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george lohmann world record: इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाजों में शुमार रहे जॉर्ज लोहमैन ने 1896 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच की दूसरी पारी में जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 7 रन देकर 8 विकेट चटकाए और वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. दरअसल, वह एक टेस्ट पारी में सबसे कम रन देकर 8 विकेट चटकाने वाले गेंदबाज बन गए. उनका यह रिकॉर्ड अब तक कोई भी नहीं तोड़ पाया है.
जॉर्ज लोहमैन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दर्ज किया सबसे किफायती 8 विकेट हॉल.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में ऐसा सिर्फ तीन बार हुआ है, जब किसी गेंदबाज ने एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाए हैं. जिम लेकर, अनिल कुंबले और एजाज पटेल ने ये करिश्मा किया. भले ही ये कीर्तिमान क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है, लेकिन कई ऐसे गेंदबाज भी रहे हैं, जिन्होंने 10 विकेट तो नहीं चटकाए पर इतनी किफायती गेंदबाजी की कि अनोखे रिकॉर्ड बना डाले. इन्हीं में से एक नाम हैं पूर्व तेज गेंदबाज जॉर्ज लोहमैन. इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाजों में शुमार रहे लोहमैन के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जो 130 साल से कायम है. तोड़ना तो दूर कोई इसके आस-पास भी नहीं भटक पाया है. ये रिकॉर्ड है एक पारी में 7 रन देकर 8 विकेट चटकाए का. चलिए विस्तार से समझाते हैं…
साल था 1896. इंग्लैंड की टीम तीन टेस्ट मैचों के लिए साउथ अफ्रीका दौरे पर थी. इसके पहले ही मुकाबले में जॉर्ज की कातिलाना गेंदबाजी ने मेजबानों के हौसले पस्त कर दिए. दोनों पारियों में लोहमैन की गेंदबाजी की तूती बोली, जिससे इंग्लैंड ने मुकाबला 288 रन के बड़े अंतर से जीता. पहली पारी में इस घातक गेंदबाज ने 7 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की बैटिंग लाइनअप की धज्जियां उड़ाईं, जिससे टीम 93 रन पर ढेर हो गई. मैच की चौथी पारी में आया वो ऐतिहासिल लम्हा जो क्रिकेट इतिहास में ‘अमर’ हो गया. साउथ अफ्रीका पर एक बार फिर लोहमैन कहर बनकर टूट पड़े और इस बार उन्होंने पहली पारी से भी ज्यादा खतरनाक बॉलिंग दिखाई. उनके आगे बल्लेबाज एक-एक रन को तरसते नजर आए. उन्होंने 9.4 ओवर की अपनी गेंदबाजी में सिर्फ 7 रन देकर 8 विकेट लेकर विपक्षी टीम को सिर्फ 30 रन पर समेट दिया. बस लोहमैन की यही गेंदबाजी रिकॉर्ड में भी बन गई. दरअसल, वह अब तक टेस्ट मैच की एक पारी में सबसे किफायती 8 विकेट हॉल दर्ज करने वाले गेंदबाज बने हुए हैं. उन्होंने हमवतन जॉनी ब्रिग्स का रिकॉर्ड ध्वस्त किया था, जिन्होंने 1889 में 11 रन देकर 8 विकेट चटकाए थे.
जॉर्ज लोहमैन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दर्ज किया सबसे किफायती 8 विकेट हॉल.
दो दिन में खत्म हुआ मैच
लोहमैन की दोनों पारियों में ‘जादुई’ बॉलिंग से यह मुकाबला दो दिन में ही खत्म हो गया था. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 185 रन बनाए थे, जिसके बाद साउथ अफ्रीकी टीम को सिर्फ 93 रन पर ऑलआउट कर दिया. दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने अपनी बढ़त को मजबूत करते हुए 226 रन बनाए, जिससे मेजबानों को जीत के लिए 319 रन का टारगेट दिया. लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम मात्र 18.4 ओवर ही खेल सकी और 30 रन ढेर हो गई. क्रिकेट इतिहास में यह किसी टेस्ट मैच में दूसरा सबसे कम स्कोर है. साल 1955 को ऑकलैंड में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए न्यूजीलैंड टीम सिर्फ 26 रन पर ऑलाआउट हो गई थी.
दूसरे मैच में भी बनाया विश्व कीर्तिमान
लोहमैन साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों के लिए दूसरे टेस्ट मैच में भी डरावना सपना साबित हुआ. उन्होंने इस मुकाबले में भी साउथ अफ्रीकी की धज्जियां उड़ाते हुए इंग्लैंड की पारी और 197 रन से मुकाबला जिताने में अहम भूमिका निभाई. इस मुकाबले की दूसरी पारी में लोहमैन ने सिर्फ 28 रन देकर 9 विकेट चटकाए, जिससे वह सबसे किफायती 9 विकेट हॉल लेने वाले गेंदबाज बन गए. यह रिकॉर्ड भी अब तक कायम है.
लोहमैन का लाजवाब करियर
जॉर्ज लोहमैन का इंटरनेशनल करियर शानदार रहा. उन्होंने सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया हुआ है. उन्होंने अपने करियर में केवल 18 ही टेस्ट मैचों में हिस्सा लिया और 112 विकेट चटकाए. अपने 16वें टेस्ट मैच में उन्होंने 100 विकेट पूरे लेकर इतिहास रचा. लोहमैन का यह रिकॉर्ड आज तक कोई ध्वस्त नहीं कर पाया है. उन्हें यह आंकड़े बताते हैं कि वह अपने समय के सबसे खतरनाक गेंदबाज में से एक थे. महज 36 साल की उम्र में इंग्लैंड के इस दिग्गज ने दुनिया को अलविदा कह दिया.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें


