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5 players LSG Can Release: आईपील का सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ है. ऋषभ पंत की कप्तानी में मैदान पर उतरी लखनऊ की टीम इस साल पूरी तरह दिशाहीन नजर आई. लीग स्टेज के 14 मैचों में से यह टीम केवल 4 मुकाबले ही जीत सकी और महज 8 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे यानी 10वें स्थान पर रही. इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद अब फ्रेंचाइजी बड़े और कड़े फैसले लेने के मूड में है. मेगा ऑक्शन और रिटेंशन में पानी की तरह पैसा बहाने के बावजूद जब स्टार खिलाड़ी फ्लॉप साबित हुए, तो अब टीम मैनेजमेंट आईपीएल 2027 के मिनी ऑक्शन से पहले बड़े नामों को रिलीज करने की तैयारी कर रहा है.
लखनऊ सुपर जायंट्स ने आईपीएल 2026 के मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कीमत पर खरीदकर टीम की कमान सौंपी थी. हालांकि, लखनऊ की किस्मत बदलने की यह भारी-भरकम कोशिश पूरी तरह नाकाम रही. 28 वर्षीय भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने फ्रेंचाइजी के लिए खेले दो सीजनों के 28 मैचों की 26 पारियों में केवल 581 रन बनाए. कप्तान के तौर पर भी उनका रिकॉर्ड बेहद निराशाजनक रहा. पंत के नेतृत्व में एलएसजी आईपीएल 2025 में सातवें स्थान पर रही थी और 2026 में तो टीम टेबल में सबसे नीचे (10वें नंबर पर) खिसक गई. कप्तान के तौर पर वे लखनऊ को 28 में से केवल 10 मैचों में ही जीत दिला सके. इतनी मोटी रकम लेने के बाद ऐसा प्रदर्शन फ्रेंचाइजी को उनके भविष्य पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर रहा है.

वेस्टइंडीज के धाकड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज निकोलस पूरन (Nicholas Pooran) को लखनऊ ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन से ठीक पहले 21 करोड़ रुपये की मोटी रकम में रिटेन किया था. लेकिन आईपीएल 2026 का सीजन पूरन के लिए बेहद साधारण रहा. वह 14 मैचों में केवल 234 रन ही बना सके. पूरन की खराब फॉर्म और लगातार रन न बना पाने की कमजोरी ने मिडिल ऑर्डर में लखनऊ को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई. कई मौकों पर जब टीम को उनके बल्ले से आतिशबाजी की उम्मीद थी, तब वे सस्ते में पवेलियन लौट गए. उनके इस असंतुलित प्रदर्शन और भारी-भरकम फीस को देखते हुए टीम के मालिक उन्हें रिलीज कर सकते हैं.

अपनी रफ्तार से सनसनी मचाने वाले भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव (Mayank Yadav) को लखनऊ ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले 11 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. टीम को उम्मीद थी कि मयंक उनकी गेंदबाजी की रीढ़ बनेंगे, लेकिन पिछले दो सीजन उनके लिए चोटों का ग्रहण लेकर आए. इन दो सालों में मयंक सिर्फ छह मैच ही खेल पाए और इस दौरान केवल दो विकेट हासिल कर सके. साल 2025 के सीजन में वे चोट के कारण सिर्फ दो मैच खेल पाए, जिसमें उन्होंने दो विकेट लिए. वहीं, 2026 के एडिशन में चार मैच खेलने के बावजूद वे एक भी विकेट नहीं चटका पाए. फिटनेस की इस अनिश्चितता के कारण टीम मैनेजमेंट अब इतने महंगे खिलाड़ी को आगे साथ रखने के मूड में नहीं है.
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मध्य प्रदेश के तेज गेंदबाज आवेश खान (Avesh Khan) को लखनऊ सुपर जायंट्स ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में 9.75 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर अपनी टीम में वापस शामिल किया था. लेकिन आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. इस सीजन में आवेश ने 7 मैच खेले और केवल 6 विकेट ही अपने नाम कर पाए. विकेट कम लेने के साथ-साथ उन्होंने जमकर रन लुटाए और उनका इकोनॉमी रेट 11.06 का रहा, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से बेहद खराब है. महंगे साबित होने की वजह से वे टीम पर बोझ बनते दिखे.

श्रीलंका के पूर्व टी20 कप्तान और स्टार स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा को लखनऊ ने आईपीएल 2026 के ऑक्शन में एक बड़े दांव के रूप में खरीदा था. लेकिन बदकिस्मती से सीजन शुरू होने से पहले ही वे गंभीर चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए. हालांकि हसरंगा दुनिया के बेहतरीन स्पिनर्स में से एक हैं, लेकिन उनकी लगातार सामने आ रही फिटनेस की समस्याओं को देखते हुए लखनऊ की टीम मैनेजमेंट रिस्क नहीं लेना चाहती और आईपीएल 2027 से पहले उन्हें रिलीज कर सकती है.

जम्मू-कश्मीर के आक्रामक बल्लेबाज अब्दुल समद (Abdul Samad) पिछले दो सीजनों से लखनऊ सुपर जायंट्स के सेटअप का हिस्सा रहे हैं. फ्रेंचाइजी ने उन्हें फिनिशर की भूमिका के लिए 4.20 करोड़ रुपये की कीमत पर रिटेन/शामिल किया था. लेकिन समद दोनों ही सीजन में अपने इस प्राइस टैग के साथ बिल्कुल भी न्याय नहीं कर पाए. जब भी टीम को आखिरी ओवरों में उनके बड़े शॉट्स की जरूरत पड़ी, उनका बल्ला खामोश रहा. ऐसे में आईपीएल 2027 के ऑक्शन से पहले अगर लखनऊ उन्हें रिलीज कर देती है, तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए.

साउथ अफ्रीका के एक्सप्रेस तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्खिया को लखनऊ सुपर जायंट्स ने आईपीएल 2026 के ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये की बेस प्राइस या कम बजट में अपने साथ जोड़ा था. फ्रेंचाइजी को उम्मीद थी कि नॉर्खिया अपनी रफ्तार से विरोधी बल्लेबाजों को परेशान करेंगे, लेकिन उन्हें पूरे सीजन में केवल एक मैच खेलने का मौका मिला. विदेशी खिलाड़ियों के कॉम्बिनेशन और टीम की खराब रणनीति के चलते वह बेंच पर ही बैठे रह गए. इस हाई-प्रोफाइल गेंदबाज का टीम से बाहर जाना अब लगभग तय माना जा रहा है.

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज मैथ्यू ब्रीट्जके साल 2025 से ही लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम का हिस्सा बने हुए हैं. लेकिन पिछले दो सालों में उन्हें अपनी काबिलियत दिखाने का मौका ही नहीं मिला. उन्होंने लखनऊ के लिए अब तक केवल एक मैच खेला है, जो उन्होंने साल 2025 में खेला था. आईपीएल 2026 में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. ऐसे में अधिक गेम टाइम पाने और अपने करियर को गति देने के लिए ब्रीट्जके खुद भी लखनऊ सुपर जायंट्स से आपसी सहमति से अलग होने का विकल्प चुन सकते हैं.

लखनऊ सुपर जायंट्स के पास वर्तमान में प्रिंस यादव, मोहम्मद शमी और मोहसिन खान जैसे शानदार भारतीय गेंदबाजों का विकल्प मौजूद है. मोहम्मद शमी के आने से टीम का पेस अटैक मजबूत हुआ है. ऐसे में आवेश खान और मयंक यादव जैसे महंगे गेंदबाजों को टीम में बनाए रखने का कोई तुक नहीं बनता. इन दोनों को रिलीज करके लखनऊ की टीम लगभग 20.75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि अपने पर्स में वापस जोड़ सकती है, जिसका इस्तेमाल आईपीएल 2027 के मिनी ऑक्शन में नए और असरदार खिलाड़ियों को खरीदने के लिए किया जा सकता है.

ऋषभ पंत की कप्तानी में दो साल फ्लॉप रहने के बाद अब लखनऊ सुपर जायंट्स को एक नए लीडर की तलाश होगी. पंत को 27 करोड़ रुपये में रिलीज करने और पूरन के 21 करोड़ रुपये बचाने से टीम के पास ऑक्शन टेबल पर एक बहुत बड़ा बजट होगा. लखनऊ की फ्रेंचाइजी अब आईपीएल 2027 के लिए पूरी तरह से एक नया विजन तैयार करना चाहती है, जहां नाम से ज्यादा खिलाड़ियों के मौजूदा प्रदर्शन और फिटनेस को प्राथमिकता दी जाएगी.


