नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ना हर क्रिकेटर के लिए अपने आप में एक खास उपलब्धि है. दुनिया में कई ऐसे बल्लेबाज हैं, जो इस फॉर्मेट में मौका मिलने के बावजूद इस उपलब्धि को नाम नहीं कर पाए. वहीं, डॉन ब्रैडमैन और कुमार संगाकारा जैसे कुछ गिने-चुने नाम ऐसे भी हैं, जिन्होंने डबल सेंचुरी का ढेर लगाया. इन सबसे इतर कुछ ऐसे भी खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में आए, जिनकी पहचान तो गेंदबाजी से हुई, लेकिन उन्होंने दोहरा शतक जड़ने का ऐतिहासिक कारनामा करके हर किसी को चौंका दिया. इनमें से कुछ तो नाइटवॉचमैन के रूप में क्रीज पर आए थे, लेकिन आगे दिन मैदान पर उतरकर गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए. चलिए जानते हैं ऐसे ही चार क्रिकेटर्स के बारे में…
जेसन गिलेस्पी
ऑस्ट्रेलिया के खूंखार गेंदबाज जेसन गिलेस्पी का दोहरा शतक क्रिकेट जगत की सबसे हैरान कर देने वाली कहानियों में से एक है. यह कारनामा उन्होंने साल 2006 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव टेस्ट में किया था. गिलेस्पी एक तेज गेंदबाज थे और उन्हें बल्लेबाजी के लिए ‘नाइट वॉचमैन’ के तौर पर भेजा गया था. किसी ने नहीं सोचा था कि वे इतनी लंबी पारी खेलेंगे. उन्होंने नाबाद 201 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी ‘नाइट वॉचमैन’ द्वारा बनाया गया यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है.
जेसन गिलेस्पी का बांग्लादेश के खिलाफ दोहरा शतक.
खास बात यह थी कि उन्होंने यह दोहरा शतक अपने 31वें जन्मदिन के मौके पर बनाया था. दिलचस्प यह भी है कि ये उनके करियर का आखिरी टेस्ट मैच साबित हुआ. इसके बाद उन्हें कभी दोबारा ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह नहीं मिली. गिलेस्पी ने 425 गेंदों का सामना किया था और 26 चौके व 2 छक्के लगाए थे. आज भी जब कभी बेहतरीन पुछल्ले बल्लेबाजों की बात होती है, तो गिलेस्पी के इस दोहरे शतक का जिक्र जरूर आता है.
वसीम अकरम
पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने भी एक बार अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों को हालत खराब कर दी थी. उन्होंने साल 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ शेखूपुरा टेस्ट में नाबाद 257 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी. वसीम अकरम ने यह दोहरा शतक नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते हुए बनाया था. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में नंबर 8 या उससे नीचे के क्रम पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 12 छक्के लगाए थे. उस समय एक टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का यह विश्व रिकॉर्ड था.
वसीम अकरम ने बनाए थे नाबाद 257 रन.
पाकिस्तान की टीम एक समय संकट में थी, लेकिन वसीम अकरम ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर न केवल टीम को संभाला बल्कि एक विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. आपको जानकर हैरानी होगी कि वसीम अकरम का यह सर्वोच्च टेस्ट स्कोर (257*) महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (248)* और सुनील गावस्कर (236)* के बेस्ट टेस्ट स्कोर से भी ज्यादा है.
जेसन होल्डर
वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने साल 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिजटाउन (बारबाडोस) टेस्ट में नाबाद 202 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली थी. होल्डर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक बनाने वाले केवल तीसरे खिलाड़ी बने. उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ वसीम अकरम और इम्तियाज अहमद ही कर पाए थे. होल्डर अपनी दमदार गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन वह एक उपयोगी बल्लेबाज भी हैं. वेस्टइंडीज ने पहली पारी में बढ़त ली थी, लेकिन दूसरी पारी में 120 रनों पर 6 विकेट गंवा दिए थे.
यहां से होल्डर ने कप्तानी पारी खेलते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. उन्होंने विकेटकीपर शेन डॉरिच (116*) के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 295 रनों की विशाल और नाबाद साझेदारी की. यह वेस्टइंडीज के लिए सातवें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है. होल्डर ने अपना दोहरा शतक मात्र 229 गेंदों में पूरा किया, जिसमें 23 चौके और 8 शानदार छक्के शामिल थे. उन्होंने अपना शतक केवल 99 गेंदों में ही पूरा कर लिया था.
डेनिस एटकिंसन
वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर डेनिस एटकिंसन की बल्लेबाज से ज्यादा गेंदबाजी के चर्चे रहे. हालांकि, उन्होने एक बार दोहरा शतक जड़ने का कारनामा कर तहलका मचा दिया था. उन्होंने 1955 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिजटाउन (बारबाडोस) टेस्ट में 219 रनों की जादुई पारी खेली थी, जब वेस्टइंडीज की टीम पहली पारी में 147 रनों पर 6 विकेट गंवाकर गहरे संकट में थी, तब एटकिंसन ने क्लेरमोंट डेपेजा के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 347 रनों की विश्व रिकॉर्ड साझेदारी की. यह रिकॉर्ड आज भी टेस्ट क्रिकेट में कायम है.
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 668 रनों का विशाल स्कोर बनाया था. एटकिंसन के 219 रनों की बदौलत ही वेस्टइंडीज इस टेस्ट को ड्रॉ कराने में सफल रहा. डेनिस एटकिंसन उस समय टीम के कप्तान थे. उन्होंने न केवल बल्ले से दोहरा शतक लगाया, बल्कि दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 56 रन देकर 5 विकेट भी चटकाए.


