Mango Farming In Desert : राजस्थान के बाड़मेर का तपता रेगिस्तान, जहां पानी की हर बूंद की कीमत होती है और 45 डिग्री से ज्यादा तापमान आम बात है, वहां आम के बगीचे की कल्पना भी मुश्किल लगती है. लेकिन इसी कठिन जमीन पर रिटायर्ड प्रधानाध्यापक करणीदान ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो किसी प्रेरणा से कम नहीं है. साल 2020 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय एक नया सपना देखा – रेगिस्तान में आम की खेती का. आज उनके खेत में 120 आम के पेड़ और कुल 270 से ज्यादा फलदार पौधे लहलहा रहे हैं. खास बात यह है कि यहां केसर, दशहरी ही नहीं, बल्कि जापान की महंगी मियाजाकी किस्म का आम भी उग रहा है, जिसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंचती है. पानी की भारी कमी के बावजूद करणीदान हर साल लाखों खर्च कर इन पौधों को सींचते हैं. उनका यह प्रयास न केवल खेती में नवाचार की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मजबूत इरादों के आगे रेगिस्तान भी झुक सकता है.


