लखनऊ/नोएडा. नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों की तरफ से शुरू किए गए आंदोलन में धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक भी जुड़ रहे हैं. अब ग्रेटर नोएडा में मौजूद शिव नादर यूनिवर्सिटी (Shiv Nadar University) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी सैलरी बढ़ाने और ओवरटाइम का भुगतान दोगुना करने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के बाहर एकत्र होकर विरोध जता रहे हैं. यह पूरा मामला दादरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात है. कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि और ओवरटाइम भुगतान को लेकर मांग की जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा. फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के बीच बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.
नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. नोएडा में हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा कर दी है. यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी. साथ ही, मई 2026 में एक नया वेज बोर्ड गठित किया जाएगा, जो लंबे समय से लंबित आधारभूत न्यूनतम मजदूरी दरों का पुनर्निर्धारण करेगा. उधर डीएम मेधा रूपम ने भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा या एजेंसी के श्रमिकों द्वारा उपद्रव हुआ तो एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर लाइसेंस रद्द किया जाएगा. इस बीच बुधवार की सुबह एक बार फिर श्रमिक सड़कों पर उतरे. सेक्टर-63 छिजारसी गांव के पास महिला कामगार एकत्रित हुईं। मौके पर तैनात PAC और सुरक्षा बल ने भीड़ को खदेड़ा. सुबह से ही हाई अलर्ट पर है पुलिस.
यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश पर लिया गया है. श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक विकास के साथ-साथ मजदूरों के हितों की रक्षा करना है. उन्होंने पिछले नौ वर्षों में राज्य में मजदूर अशांति न होने का जिक्र करते हुए कहा कि नोएडा के प्रदर्शन को कुछ तत्वों द्वारा भड़काया गया था.
नई अंतरिम मजदूरी दरें (मासिक)
नोएडा/गाजियाबाद क्षेत्र में लगभग 21% बढ़ोतरी की गई है. इसके तहत अकुशल मजदूर की सैलरी 11,313 रुपए से बढ़कर 13,690 रुपए प्रति माह किया गया है. अर्धकुशल मजदूर को 12,445 रुपए से बढ़कर 15,059 रुपए और कुशल मजदूर को 13,940 रुपए से बढ़कर 16,868 रुपए किया गया है. इसी तरह अन्य नगर निगम/नगर पालिका क्षेत्र में अकुशल मजदूर को 13,006 रुपए अर्धकुशल को 14,306 रुपए और कुशल को 16,025 रुपए मिलेगा. शेष जिलों में अकुशल को 12,356 रुपए, अर्धकुशल को 13,591 रुपए और कुशल को 15,224 रुपए मिलेंगे. ये नई दरें महंगाई भत्ते (DA) सहित हैं. इससे पहले 2014 में अंतिम बार आधारभूत मजदूरी तय की गई थी, जिसके बाद केवल महंगाई भत्ता हर छह महीने में बढ़ाया जाता रहा.
12 साल बाद गठित होगा वेज बोर्ड
वेज बोर्ड का गठन 12 वर्षों के अंतराल के बाद हो रहा है. सामान्यतः इसे हर पांच वर्ष में बनाया जाना चाहिए. नया बोर्ड केंद्र सरकार द्वारा जारी फ्लोर वेज के बाद आधारभूत दरों का वैज्ञानिक तरीके से निर्धारण करेगा. इसमें आधारभूत मजदूरी और महंगाई भत्ता को अलग-अलग रखा जाएगा, जो पहले एक साथ होता था. सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर 20,000 रुपए मासिक न्यूनतम मजदूरी की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. अंतिम दरें वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर ही तय होंगी.
बवाल के बाद एक्शन में सरकार
नोएडा फेज-2 में हजारों मजदूरों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने यह त्वरित कदम उठाया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर वेतन भुगतान करें, ओवरटाइम का उचित मुआवजा दें, साप्ताहिक छुट्टी, बोनस और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा महिला कर्मियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें. श्रम मंत्री ने मजदूरों से भी अपील की कि वे किसी की उकसावे में न आएं और कानपुर जैसे उदाहरण से सबक लें, जहां अशांति से उद्योग बंद हो गए थे. यह अंतरिम बढ़ोतरी नए श्रम संहिता के अनुरूप है और मजदूरों को तत्काल राहत प्रदान करेगी. वेज बोर्ड के गठन के बाद न्यूनतम मजदूरी में और बड़े बदलाव की उम्मीद है, जिससे राज्य के लाखों औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को फायदा पहुंचेगा.


