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Bhindi ki kheti : गर्मियों का सीजन शुरू हो चुका है. इस मौसम में गेहूं कटाई के बाद किसान सब्जियों की खेती में हाथ आजमाते हैं. कई किसानों ने अपने खेत में भिंडी की फसल लगाई है. भिंडी में इन दिनों सफेद रोग (सफेद मक्खी) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. यह सफेद मक्खी हरी सब्जियों की दुश्मन है, जो पौधे का रस चूस लेती है. लोकल 18 से चंदौली के कृषि वैज्ञानिक रमेश चंद्र बताते हैं कि इस रोग के कारण पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे फसल खराब हो जाती है.
कौशांबी. भिंडी की फसल में इन दिनों सफेद रोग यानी सफेद मक्खी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. यह सफेद मक्खी हरी सब्जियों की दुश्मन है, जो पौधे का रस चूस लेती है. इससे पौधा ग्रोथ करना बंद कर देता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. किसान भाई सही दवा का इस्तेमाल कर अपनी फसल को बचा सकते हैं. इस रोग के कारण पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे फसल खराब होने लगती है. किसान इमिडा क्लोरोपिड 17.8% नाम की दवा का इस्तेमाल कर अपनी फसल को सुरक्षित कर सकते हैं.
जड़ से तने तक
लोकल 18 से चंदौली के कृषि वैज्ञानिक रमेश चंद्र बताते हैं कि ये रोग गर्मियों के मौसम में जड़ से शुरू होता है और तने तक जाता है. जैसे-जैसे कीड़े रस चूसने लगते हैं, पत्तियों में छेदक दिखने लगता है और पौधा सड़ने लगता है. रोकथाम के लिए इमिडा क्लरोपिड 17.8% नाम की दवा का इस्तेमाल करें. इस दवा को 0.5ML प्रति लीटर के हिसाब से पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर दें.
कृषि वैज्ञानिक रमेश चंद्र के मुताबिक, इमिडा क्लोरोपिड एक सिस्टमटिक दवा है, जिसे हरी सब्जियों मे लगने वाले रोग के लिए इस्तेमाल किया जाता है. सफेद रोग में कीड़े पत्तियों को चूसना शुरू कर देते हैं और कुतरनने लगते हैं. इस समय ये रोग भिंडी, करेला और तरबूज में ज्यादा देखने को मिल रहा है. इमिडा क्लोरोपिड पूरे पौधे को जहरीला बना देता है. रोग चाहे पूरे पौधे में हो या जड़ में या चाहे पत्तियों में हो, यह पूरी तरह उसे खत्म करके ही मानता है. इसलिए समय रहते ही फसलों में लगने वाले रोग को पहचान करके इस दवा का छिड़काव जरूर कर दें.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें


