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203 ठेकेदारों पर गिरी गाज, 24 फैक्ट्रियां हुईं ब्लैक लिस्ट, नोएडा हिंसा के बाद तेज हुआ एक्शन

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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद अप प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है. प्रशासन ने 203 ठेकेदारों का लाइसेंस रद्द करने का फैसला किया है. साथ 24 फैक्ट्रियों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया. श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन के आरोप में यह कार्रवाई की गई है.

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नोएडा में हिंसा के बाद प्रशासनिक एक्शन.

नोएडाः उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद शुक्रवार को श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन के आरोप में 203 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द करने और 24 कारखानों में कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डालने की कार्रवाई शुरू की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. श्रम विभाग ने ठेकेदारों को श्रमिकों को 1.16 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान करने का निर्देश भी दिया.

203 ठेकेदारों के लाइसेंस होंगे रद्द
अतिरिक्त श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों को वैधानिक लाभों से वंचित करने के आरोपी ठेकेदारों को नोटिस जारी कर लंबित भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया, “श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 203 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द करने, बकाया वसूलने और कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डालने की कार्रवाई की जा रही है. शेष ठेकेदारों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

तोड़फोड़ में शामिल ठेकेदारों की भूमिका की हो रही जांच
द्विवेदी ने बताया कि उन कुछ ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिनके श्रमिकों पर हालिया श्रम प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ में शामिल होने का आरोप है. यह कार्रवाई गौतम बुद्ध नगर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद की गई है, जिसके बाद सरकार द्वारा नियुक्त एक उच्च स्तरीय समिति ने वेतन में संशोधन की सिफारिश की थी. गौतम बुद्ध नगर और पड़ोसी गाजियाबाद जिलों में सिफारिशों के बाद 74 अनुसूचित रोजगारों में लगे श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू की गई है.

7 से 10 मई के बीच नई दरों पर होगा भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि संशोधित वेतन एक अप्रैल से प्रभावी हो गया है और नई दरों के आधार पर भुगतान सात से 10 मई के बीच किया जाएगा. बढ़ा हुआ वेतन संविदा और स्थायी दोनों श्रमिकों पर लागू होगा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के अलावा वेतन से कोई कटौती नहीं की जाएगी तथा किसी भी उल्लंघन पर श्रम कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने यह भी बताया कि श्रमिकों को मानक दर से दोगुनी दर पर ओवरटाइम, बोनस और ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें





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