपके पक्ष में नहीं जा रहा हो. जब आप 250 रन का पीछा करने की कोशिश कर रहे होते हैं तो स्कोरबोर्ड का बहुत ज्यादा दबाव होता है और बहुत कम टीमें ही ऐसा कर पाई हैं.’’ फिलिप्स ने कहा, ‘‘हम मैदान पर उतरे और हमने अपना सब कुछ झोंक दिया. लेकिन जब आप 250 रन का पीछा करने की कोशिश कर रहे होते हैं तो सब कुछ सही होना चाहिए और इस बार ऐसा नहीं हुआ. ’’
पहली पारी में इतना विशाल स्कोर बनने के बावजूद बल्लेबाजी के लिए पिच इतनी भी मुश्किल नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘‘इस पिच पर रजत और आरसीबी के कुछ अन्य बल्लेबाजों ने खूब रन बनाए. लेकिन जैसा कि राहुल (तेवतिया) ने भी दिखाया, दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी के लिए यह पिच काफी अच्छी थी.’’ न्यूजीलैंड के इस खिलाड़ी ने गुजरात टाइटंस के खराब क्षेत्ररक्षण को भी इस मुकाबले का एक अहम कारण बताया. इसमें पाटीदार का 20 रन पर कैच छोड़ना भी शामिल था.
आगे के मैच में अच्छी फील्डिंग करनी होगी- फिलिप्स
उन्होंने कहा, ‘‘प्लेऑफ मैचों में क्षेत्ररक्षण बहुत अहम हो जाता है. आप अच्छी गेंदबाजी और अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अगर आपका क्षेत्ररक्षण खराब रहा, तो आप मैच हार ही जाएंगे. आज रजत का कैच छोड़कर इसकी भारी कीमत चुकाई. अगर आप कैच नहीं पकड़ पाते, तो आप मैच नहीं जीत सकते. ’’ इतनी बुरी हार के बावजूद फिलिप्स ने कहा कि गुजरात टाइन्स खुशकिस्मत है कि उसे प्लेऑफ प्रारूप के जरिए एक और मौका मिला है और उन्होंने टीम का हौसला बढ़ाया कि वे जल्दी ही वापसी कर लेंगे.
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी इस तरह की हार से उबरना शायद ज्यादा आसान होता है. अगर आप एक या दो रन से हारते हैं तो आप किसी एक पल के बारे में सोचते रहते हैं कि काश ऐसा हो जाता या वैसा हो जाता.’’ फिलिप्स ने कहा, ‘‘लेकिन जब आप जीत के आस-पास भी नहीं होते, तो आप बस यही कह सकते हैं, ‘आज हमारा दिन ही नहीं था’. इसका मतलब यह नहीं है कि अगले मैच में भी हमारा दिन नहीं होगा. ’’
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें


