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रूस का भरोसा होर्मुज संकट में भारत को जितना तेल चाहिए देगा

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होर्मुज संकट: भारत के साथ खड़ा हुआ रूस, बोला- जितना तेल चाहिए उतना हम देंगे

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India-Russia Relations: अमेरिका और ईरान के बीच जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. इस कारण इस अहम मार्ग से पूरी क्षमता से तेल की ढुलाई नहीं हो पा रही है. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ गए है. इसका भारत पर भी असर पड़ रहा है. इस बीच रूस ने एक बार फिर भारत के साथ खड़ा होने की घोषणा की है. उसने कहा है कि भारत को जितने भी तेल की जरूरत होगी वह उसकी सप्लाई करेगा.

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भारत में अमेरिका के राजदूत डेनिस अलिपोव और विदेश मंत्री एस जयशंकर. फाइल फोटो- पीटीआई

India-Russia Relations: ईरान और अमेरिका के बीच जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संकट पैदा हो गया है. यहां से तेल की ढुलाई प्रभावित हो रही है. इस मार्ग से दुनिया के 20 फीसदी तेल की ढुलाई होती है. इससे भारत भी अछूता नहीं है. इस बीच भारत के सबसे भरोसेमंद दोस्त रूस नई दिल्ली के साथ खड़ा हो गया है. इस संकट के बीच रूस ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह नई दिल्ली को जितना तेल चाहिए उतना तेल उपलब्ध करवाएगा. रूस के भारत में राजदूत डेनिस अलिपोव ने वियॉन टीवी से विशेष बातचीत में कहा है कि उनका देश भारत को जितनी भी ऊर्जा चाहिए, उतनी सप्लाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि हम भारत को जितना तेल चाहिए, उतना दे सकते हैं.

उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक हालात चाहे जैसे भी हों, हमारी सप्लाई जारी रहेगी. यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल और गैस की शिपमेंट बुरी तरह प्रभावित हुई है. होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिससे गुजरने वाली सप्लाई में भारी कमी आई है. इससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ी हैं और भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को चुनौती मिल रही है.

एलएनजी और एलपीजी की सप्लाई भी बढ़ाने की पेशकश

वियॉन से बातचीत में राजदूत अलिपोव ने जोर देकर कहा कि रूस भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोई कमी नहीं आने देगा. रूस की तरफ से तेल के अलावा एलएनजी और एलपीजी की सप्लाई भी बढ़ाने की पेशकश की गई है. पिछले महीनों में भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीदारी पहले ही काफी बढ़ा दी थी और मार्च में यह आयात 90 प्रतिशत तक उछल गया. अब होर्मुज संकट के बीच रूस का यह नया आश्वासन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी राहत की बात है.

राजदूत अलिपोव ने कहा कि रूस भारत का सबसे भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार है. हमारी साझेदारी राजनीतिक दबाव से ऊपर है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को किसी भी देश की अनुमति की जरूरत नहीं है. वह अपनी जरूरत के अनुसार तेल खरीद सकता है. ऊर्जा सहयोग के अलावा दोनों देशों के बीच अन्य क्षेत्रों में मजबूत सहयोग है. अलिपोव ने बताया कि सितंबर 2026 में भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और वे उम्मीद करते हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सम्मेलन में शामिल होंगे. पिछले साल पुतिन का भारत दौरा हो चुका है. अब इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस दौरे की तैयारी चल रही है. राजदूत ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं. तारीख को लेकर चर्चा जारी है.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें



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